केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा और किरण रिजिजू तवांग जायेंगे, रेल नेटवर्क की संभावनाएं तलाशेंगे
अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन और भारत में लंबे समय से तनातनी है.चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना हक़ लंबे समय से जताता रहा है और उसे जब भी मौका मिलता है तो अतिक्रमण से चूकता नहीं. इसी के मद्देनज़र भारत सरकार ने इस क्षेत्र को रेल लाइन से जोड़ने की योजना बनायी है और तवांग तक रेल नेटवर्क तैयार करने का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है और इसकी संभावना तलाशने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा और किरण रिजिजू को सौंपी गई है.
गौरतलब है कि तवांग रेल नेटवर्क का रणनीतिक और सामरिक महत्व भी है. रेल नेटवर्क की संभावनाएं तलाशने के लिए शनिवार को दोनों मंत्री अरुणाचल प्रदेश जाएंगे. मौजूदा समय में असम के आखिरी रेलवे स्टेशन भालूखपोंग से लेकर तवांग तक बनने वाली रेलवे लाइन के लिए यहां संभावना तलाशी जाएगी. इन दोनों के बीच करीब 378 किमी की दूरी है.सड़क मार्ग से इस दूरी को पूरा करने में करीब 18 घंटे का समय लगता है. यहां का सबसे नजदीक और बड़ा स्टेशन गुवाहाटी है. लिहाजा किसी तरह की इमरजेंसी में यहां के लोगों को इस पर ही निर्भर भी रहना होता है. अपने दौरे के दौरान दोनों मंत्री स्थानीय लोगों से भी मुलाकात करेंगे.


