पटना > राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का परिवार आज अपने ही घर को खाली करवाने के लिए गुहार लगाने को विवश है। दिनकर के परिजनों ने राज्य के उपमुख्यमंत्री के परिजनों पर आरोप लगाया है कि वे ‘दिनकर भवन’ के एक हिस्से को खाली नहीं कर रहे हैं।

दिनकर के पौत्र अरविंद कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि महेश मोदी दिनकर आवास में एक दवा की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि पटना के मछुआ टोली स्थित इस आवास के कुछ हिस्सों को उन्हें भाड़े पर दिया गया था परंतु इसका इकरारनामा पिछले वर्ष ही समाप्त हो गया है। इस मकान को खाली करने के लिए महेश से कई बार कहा गया परंतु वह इसे खाली नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार में वह कई वरिष्ठ अधिकारियों तथा मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री तक से इसकी गुहार लगा चुके हैं परंतु इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि महेश अब उन्हीं के परिजनों को धमकी दे रहे हैं।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के एवं राष्ट्रीय जनता दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने शुक्रवार को कहा कि दिनकर के परिजन ‘दिनकर भवन’ खाली करवाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक से गुहार लगा चुके हैं परंतु कब्जा करने वाले उप मुख्यमंत्री के रिश्तेदार हैं इस कारण कब्जा नहीं हटवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह दिल्ली में साहित्यकार विष्णु प्रभाकर के मकान पर किसी ने कब्जा कर लिया था। मामला जब संसद में उठा तो सरकार हरकत में आई और मकान खाली करवाया गया। सिद्दीकी का कहना है कि जब दिल्ली में ऐसा हो सकता है तो बिहार में क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि वह खुद मुख्यमंत्री को इस मामले में पत्र लिखेंगे और दिनकर भवन को कब्जे से मुक्त कराने की मांग करेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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