मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही. सुप्रीम कोर्ट से सीसीए पर रोक के बाद जमानत की जो उम्मीद जगी थी उसपर जीतन राम मांझी धमकी काण्ड ने तुषारपात कर दिया. इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति अदालत के प्रभारी न्यायाधीश अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम सच्चिदानंद सिंह की अदालत में अनंत सिंह की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई.
सुनवाई के बाद अदालत ने अभियाेजन पक्ष से केस डायरी की सीडी की मांग की. 16 फरवरी, 2015 काे पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के भांजे उपेंद्र मांझी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. उसने कहा था कि 11 फरवरी, 2015 काे एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल पर माेकामा विधायक अनंत सिंह ने उनके मामा पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी काे नीचा दिखाने व प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उनके लिए अपशब्द कहे थे.
प्राथमिकी में कहा गया था कि 14 फरवरी काे भी एक अन्य न्यूज चैनल पर इसी घटना की पुनरावृत्ति की गयी. सुनवाई के बाद उन्हें गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया. देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले में क्या होता है.



