Skip to main content

Posts

Showing posts from January, 2018

श्रीबाबू को धाराप्रवाह संस्कृत बोलते देख जब आयोजक हो गए हैरान!

बात 1958-59 की है। गया कॉलेज गया के संस्कृत विभाग में एक महत्वपूर्ण समारोह में श्री बाबू मुख्य अतिथि थे। उनसे सभा को संबोधित करने का निवेदन किया गया ।श्री बाबू ने अपना भाषण संस्कृत में आरम्भ किया । आयोजकों ने सोचा कि शायद दो-चार वाक्य , फिर हिंदी मेँ बोलेंगे । जैसे आज-कल के नेता जिस प्रदेश में जाते हैं एक-दो संबोधन के वाक्य क्षेत्र विशेष की भाषा में लिखकर ले जाते हैं । 
मगर दस मिनट बीत गये औऱ संस्कृत में ही भाषण जारी । आयोजकों को चिन्ता हुई । तब साहस कर विभागाध्यक्ष ने हिंदी में बोलने का अनुरोध किया । श्री बाबू ने कहा कि मैं तो समझा कि संस्कृत विभाग का समारोह है तो संस्कृत में बोलूँ ! फिर शेष भाषण उन्होंने हिंदी में दिया । ऐसे थे हमारे नेता ! और आज ! रटी-रटाई शपथ की दो पंक्तियाँ भी देखकर शुद्ध-शुद्ध नहीं पढ़ने वालों की भरमार है ।  
आखिर क्यों न हो ? चपरासी और सिपाही के लिये भी योग्यता चाहिये, पर विधि-निर्माताओं के लिए पढा-लिखा होना जरूरी नहीं ।                   बिहार-केसरी की पुण्यतिथि पर सादर निवेदित। नमन । Ramsuchit Sharma (कृषक ब्रह्मऋषि के वॉल से साभार)

डॉ.श्रीकृष्ण सिंह की पुण्यतिथि पर सदाकत आश्रम में कार्यक्रम

आधुनिक बिहार के निर्माता डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की पुण्यतिथि पर आज पटना के सदाकत आश्रम में कार्यक्रम हुआ।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में ये कार्यक्रम हुए।इस मौके पर ढेरों प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। देखें तस्वीर -





सवर्णों की मदद के बिना दलितों का उद्धार कतई नहीं होता

अरविंद रॉय -
ब्राह्मण और समाज सुधार :भीमा कोरेगांव से कुछ लोग अपनी पॉलिटिक्स की दुकान चमकाने के लिए मूर्खता के सबसे निम्न स्तर पर आ गए है ,, कई दलितों को ये दम्भ और खुशफहमी पाले देखा है fb पे कि , आज वो जो भी है अंबेडकर और सिर्फ आंबेडकर की वजह से है... यदि केवल "संविधान संकलन" ही इसका कारण है तो फिर बाबा साहेब की जगह जो भी ड्राफ्ट करता वो भी यही सब करता जो उनने किया,,, मगर सामाजिक धार्मिक सुधार तो आंबेडकर से पहले शुरू हुए और वो करने का साहस किसी दलित में नहीं था,,स्थितियां इतनी विषम थीं कि दलित जीने के लिए भी सवर्णों के मोहताज थे और ये इतिहास का सबसे काला पन्ना है, ये मानने में कोई ऐतराज नहीं मुझे। मगर मैं ये भी जानता और मानता हूँ कि आज के दलितों के सभी सामाजिक अधिकारो की लड़ाई सिर्फ सवर्णों ने लड़ी   श्री कृष्ण सिंह  , राजा राममोहन राय, ईश्वर चंद, केशवचंद्र सेन , देवेन्द्र नाथ टैगोर, आत्माराम पांडुरंग, pt सुंदरलाल शर्मा ये सभी ब्राम्हण थे इनमे भी महादेव गोविन्द रानाडे तो चित्पावन थे जिनको दलित विरोधी ही माना जाता है, दयानद सरस्वती महात्मा गांधी घनश्याम दास बिड़ला सभी सवर्ण थे…

