-हरेश कुमार- 

Indian National Congress गांधी-नेहरू परिवार के नेतृत्व में सिर्फ महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के अलावा गिने-चुने कुछ अन्य नेताओं की ही जन्मतिथि और पुण्यतिथि मनाती रही है। लगातार पांच चाल तक देश के प्रधानमंत्री रहे पी.वी.नरसिम्हा राव की जन्मतिथि या पुण्यतिथि मनाना कांग्रेसी परंपरा में शामिल नहीं है। 
हकीकत यह है कि कहीं आलाकमान नाराज हो जाएं तो राजनीति की दुकान भी बंद हो जाएगी मनाने वाले नेताओं की। अभी तो यही स्थिति है। ऐसा कहने के पीछे कारण यह है कि जिस मनमोहन सिंह को पीवी नरसिम्हा राव ने वित्त मंत्री बनाकर आर्थिक उदारीकरण को लागू करने का जिम्मा दिया और खुली छूट दी वो भी उनके निधन के बाद श्रद्धांजलि व्यक्ति करने तक नहीं गए, फिर दूसरों से उम्मीद क्यों? क्योंकि वो सोनिया गांधी के रिमोट के तौर पर दस साल तक देश के पीएम रहे और इस दौरान उन्होंने पीएम पद की गरिमा को तहस-नहस कर दिया। 
देश की राजनीति को निम्न स्तर तक पहुंचाने में कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार का सबसे बड़ा योगदान है। उन राजनीतिज्ञों को लूट की खुली छूट दी गई जो गांधी-नेहरू परिवार के आगे नतमस्तक थे। चाहे वो लालू प्रसाद यादव हो या उत्तर, दक्षिण या पश्चिम का कोई और नेता। बस एक ही शर्त है गांधी-नेहरू परिवार के प्रति निष्ठा बनी रहनी चाहिए, बाकी आप राज्य या केंद्र में देश की संपदा लूटने के लिए स्वतंत्र हैं। आज यह पार्टी और इसके चमचे विधवा विलाप कर रहे हैं। (पत्रकार हरेश कुमार के फेसबुक वॉल से साभार)

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