केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा हाल में सुर्ख़ियों में रहे. चुकी उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका नाम सबसे आगे चल रहा था तो लगातार समाचार चैनलों पर वे छाए रहे. भले बाद में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया हो लेकिन मनोज सिन्हा को जो मीडिया अटेंशन मिला, उससे उनकी लोकप्रियता में चार चाँद लग गए. क्योंकि मीडिया ने अपनी कवरेज में मनोज सिन्हा की सकरात्मक छवि पेश की और खूबियाँ ही खूबियाँ गिनाई. मीडिया ने उन्हें सबका साथ, सबका विकास के पीएम मोदी के नारे को ज़मीन पर उतारने के लिए सबसे उपयुक्त माना. बहरहाल उनकी लोकप्रियता में अचानक आए इस उछाल से उनके कई छुपे-अनछुपे दुश्मन पैदा हो गए हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर प्रोपगेंडा भी शुरू कर दिया. हाल में जब योगी आदित्यनाथ ने गुटखा-तंबाकू पर प्रतिबंध लगाया तो अचानक सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई जिसमें मनोज सिन्हा को गुटखा खाते हुए प्रोजेक्ट किया गया. भू-मंत्र डॉट कॉम ने इस तस्वीर का वायरल सच जानना चाहा और फिर हमारी पड़ताल शुरू हुई. पड़ताल में हमें पता चला कि केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा तो गुटखा/तंबाकू खाते ही नहीं है.वे सिर्फ बनारसी पान खाते हैं। सोशल मीडिया पर जिस तस्वीर को शेयर किया गया, उसमें दरअसल वे दवाई खा रहे थे. लेकिन उनकी छवि खराब करने की नीयत से साजिशन इसे दूसरा रूप दे दिया गया. यह तस्वीर झूठ निकली. मनोज सिन्हा दवाई खा रहे थे तंबाकू रूपी जहर नहीं. उस तस्वीर का वायरल सच यही है.

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