उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ आज मुख्यमंत्री पद पर आसीन हो गए. लेकिन इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार मनोज सिन्हा कहीं नज़र नहीं आये. मीडिया में इसे लेकर कई तरह के कयास लगाये गए.भू-मंत्र डॉट कॉम ने भी इस संदर्भ में अपने विश्वस्त सूत्रों के जरिये पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश की.
सूत्रों के हवाले से हमें जो जानकारी मिली उसके मुताबिक़ मनोज सिन्हा को शपथ ग्रहण समारोह में आने का निमंत्रण मिला था लेकिन उन्होंने जाने से मना कर दिया और गाजीपुर में ही रहे. उन्होंने अपने समर्थकों को भी शपथ ग्रहण समारोह में जाने से मना कर दिया.यही वजह रही कि मनोज सिन्हा के साथ-साथ उनके समर्थक भी शपथ ग्रहण समारोह में नज़र नहीं आये.
स्पष्ट है कि ऐसा मनोज सिन्हा ने नाराजगी में किया और उनकी ये नाराजगी जायज भी है.उनकी इस नाराजगी की खबर हाईकमान को भी है और यही वजह रही कि भाजपा के अध्यक्ष ‘अमित शाह’ ने खुद फोन करके मनोज सिन्हा को शांति बनाये रखने की अपील की.
उन्होंने कहा कि वे अपने समर्थकों को शांत रहने को कहें और किसी भी तरह के धरने – प्रदर्शन को रोके. यही वजह है कि अबतक गाजीपुर से लखनऊ तक के मनोज सिन्हा के समर्थक मन मसोस कर शांत बैठे हुए हैं. लेकिन ये आक्रोश कब ज्वालमुखी बनकर फूट जाए कोई नहीं जानता. क्योंकि गाजीपुर की जनता को लगता है उसके प्रतिनिधि के साथ अन्याय हुआ है और भाजपा ने उम्मीद दिखा कर उन्हें छला है.
ज़मीन से ज़मीन की बात
www.bhumantra.com



