ये नोटों की माया ही है कि पूरा देश इसी मायाजाल पर आज बात कर रहा है.खबरिया चैनेलों के स्क्रीन पर या विपक्षी नेताओं की जुबान सबपर नोटबंदी का असर दिख रहा है.नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के कड़क फैसले के बाद धनपशुओं की हालात पतली है तो आम लोग दिक्कत सहने के बाद भी मुस्कुरा रहे हैं और बिन मांगे ही पीएम मोदी को सुधार के लिए समय दे चुके हैं.
पीएम मोदी भी अपने फैसले को लेकर आत्मविश्वास में दिख रहे हैं.ये उनका आत्मविश्वास ही था कि इतने बड़े फैसले के बाद वे तुरंत जापान चले गए और सफलतापूर्वक यात्रा सम्पन कर वापस लौट आए.फिर नोट की चोट देने के बाद गोवा जाकर अपने भाषण से ब्लैकमनी जमा करने वालों पर चोट की और बराबर चोट करते जा रहे हैं. इसी कड़ी में जब आज वे उत्तरप्रदेश के गाजीपुर में एक रैली को संबोधित किया तो यहाँ से भी कड़क चोट की और कहा – “मेरा फैसला कड़क है लेकिन मैं चाय भी कड़क ही बनाता था और आप जानते ही है कि गरीबों को कड़क चाय पसंद है जबकि अमीर ऐसी चाय देखकर मुंह बनाते है.” 
प्रधानमंत्री के इस बयान पर गाजीपुर की रैली में जमकर तालियाँ बजी और लोग अनायास कह उठे कड़क नोट पर कड़क मोदी की कड़क चाय! वाह-वाह.

ज़मीन से ज़मीन की बात – भू-मंत्र