एक खत देश के प्रधानमंत्री के नाम 

आदरणीय प्रधानमंत्री जी और माननीय अमितशाह जी,

महेश्वर कुमार

आपके नोट बदलने के फैसले को हम जनता नें सर आँखों पर बैठाया और सपोर्ट भी खूब किया और लगा कि यूपी चुनाव अकेले इस एक मुद्दे से ही भाजपा जीत जायेगी। लेकिन आपके एक निर्णय ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. 

पॉलिटिकल पार्टियों को अपने खाते में जितनी मर्जी रूपये जमा करने और कोई टैक्स नहीं लगने के फैसले ने हमें बहुत आहत किया है। जनता पहले से ज्यादा जागरूक और सचेत हो गई है और वो इस निर्णय का मतलब बखूबी समझ रही है. आज मै स्वयं दिल्ली के कई इलाके में अपने काम के सिलसिले में गया तो पाया कि हर जगह यही चर्चा की भाजपा की उलटी गिनती शुरू हो गई है।
दरअसल आपके इस एक फैसले ने मोदी सरकार की साख पर बट्टा लगाने का काम किया है। सब जगह यही चर्चा है कि जनता सारे टैक्स दे और नेता उसपर सिर्फ अय्याशी करें। बताएँगे कि सारी सख्ती सिर्फ जनता के लिए हीं क्यों है? 
सर ज़ी न्यूज़ पर अभी डिबेट चल रही थी , उसमें नरसिंम्हा जी पार्टी के तरफ से थे. लेकिन जनता के सवालों ने उनकी बोलती बंद कर दी थी । तो सर अब भी समय है,अगर यूपी और आगे का चुनाव जीतना है तो जनता और नेताओं के बीच के इस भेद भाव पूर्ण फैसले पर दुबारा विचार करें। 
सादर धन्यवाद, 
महेश्वर कुमार। 
(देश के प्रति जागरूक और मोदी जी के कार्यों से प्रभावित एक जागरूक नागरिक।)

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