Mashrum Girl Anupama

समाज की बेटी की सफलता की कहानी :

सीतामढ़ी: आमतौर पर धारणा है कि किसानी का काम पुरुषों के जिम्मे है, लेकिन अगर आप जगत जननी सीता मां की जन्मस्थली सीतामढ़ी से गुजर रहे हों और कोई लड़की महिलाओं को इकट्ठा कर किसानी का गुर बताती नजर आए तो चौंकिएगा नहीं. सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड के र्बी बेहटा गांव की रहने वाली अनुपम कुमारी ऐसी लड़की है, जो आज कृषि क्षेत्र में पुरुषों से कंधा से कंधा मिलाकर काम कर रही है.

अनुपम के इस जुनून ने न केवल उनके वजूद को नाम दिया है, बल्कि कई महिलाओं ने भी उनकी प्रेरणा से चूड़ियों से भरे हाथों में कुदाल थाम लिया है. यही कारण है कि आज इस क्षेत्र में अनुपम की पहचान ‘मशरूम गर्ल’ के रूप में की जाती है.

केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए सम्मानित अनुपम ने बताया कि जब सभी क्षेत्रों में महिलाएं और लड़कियां सफल हो रही हैं, तो कृषि क्षेत्र में लड़कियां क्यों नहीं सफल हो सकतीं.

स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने वाली अनुपम प्रारंभ से ही कुछ अलग करना चाहती थीं. इसी कारण उन्होंने कृषि क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने को अपना मुकाम बनाया. किसान पिता उदय कुमार चौधरी की पुत्री होने के कारण जन्म से ही अनुपम ने खेती-बारी को नजदीक से देखा था. कुछ अलग करने की चाहत ने उसे कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचा दिया और वहां उसने मशरूम उत्पादन एवं केंचुआ खाद उत्पादन विषयक प्रशिक्षण प्राप्त की और उसके बाद तो मानो यह पूरे गांव की महिलाओं की प्रशिक्षक बन गईं. अनुपम ने गांव में ही नहीं, जिले के विभिन्न प्रखंडों के गांवों में महिलाओं को इकट्ठा कर उन्हें मशरूम उत्पादन के गुर सिखाने लगीं.

अनुपम को कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने 22 फरवरी को पटना में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी क्षेत्र की ओर से आयोजित 18वें स्थापना दिवस समारोह में प्रशस्ति पत्र देकर हौसला अफजाई की थी. इससे पूर्व, गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ़ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर में आयोजित कार्यक्रम में वहां के कुलपित डॉ. आऱ सी़ श्रीवास्तव द्वारा ‘अभिनव किसान’ से अनुपम को सम्मानित किया गया था.

(ज़ी न्यूज़ से साभार)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here