bindeshar pathak
23 अप्रैल को जेएनयू कैम्पस में मौका था महान शिक्षाविद और ऑक्सफोर्ड की तर्ज पर बने लंगट सिंह कॉलेज के संस्थापक श्री लंगट बाबू को याद करने का. इस मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों के एक से बढ़कर एक दिग्गज मौजूद थे और सबने लंगट सिंह को याद करते हुए समाज में शिक्षा के महत्व पर बातचीत की. लेकिन अजब नज़ारा तब पेश हुआ जब कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक ‘बिंदेश्वर पाठक’ मंच पर आये. ऑडिटोरियम में बैठे श्रोताओं को उम्मीद थी कि पाठक जी अपने अध्यक्षीय भाषण में बाबू लंगट सिंह को याद करते हुए शिक्षा के महत्व पर रौशनी डालेंगे. 
लेकिन वहां उपस्थित लोग तब अवाक रह गए जब बिंदेश्वर पाठक विषय पर बोलने की बजाए सुलभ इंटरनेशनल की मार्केटिंग करने में लग गए. अध्यक्षीय भाषण को भूलाकर वे सुलभ इंटरनेशनल का एक तरह से प्रेजेंटेशन देने लगे. पूरे भाषण के दौरान वे लगातार ऐसा ही करते रहे . उधर श्रोताओं के बीच खुसर-फुसुर शुरू हो गयी कि अध्यक्ष महोदय लंगट बाबू को याद करने आये हैं या सुलभ इंटरनेशनल का प्रचार करने? 
बहरहाल पूरा प्रचार कार्य करने के बाद ही उनका अध्यक्षीय भाषण समाप्त हुआ और उधर उनके शौचालय ज्ञान से पब्लिक त्राहिमाम – त्राहिमाम कर उठी. कुछ शौचालय चले गए तो कुछ सर पकड़कर बैठ गए. आयोजनकर्ता की क्या हालत हुई, इसका तो अंदाजा भी लगाना मुश्किल है. ऐसे अध्यक्षीय भाषण से तौबा-तौबा. इतने बड़े और सफल आदमी की प्रचार की ये भूख ताज्जुब में डाल गयी. इस भूख में अध्यक्षीय गरिमा का भी उन्हें भान नहीं रहा. बहरहाल देखिये लंगट बाबू के मंच पर सुलभ इंटरनेशनल का प्रचार करते बिंदेश्वर पाठक : 

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