मोहम्मदाबाद(उ.प्र.)– पूरा क्षेत्र जिसकें नाम से काँपता हो, उसके सामने कोई स्त्री खड़ी होकर चुनौती पेश करे तो ये हिम्मत की बात है.उत्तरप्रदेश के संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र ‘मोहम्मदाबाद’ से भाजपा की प्रत्याशी अलका राय कुख्यात माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के परिवार के सामने ऐसी ही चुनौती पेश कर रही हैं और इस चुनौती से निपटने के लिए अंसारी परिवार को एड़ी – चोटी का पसीना एक करना पड़ रहा है. 
मोहम्मदाबाद में अंसारी परिवार का घर ‘फाटक’ के नाम से मशहूर है जहाँ से वे सालों से मोहम्मदाबाद पर राज कर रहे हैं.पूरे क्षेत्र में उनके सामने चुनौती पेश करने वाला कोई नहीं. ऐसे में स्व.कृष्णानंद राय सामने आए और अंसारी भाइयों के सामने कड़ी चुनौती पेश की.फिर तो उन्हें हरा कर ही दम लिया. लेकिन राजनीति की जंग AK47 की गोलियों पर जाकर खत्म हुआ जिनपर कृष्णानंद राय का नाम लिखा था. कायरों ने उन्हें शहीद कर दिया. 
लेकिन जंग उसके बाद भी जारी रही और इस जंग को जारी रखा स्व.कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने. उन्होंने उसके बाद हुए उपचुनाव में न केवल अंसारियों को चुनाव में शिकस्त दी, बल्की मुख्तार अंसारी को सलाखों के पीछे पहुँचाया भी. पिछले कई सालों से मुख्तार अंसारी स्व.कृष्णानंद राय की ह्त्या के आरोप में जेल में बंद है और मामला अदालत में चल रहा है. ये अलका राय के अदम्य साहस और जीवटता का परिचायक है. उन्होंने अपनी जान पर खेलकर मुख्तार अंसारी और अंसारी परिवार से टक्कर ली और उसे एक मुकाम तक पहुँचाया. ये बात अलग है कि चुनाव में उन्हें मोहम्मदाबाद की जनता का उतना साथ पहले नहीं मिला.लेकिन इस बार मोहम्मदाबाद की फिजा बदली-बदली सी नज़र आ रही है. जनता हत्यारों के खिलाफ अलका राय की जंग को समझ रहे हैं और इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार मोहम्मदाबाद का चुनाव परिणाम कुछ और ही होगा.

ज़मीन से ज़मीन की बात
 www.bhumantra.com