खादी को बढ़ावा देने के लिए आगे आये मनोज सिन्हा और गिरिराज सिंह

मोदी सरकार के एजेंडे में खादी को बढ़ावा देना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु मोदी मंत्रिमंडल के मंत्री भी जी जान से लगे हुए हैं। इसी कड़ी में आज भारतीय डाक के सभी पोस्टमैन तथा मल्टी टास्किंग कर्मचारियों के लिए, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा डिजाइन किये हुए, खादी वस्त्रों से बनी हुयी वर्दी का शुभारंभ किया ।इससे खादी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोज़गार के नये अवसर भी बढ़ेंगे ।‬ इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा और गिरिराज सिंह ने किया।

भगवान परशुराम के भव्य मंदिर निर्माण हेतु आज से जनसंपर्क अभियान

मोकामा। भगवान परशुराम के प्रतावित भव्य मंदिर निर्माण हेतु आज से मोकामा में जनजागरण अभियान की शुरुआत होगी। इसकी शुरुआत आज 10 बजे से थाना चौक से शुरुआत होगी। इसके तहत परशुराम भक्त घर जाकर स्थानीय लोगों से मंदिर निर्माण के बारे में बातचीत करेंगे और उनके सुझाव भी लेंगे। गौरतलब है कि पिछली बैठक में भव्य परशुराम मंदिर के निर्माण और उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर आम सहमति बनी थी। (स्रोत - गौतम कुमार)

भूमिपुत्र अनुकूल रॉय की भी आईपीएल में एंट्री, मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलेंगे

ईशान किशन के बाद एक और भूमिपुत्र आईपीएल में अपना जलवा बिखरेंगे। आईपीएल की नीलामी के दूसरे दिन आज अनुकूल रॉय को मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम में शामिल कर लिया।
अंडर 19 विश्वकप में धमाकेदार गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया को समीफाइनल में पहुंचाने वाले झारखंड के अनुकूल रॉय को आईपीएल-11 के लिए मुंबई इंडियंस ने 20 लाख में खरीदा है।
झारखंड रणजी खिलाड़ी स्पिनर अनुकूल राय ने अंडर-10 विश्वकप में पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ पांच विकेट लेकर चर्चा में आये थे. इसके बाद जिंबाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिये. अब तक अनुकूल ने टूर्नामेंट में कुल 4 मैचों में 11 विकेट ले लिया है।
बचपन से ही क्रिकेट में रूचि रखने वाले अनुकूल मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं, लेकिन वहां क्रिकेट का भविष्‍य न देखते हुए झारखंड का रूख किया. उन्‍होंने बारह पत्थर में रहते हुए समस्तीपुर के पटेल मैदान में समस्तीपुर क्रिकेट अकादमी में नियमित रूप से अभ्यास किया. क्रिकेटर सह कोच ब्रजेश कुमार झा की देखरेख में अनुकूल जिला लीग में अपने हरफनमौला प्रदर्शन के बल पर जिला टीम में अपना स्थान बनाया, जबकि राज्य स्तर पर …

वीरता की मिसाल कर्नल मुनींद्र नाथ राय आतंकियों के लिए खौफ के पर्याय थे

कर्नल मुनींद्र नाथ राय की जाबांजी की कथा, 27 जनवरी 2015 को शहादत।।
कर्नल मुनींद्र नाथ राय ये नाम जाबांजी की एक ऐसी कहानी बन गया है युद्ध सेवा मेडल से शुरू होती है और शहादत पर खत्म होती है. 24 घंटे की इस कहानी भारतीय सेना की बेमिसाल ताकत है, एक पुलिस वाले का आतंकवादी बेटा है और एक नापाक धोखे और खून से रंगी हुई दास्तान है.

राष्ट्रीय राइफल्स के कर्नल मुनींद्रनाथ राय को उनके बेमिसाल नेतृत्व के लिए युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जाता है. बटालियन ने उनकी अगुवाई में हिजबुल मुजाहिदीन के चार खुंखार आतंकवादियों का खात्मा किया, 9 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया और उनके दो ठिकानों को तबाह कर दिया. कर्नल मुनींद्रनाथ राय की अगुवाई में आतंकवाद से जूझ रहे त्राल में सेना का दबदबा कायम हो गया है और श्री अमरनाथ यात्रा का रास्ता अब पूरी तरह सुरक्षित हो गया है.26 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति भवन ने कर्नल मुनींद्र नाथ राय की असाधारण वीरता की ये कहानी सुनाते हुए उन्हें युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया था. और महज 24 घंटे बाद 27 जनवरी को कश्मीर के उसी त्राल इलाके में जिस शहीद का सम्मान किया जा रहा था उसके शहीद …

