बिहार के आरा जिले में शुक्रवार तडके रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या कर दी गयी. किसी इंसान को मारने के लिए एक गोली या फिर ज्यादा-से-ज्यादा 4-5 गोलियाँ काफी है. लेकिन IBN-7 की माने तो मुखिया को 40 गोलियां मारी गईं.
हत्या के प्रतिशोध में हत्या और नरसंहार के बदले एक और नरसंहार. वर्षों से यहाँ यही होता आया है. हत्या किसी की भी हो , इंसानियत ही शर्मसार होती है. हत्या के प्रतिशोध में हत्या और फिर ………. सिलसिला थमता नहीं. सभ्य समाज के लिए खतरनाक संकेत.
मुश्किल यह है कि इस हत्या के बाद इसपर जमकर सियासत होगी और उस क्षेत्र में जहाँ पिछले काफी समय से कोई बड़ी वारदात नहीं हुई , आशंका है कि एक बार फिर से हत्या और नरसंहार का दौर कहीं शुरू न हो जाए.



