Jan 09
साभार – दैनिक जागरण
गया । ‘नूरे हक का कोई सिलसिला चाहिए, हर अंधेरे को कोई जलता हुआ दीया चाहिए, हम जीए तो जीए दूसरों के लिए, जिंदगी में यही एक फलाफल चाहिए।’ उक्त उद्ेश्य को लेकर भूमिहार समाज को साथ संगठित करने का बीड़ा उठाया है- भूमिहार एकता मंच ने।
मंच के संयोजक धीरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को एक होटल में प्रेस वार्ता में कहा कि समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। इस इतिहास को पुनर्जीवित करने के उद्ेश्य से आगामी 8 फरवरी को स्थानीय आजाद पार्क में भूमिहार समाज का एक ऐतिहासिक सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें राजनीतिक दल से ऊपर उठकर भारत सरकार एवं बिहार सरकार के मंत्रिमण्डल में शामिल भूमिहार समाज के कर्णधार मंच के सम्मेलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 15 साल तक बिहार इस समाज नें संघर्ष किया था। ‘कुशासन’ से मुक्ति दिलाने में इस समाज का योगदान रहा है।
मंच के नेताओं ने समाज के सामने छह सूत्री उद्ेश्य को रखा है। भगवान परशुराम के नाम प्रत्येक जिले में आश्रम की स्थापना करना, स्वामी सहजानंद के नाम से ट्रस्ट बनाना, सर गणेश दत्त के नाम पर जिले में +2 आवासीय विद्यालय की स्थापना करना, प्रथम मुख्यमंत्री डा. कृष्ण सिंह के नाम पर जिले में सौ शैया वाली अस्पताल का निर्माण कराने के लिए सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में कई केंद्रीय मंत्री, सांसद विधायक, राजनीतिक दल के नेताओं ने शामिल होने की स्वीकृति दिया है।