मनोज सिन्हा डोर खींचते रहे,लेकिन तिरंगा फहरा न सके

गाजीपुर. यहां बीजेपी कार्यालय पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वजारोहण के दौरान घोर लापरवाही बरतने का नजारा सामने आया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेल राज्‍यमंत्री मनोज सिन्‍हा बतौर मुख्य अतिथि शामिल थे। समारोह के दौरान तय समय पर जब मंत्री जी तिरंगा फहराने गए तो ध्वज की डोर ही फंस गई। इस दौरान वो डोर खींचते रहे, लेक‍िन झंडा नहीं फहरा। बाद में जब लोगों ने ऊपर चढ़कर झंडे की डोरी ठीक क‍िया तब उसमें से फूल ग‍िरा।
-समारोह के दौरान ऐसी गड़बड़ी देखकर लोग हैरत में पड़ गए। मंत्री महोदय काफी देर तक ध्वज की डोरी खींचकर झंडा फहराने की कोशिश करते रहे, लेकिन झंडा नहीं फहर सका। -ध्वजारोहण में अचानक आई इस अड़चन को लेकर मौके पर मौजूद भाजपाई भौचक्के रह गए। आखिरकार एक व्‍यक्ति ने छत की रेलिंग पर चढ़कर फंसी हुई डोर खोली, तब जाकर तिरंगा फहर सका। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। (साभार - भास्कर)

आईपीएल में भूमिपुत्र ईशान किशन को मिले 6.20 करोड़

आईपीएल 2018 की हो रही नीलामी में ईशान किशन को अच्छी कीमत मिली है।
भारत के पूर्व अंडर-19 कप्तान ईशान किशन को मुंबई इंडियंस ने 6.20 करोड़ रुपए में खरीदा है। उनकी बेस प्राइस- 40 लाख रुपये थी।
आईपीएल 2018 की बोली के पहले दिन 110 खिलाड़ी नीलामी के लिए आए। इनमें से 78 खरीद लिए गए जबकि 32 पर किसी ने दांव नहीं लगाया। जिन खिलाडि़यों पर बोली लगी उनमें से 49 भारतीय और 29 विदेशी थे। पहले दिन कुल 321.10 करोड़ रुपये खर्च हुए।
पहले दिन के खेल के सितारे रहे बेन स्‍टोक्‍स (12.50करोड़, राजस्‍थान रॉयल्‍स), मनीष पांडे (11 करोड़, सनराइजर्स हैदराबाद), केएल राहुल (11 करोड़, किंग्‍स इलेवन पंजाब)  रहे. इनके अलावा क्रिस लिन(9.60 करोड़, केकेआर), मिशेल स्‍टार्क(9.40 करोड़, केकेआर), ग्‍लेन मैक्‍सवेल (9 करोड़, दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स) और राशिद खान (9 करोड़, सनराइजर्स हैदराबाद) पर भी जमकर पैसा बरसा।

26 जनवरी को ब्रह्मऋषि समाज का वार्षिकोत्सव

हैदराबाद। ब्रह्मर्षि सेवा संघ कार्यकारिणी और पदाधिकारियों का चुनाव सर्वसम्मति से सम्पन्न कराने के बाद अब वार्षिकोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में जी-जान से जुट गया है। समाज का वार्षिकोत्सव 26 जनवरी की शाम सोमाजीगुडा, राजभवन रोड स्थित होटल कतरिया में मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेगूसराय (बिहार) के मेयर उपेन्द्र कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि आईएएस अधिकारी जयशंकर तिवारी होंगे। अध्यक्ष श्रीकांत चौधरी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वार्षिक सम्मेलन में ही नवगठित कमेटी के सदस्यों का शपथग्रहण होगा साथ ही इस मौके पर समाज के वरिष्ठ जनों का विशेष सम्मान किया जाएगा। सलाना जलसे में रंगारंग कार्यक्रम, स्कूली बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता और कई तरह की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। रविवार को समाज की आम सभा में शत्रुघ्न सिंह को अध्यक्ष, इन्दिरा राय को उपाध्यक्ष, तेजबल पांडेय को महासचिव श्रीमती संगीता सिंह को महिला अध्यक्ष और अरविंद कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया था। अध्यक्ष श्रीकांत चौधरी ने बताया कि हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों …

सरस्वती पूजा में अश्लीलता के नाम पर सरकार और मीडिया के निशाने पर सिर्फ बीएन कॉलेज ही क्यों?

