नई दिल्ली | आजादी आन्दोलन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता और किसानो के मसीहा स्वामी सहजानंद सरस्वती की 128 वीं जयंती पर दिल्ली के मावलंकर हॉल में शुक्रवार (24 फरवरी) को आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा की सहजानंद सरस्वती हमेशा पूजे जायेंगे | वे महान चिन्तक और उपेक्षित लोगों के मसीहा थे | ऑल इंडिया स्वामी सहजानंद सरस्वती फाउंडेशन द्वारा आयोजित जयंती समारोह की अध्यक्षता फाउंडेशन के अध्यक्ष और सांसद डॉ.अरुण कुमार ने की |
जहानाबाद के सांसद और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा की सहजानंद जी एक प्रकाश पुंज थे | स्वतंत्रता सेनानी और गांधी जी व् सुभाष चन्द्र बोस सरीखे देशभक्तों के साथ अन्याय के खिलाफ प्रहार करने में मशहूर सहजानंद दुनिया के वंचित शोषित और सत्ता से पीड़ित लोगों के साथ हमेशा खड़े होते थे | संसद में पहली बार स्वामी जी पर एतिहासिक भाषण देने का गौरव मुझे प्राप्त हुआ तभी लगा की देश के लोग उन्हें इस आदर के साथ याद करते हैं | एक खास राजनीतिक दल की सरकार ने स्वामी जी की कृतियों को भले ही ओझल करने की कोशिश की हो लेकिन दिल्ली के एतिहासिक तीनमूर्ति संग्रहालय में स्वामी जी का देश के लोगों के नाम तीन हजार पत्र (3000) हमारी धरोहर है |
डॉ.अरुण कुमार ने कहा की सत्ता किसी के हाथ में हो सहजानंद जी किसी विचार से प्रभावित नहीं हुए बल्कि स्वंय एक विचार थे | आज किसान ठगे जा रहे है, वे आत्महत्या कर रहे हैं, उनके अनाज की कोई कीमत नहीं आँकी जा रही है | रिलायंस जैसे पूंजीपतियों की गोदाम में किसान का सामान जा रहा है, किसान ने खुद घर को छोड़कर खुद बाजार का गुलाम बना लिया है | यह राष्ट्र के लिए अच्छा नहीं है | इस समय में सहजानंद जी इसलिए याद किये जाते है कि वे साम्राज्यवाद का विरोध करते हुए हमेशा किसानों के पक्षधर बने रहे और आजीवन यह कहते रहे की किसान बचेगा, खेत खलिहान बचेगा तो देश बचेगा |
बिहार,उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, झारखण्ड सहित देश के अन्यभागो से आये किसानो और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सांसद कुमार ने कहा की आज पूरा देश स्वामी जी को भारतरत्न देने की मांग कर रहे है और लोगों की इस भावना को वे केंद्र सरकार और गरीबों की चिंता करने वाले प्रधानमंत्री तक पहुचाएंगे | इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से किसानो के लिए एक बार कर्ज माफ़ी की मांग की ताकि उन्हें कृषि सब्सिडी के नाम पर जो इधर उधर करना पड़ रहा है उससे मुक्ति मिल सके |
कुमार ने कहा की राष्ट्रकवि दिनकर पर स्वामीजी के विचारों का गहरा प्रभाव पड़ा था | इसलिए दिनकर की कविताओं में गाँव की मिट्टी की महक है, भारतीय संस्कृति गरीबी एवं वेवशी में पले किसान मजदूर की पीड़ा है | स्वामी जी की लेखिनी किसान आन्दोलन को समर्पित था और उसी की झलक दिनकर की रचनाओ में मिलती है | आजादी के इस सुरमा को भले ही यह देश समय समय पर याद करता हो पर जबतक किसानी रहेगा मजदूरों की दुर्दशा और शोषण होता रहेगा समाज में हमेशा स्वामी सहजानंद सरस्वती याद किये जायेंगे |
इससे पहले केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा की आजादी की लड़ाई में सहजानंद जी का योगदान अहम् था | उनके इस एतिहासिक योगदान का फल है की खेतिहर समाज और किसान की अद्वितीय शक्ति और उर्जा समाज और राजनीती में प्रभावी तौर पर परिलक्षित हो रही है | इतिहास की ऐसे ही शख्सियत की विचार से हमें वर्तमान और भविष्य दोनों काल खंडो में परिवर्तन की दिशा और मार्गदर्शन मिलता रहता है |
भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता अनिल तालान ने कहा की जबतक किसानो पर जुल्म होते रहेंगे, सत्ता पर बैठे लोग चैन नहीं ले सकते हैं | इसलिए किसानो की दुर्दशा पर रास्ट्रीय राजनीति के केंद्र बिंदु के रूप में सांसद अरुण कुमार की अगुवाई में काम करने की जरुरत है | उन्होंने सहजानंद जी की जयंती के बहाने किसान आन्दोलन को देश भर में चलाने की जिम्मेबारी अरुण कुमार को देते हुए इसे आगे बढ़ाने की मांग की है | इस मौके पर पूर्व एम.एल.सी रामाशीष राय, विज्ञान स्वरुप राष्ट्रीय अध्यक्ष जॉर्ज विचार मंच, ओमप्रकाश बाँध, विनोद चौधरी निषाद,हुमायूँ अंसारी,अनवर अहमद, मंच संचालक राम पुकार सिन्हा,शिव कुमार अजय राय, सोनू आदि सैंकड़ो कार्यकर्त्ता मौजूद थे |



