स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की अगुवाई करने वाले प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 129वीं जयंती एसकेजे लॉ कॉलेज में गुरुवार को मनाई गई.
मुजफ्फरपुर। स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की अगुवाई करने वाले प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 129वीं जयंती एसकेजे लॉ कॉलेज में गुरुवार को मनाई गई। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. उषा किरण खान ने कहा कि श्रीबाबू ने स्त्री शिक्षा की अलख जगाई थी। उन्होंने दरभंगा में महिला छात्रावास की स्थापना कराई। कई कॉलेज भी स्थापित किए। वे कहते थे कि बिना स्त्री शिक्षा के समाज में जागरुकता नहीं आएगी।
विशिष्ट अतिथियों में एमडीडीएम की प्राचार्य डॉ. ममता रानी, पटना के कॉमर्स विभाग की ¨हदी की प्राध्यापक डॉ. नीलिमा सिंह, एएन कॉलेज इतिहास विभाग की माला सिंह, जेडी वीमेंस कॉलेज, अर्थशास्त्र विभाग की प्रो. नंदिनी मेहता ने श्रीकृष्ण सिंह के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षता कर रहीं शाही फाउंडेशन की सचिव डॉ. उज्जवला मिश्र ने कहा कि उन्हें जन सेवा पर पूरा विश्वास रहता था। विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान उनको अपनी जनता पर इतना भरोसा था कि वोट मांगने कही नहीं गए। मुख्यमंत्री पद के लिए नेता विधायक दल का चुनाव होने पर वे अपना वोट डालने नहीं गए थे। इतना आत्मविश्वास उनमें था। आज श्रीबाबू के बताए रास्ते पर चलकर ही विकास की गति को तेज कर बिहार को देश का अग्रणी राज्य बना सकते हैं।
मेहमानों का स्वागत लॉ कॉलेज के प्राचार्य जयंत कुमार ने किया। संचालन उप प्राचार्य ब्रजमोहन आजाद ने किया। यहां अरविंद कुमार सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजनारायण राय, प्रो. अनिता सिंह, प्रो. नीलिमा, एलपी शाही कॉलेज के प्राचार्य सुनील कुमार, कॉलेज के प्राध्यापकों में डॉ. एसपी चौधरी, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. आस्था सुमन आदि मौजूद रहे।
(जागरण से साभार)