सरस्वती पूजा के नाम पर जबरन चंदा वसूली और अश्लील गानों का कार्यक्रम हर साल का नियम सा बन गया गया है। विद्या की देवी की पूजा के अवसर पर अश्लीलता के इस कार्यक्रम की शुरुआत कब और कैसे हुई, ये तो कोई नहीं जानता। लेकिन वर्तमान परिदृश्य में इससे बिहार का कोई भी कॉलेज या छात्रावास अछूता नहीं। लेकिन इस बार इसी मामले को लेकर पटना का बीएन कॉलेज सुर्खियों में रहा। सरस्वती पूजा के नाम पर हुए बार बालाओं के डांस का वीडियो सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर छाया रहा।इसी बाबत कुछ बुद्धिजीवी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जब सभी छात्रावास और कॉलेज में इस तरह के कार्यक्रम हो रहे थे तो सिर्फ बीएन कॉलेज को ही क्यों निशाना बनाया गया।

हिमांशु कुमार सवाल उठाते हुए कहते हैं -
सरस्वती पूजा के नाम पर जगह जगह तरह तरह के कार्यक्रम हुए,लेकिन अचानक बी एन कॉलेज छत्रवास में हुए कार्यक्रम पर मीडिया, प्रसाशन अतिसक्रिय हो उठा है। यह सक्रियता एक अंदेशा, सम्भाववना और साजिश भी हो सकता है।कभी सैदपुर होस्टल को अपराध, और अपराधी के नाम पर एक जाती विशेष के छात्रों से बिहीन कर दिया गया।पटना विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों से यथा, ह…

डॉ. ममता राय की मौत की अनसुलझी गुत्थी

आदित्यपुर (जमशेदपुर)। डॉ. ममता राय टॉपर थी। उनकी उम्र महज 27 साल की थी। वे दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) अस्पताल में काम कर रही थीं और साथ में पीजी भी। एक कांफ्रेंस अटेंड करने कोच्चि गयी और वही होटल के कमरे में उनकी संदिग्ध लाश मिली। उसने परिजनों को अंतिम मैसेज भेजा था, जिसमें लिखा है... 'सॉरी पापा। सॉरी भइया। मैं डिप्रेशन हूं इसलिए जिंदगी से क्विट कर रही हूं।' इसी मोबाइल मैसेज के आधार पर उसे आत्महत्या का नाम दिया गया। लेकिन क्या ये वाकई में आत्महत्या थी? डॉ. ममता के पिता अरविंद कुमार राय इसे आत्महत्या नहीं मानते। उन्होंने रिपोर्ट में लिखा है कि -

'वह स्कूल टॉपर थी। एम्स, दिल्ली की गोल्ड मेडलिस्ट है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्विज और कॉन्फ्रेंस की विजेता बनी। वह ऐसे काम नहीं कर सकती। उसे एम्स के डॉ. संजय, दोस्त आलोक और नेहा ने प्रताड़ित किया। धमकी दी और षड्यंत्र रचकर हत्या कर दी। डॉ. संजय ने ममता के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा था। ममता ने मना कर दिया। डॉ. संजय उससे मारपीट करता था। धमकी देता था कि किसी को बताया तो पूरे परिवार को खत्म कर देगा। 02 जनवरी क…

