langat babu smriti samaroh
शिक्षा के क्षेत्र में भूमिहार ब्राह्मण समाज का योगदान अतुलनीय रहा है. शिक्षा की लौ जलाने वाले ऐसी ही एक विभूति स्व.लंगट बाबू है. उन्होंने मुजफ्फरपुर में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की तर्ज पर लंगट सिंह कॉलेज (एल . एस .कॉलेज) की स्थापना की थी. इस ऐतिहासिक कॉलेज में डॉ.राजेन्द्र प्रसाद(देश के पहले राष्ट्रपति), आचार्य जे.बी.कृपलानी(अध्यक्ष कांग्रेस), राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर आदि जैसी विभूतियों ने अध्यापन कार्य किया था.गौरतलब है कि महात्मा गांधी की चंपारण यात्रा की रुपरेखा भी यही बनी थी और स्वयं महात्मा भी यहाँ आकर ठहरे थे. इसी ऐतिहासिक कॉलेज के संस्थापक लंगट बाबू की स्मृति में हर साल दिल्ली में ‘लंगट बाबू स्मृति समिति’ एक कार्यक्रम आयोजित करती है और साथ में शैक्षिक विषयों पर परिचर्चा का भी आयोजन करती है. इस बार जवाहरलाल नेहरु वि.वि. में 23 अप्रैल को कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस समृति समारोह के आयोजनकर्ता ‘ब्रजेश कुमार’ ने आमंत्रण पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा – 

सादर निमंत्रण : 

लंगट बाबु स्मृति समारोह एवम परिचर्चा शिक्षा में समाज की भूमिका, कार्यक्रम का आयोजन दिनांक २३ अप्रैल 2017 को दोपहर 2:30 बजे से जवाहरलाल नेहरु विश्वविधालय के समाजिक विज्ञानं सभागार संख्या -1 दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है ! साहस, संकल्प और संघर्ष की बहुआयामी जीवन जीनेवाले बाबु लंगट सिंह का जन्म वैशाली,बिहार जिले के धरहरा गाव के एक निर्धन परिवार में हुआ निर्धनता के कारण वो पढाई नहीं कर पाए और लंगट बाबु जीविका की तलाश में कम उम्र में ही निकल पड़े और उन्हें वहा शिक्षा के महत्व का पता चला साधारण मजदूर से अपनी कठोर मेहनत,बुद्धि और विश्वसनीयता के बल पर अपनी एक पहचान स्थापित की ! आज से ढेढ़ सौ वर्ष पहले काशी के उतरी तट पर तब कोई कॉलेज नहीं था। हाई स्कूल के संख्या न के बराबर थी। तब उस महान व्यक्ति “लंगट बाबु ” ने उच्च शिक्षा के लिए मुजफ्फरपुर में कॉलेज की स्थापना के स्वप्न को साकार किया ! ऐसे में “लंगट बाबु स्मृति समिति ” द्वारा एक कोशिश की गयी है एक ऐसे महान इंसान याद करने की जिसने 1899 मे शिक्षा का एक ऐसा दीपक जलाया जिस से आज भी अनेक लोगो की जिंदगी में शिक्षा की रौशनी फ़ैल रही है ! इस अवसर पे आप सादर आमंत्रित है ! 
 आयोजक लंगट बाबू समृति समिति 
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https://www.facebook.com/events/155256018332832/ 
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