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एक अदद सम्मान के लिए तरसते रुस्तम-ए-हिंद झारखण्डे राय, केंद्र और राज्य सरकार मौन!

jharkhandey rai
सम्मान अब सियासत के रहमोकरम पर है. अपने ज़माने के धाकड़ पहलवान झारखंडे राय मामले में राज्य और केंद्र सरकार कुछ ऐसा ही माजरा पेश कर रही है. वैसे झारखण्डे राय किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। हिंदुस्तान में कुश्ती का ऐसा कोई तमगा नहीं जिसे झारखण्डे राय ने हासिल नहीं किया हो। लेकिन नामचीन पहलवान होने के बावजूद झारखण्डे राय मन से न सिर्फ किसान-पुत्र बल्कि पूरी तरह से सीधे सरल किसान ही बने रहे। हालांकि उनको बनारस के डीजल रेल इंजन कारखाने (DLW) में गुजारे की एक नौकरी जरूर मिल गई लेकिन वो चाहते तो इससे भी ज्यादा कुछ हासिल कर सकते थे। जिस देश में इनसे कम प्रतिभा के लोग खेल और राजनीति के सितारे बन गए उसी देश में झारखण्डे राय को उत्तर प्रदेश या केंद्र सरकार से आजतक कोई सम्मान नहीं मिल सका। यूं तो श्री झारखण्डे राय का कद किसी भी सम्मान से बहुत ऊंचा है और उस सम्मान से देने वाले का ही मान बढ़ता। फिर भी क्या ये देश का नाम रोशन करने वाली एक प्रतिभा की उपेक्षा नहीं है ? इसलिए भूमंत्र प्रदेश सरकार से रुस्तम-ए-हिंद श्री झारखण्डे राय जी के लिए ‘यश भारती’ और केद्र सरकार से ‘पद्म पुरस्कार’ की पुरजोर मांग करता है. 

रुस्तम ए हिंद झारखंडे राय पहलवान : भारत होनहार पहलवानो में से एक झारखंडे राय पहलवान . 

हमारे देश कई ऐसे पहलवान है की वो दुर्लक्षित रहे है. अपने जमाने मे इस पहलवान ने पूरे भारत देश मे अपने कुश्ती का डंका बजा रखा था. झारखंडे राय पहलवान की कुश्ती की उपलब्धिया :

6 बार उत्तर प्रदेश केसरी 
12 बार ऑल इंडिया रेल कुश्ती के पदक विजेता 
1966 से 1976 के बीच हुए अलग अलग नैशनल कुश्ती प्रतियोगिताओं मे 9 स्वर्णपदक, 5 रजतपदक, 3 कांस्यपदक जीते 
हिंद केसरी प्रतियोगिता 
1968 रोहतक हरयाणा केसरी राम कुमार को चित करके अंतिम मुकाबला जीता 
1971 - नागपुर 
रुस्तम ए हिंद 
1976 - रोहतक :- विजेता 
1970 कटक :- उपविजेता 
नैशनल गेम्स 
1970 - कटक फ्रीस्टाइल - स्वर्णपदक ग्रीको रोमन - रजतपदक 1968 नैशनल - मद्रास स्वर्णपदक 
म्युनिच ओलिम्पिक गेम्स - सहभाग  
कोल्हापुर महाराष्ट्र मे आयोजित रुस्तम ए भारत केसरी मे पांचवा स्थान 
7 फरवरी 1972 में बनारस के टाऊन हॉल कुश्ती मैदान मे भारत केसरी बनने के बाद पहलवान विजय कुमार ने दिए आवाहन को लेकर उनको 13 मिनट मे चित किया 
उसके साथ ही देश के कई नामचीन पहलवानों से दंगल की कुश्तिया जीती. 
अभी झारखंडे राय पलवान बीमारी से लड रहे सरकार को उनकी तरफ ध्यान देकर उनकी मदत करनी चाहिए 

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