गांवों में छुपी है भूमिहार समाज के विकास की कुंजी

जीतेंद्र मिश्रा- भूमिहार क्या है? इस पर अधिक जानकारी हमें नहीं है।वही इतना अवश्य समझते हैं।भूमिहार को गाँव एवं जमीन से गहरा संबंध है।वही दोनों उपेक्षित है तो भूमिहार समुदाय को उपेक्षित होना कोई आश्चर्य नहीं है।जब तक आपके द्वारा जमीन एवं गाँव की उपेक्षा होती रहेगी।तब तक आपकी भी उपेक्षा होती रहेगी। आप कितना भी बड़ा पद हासिल कर लीजिये।कितना भी बड़ा कोठी बना लीजिये।लेकिन यदि आपका गाँव आपका जमीन उपेक्षित है।तो आपको दिन में एक बार शर्मिंदा किसी न किसी के नजदीक होना होगा। इसलिये हमलोगों का प्रयास होना चाहिए।ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा का केंद्र बिंदु बनाया जाय वही प्रयास किया जाय जिन जिन पंचायतों में मुखिया सरपंच जो भी जनप्रतिनिधि भूमिहार समाज से है। उनको जोड़ा जाए। वही उनके द्वारा किया गया विकास कार्य पर आलोचना एवं सराहना किया जाय।यदि कोई ऐसा पंचायत या गाँव जहाँ का जनप्रतिनिधि भूमिहार है।वहाँ अच्छी विकास कार्य हुआ है।उसको प्रचारित किया जाय जिससे और भी जगह लोगों में जागरूकता आएगी। आप यकीन मानिए भूमिहार समाज का सार्वजनिक विकास तभी हो पायेगा। जब गाँव एवं जमीन का विकास होगा। ग…

आरक्षण अमानवीय और अतार्किक है- डॉ. सीपी ठाकुर

प्रेस विज्ञप्ति- 
केंद्र सरकार द्वारा आरक्षण की समीक्षा की कोशिस नहीं करने को लेकर सामान्य वर्ग तथा आरक्षित वंचित वर्ग के लोगो में भारी आक्रोश है।विभिन्न आरक्षण विरोधी संगठनों के नेताओं ने आज दिल्ली में पदमश्री माननीय सांसद डॉ सी पी ठाकुर के आवास पर मीटिंग करके इस बारे मे अपनी चिंता व्यक्त की और आरक्षण विरोधी आंदोलन चलाने तथा आगे की रणनीति बनाई जिसमें आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने तथा खत्म हुये प्रमोशन में आरक्षण को सभी विभागों में लागू नहीं करने को लेकर सरकार से मांग रखी गई। 
आरक्षण विरोधी आंदोलन करने वाले सभी नेता  ने कहा कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद पूर्व मंत्री डॉक्टर सीपी ठाकुर जी का हम सब  स्वागत करते है आज पूरे भारत मे आरक्षण से शोषित और वंचित समाज एक साथ विरोध कर रहे है क्योंकि जिसको सही मायने में आरक्षण की  जरूरत थी उसको आरक्षण का लाभ नही मिला अगर सरकार आरक्षण की समीक्षा नहीं करती है तो यह जेनेरल वर्ग के लोगो की पीठ मे छुरा घोपने जैसा होगा  क्योंकि इन लोगो ने बीजेपी को भारी मतों से केन्द्र और विभिन्न राज्यो में जिताया। आरक्षण समर्थक सभी पार्टीयो  का यह कदम इन सभी लोगो के साथ व…

अनंत सिंह को मारने की एक और साजिश नाकाम

मोकामा विधायक अनंत सिंह की हत्या की एक और साजिश नाकाम हो गयी है। इस मामले में मुख्तार अंसारी के गुर्गों का नाम सामने आ रहा है।खबरों के मुताबिक अनंत सिंह की हत्या की सुपारी उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के गुर्गों को दी गई थी. इस बात का खुलासा शनिवार को पटना पुलिस के हत्थे चढ़े एक अपराधी ने दी है. 
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार हुए शख्स मोनू ने बताया कि शूटर है. उसने बताया कि उसका बड़ा सोनू उत्तर प्रदेश माफिया डॉन मुख्तार अंसारी का शागिर्द है. उसने कबूल किया कि उसके भाई ने मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह की हत्या की सुपारी ले रखी है. हालांकि पुलिस अभी नहीं पता लगा पाई है कि ये सुपारी इन दोनों भाइयों को किसने दी है. 
मोनू ने कबूल किया है कि विधायक अनंत सिंह की हत्या की पूरी प्लानिंग तैयार थी. उसने बताया कि अनंत सिंह पुशओं के प्रेमी हैं, खासकर घोड़ों के. इसी वजह से अनंत सिंह हर साल सोनपुर मेले में जाते हैं. प्लानिंग के मुताबिक अनंत सिंह को इसी सोनपुर मेले में मार गिराने की तैयारी थी. 

आरक्षण के मुद्दे पर डॉ. सीपी ठाकुर के घर पर बैठक शुरू,देखिये तस्वीरें

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी ठाकुर के घर पर बैठक शुरू हो गयी है। वैसे समय 5बजे का ही था लेकिन किसी कारणवश सीपी ठाकुर के देरी से पहुंचने के कारण कार्यक्रम विलंब से शुरू हुआ। देखिये कुछ तस्वीरें।।

भूमिहार समाज को आगे बढ़ाना है तो भूमिहारत्व को प्राथमिकता देनी होगी

अभिनव कुमार सिंह -

समाज के लोगों में इतनी दुबिधा क्यों है ? कभी वो कट्टर राष्ट्रभक्त बन जाते है कभी धर्मरक्षक के रूप में सामने आने लगते है पर अपने मूल समस्या और समाज आगे कैसे बढ़े अपनी हिस्सेदारी कैसे बढ़े उस पर कोई चर्चा ही नही हो पाता है बाकी कसर पार्टियों में बट कर कर देते है शायद ऐसी सोच ही हमारे समाज को आगे नही बढ़ने देता है  । 
याद रखे अगर हम राष्ट्र प्रथम करंगे हिन्दू प्रथम करंगे तो जाति का बात करना ही मूर्खता है अगर हमें समाज को आगे बढाना है तो समाज को प्रथम रखना होगा , सोचना होगा कि क्या दूसरे समाज वाले कभी किसी समस्या पर हमारी मदद किए थे या है तो हम सबको साथ लेकर क्यों चले ? इससे हम कितना आगे बढ़ सकते है सबको साथ लेकर चलने में । 
90 दसक में सिर्फ हमारी ही जाति पिछड़े दबे कुचलो के बीच में क्यों खलनायक की तरह प्रस्तुत किया गया बाकी जातीय मलाई भी खाया और आगे भी बढ़ा पर हमलोग हर तरह से नुकसन ही नुकसान उठाए  । सोचे जरूर की क्या पहले जरूरत है आज के परस्थिति में ... निष्न्देह हमलोग धर्म को भी आगे रखते है और राष्ट्र को भी पर आज हमारे समाज को जरूरत सबसे ज्यादा किसका है ? कुछ लोगों को मेरा पोस…

पेशवा से भी महान थे सम्राट पुष्यमित्र

अरविंद रॉय -

पुष्यमित्र एक निष्ठावान हिन्दू थे और भारत को फिर से हिन्दू देश बनाना उनका स्वपन था। यवनों की लाखों की फ़ौज ने मगध पर आक्रमण कर दिया। पुष्यमित्र समझ गया की अब मगध विदेशी गुलाम बनने जा रहा है। बौद्ध राजा युद्ध के पक्ष में नही था। पर पुष्यमित्र ने बिना सम्राट की आज्ञा लिए सेना को जंग के लिए तैयारी करने का आदेश दिया। उसने कहा की इससे पहले दुश्मन के पाँव हमारी मातृभूमि पर पड़ें हम उसका शीश उड़ा देंगे। यह नीति तत्कालीन मौर्य साम्राज्य के धार्मिक विचारों के खिलाफ थी। सम्राट पुष्यमित्र के पास गया। गुस्से से बोला ” यह किसके आदेश से सेना को तैयार कर रहे हो”। पुष्यमित्र का पारा चढ़ गया। उसका हाथ उसके तलवार की मुठ पर था। तलवार निकालते ही बिजली की गति से सम्राट बृहद्रथ का सर धड़ से अलग कर दिया और बोला ” ब्राह्मण किसी की आज्ञा नही लेता”।
हज़ारों की सेना सब देख रही थी। पुष्यमित्र ने लाल आँखों से सम्राट के रक्त से तिलक किया और सेना की तरफ देखा और बोला “ना बृहद्रथ महत्वपूर्ण था, ना पुष्यमित्र, महत्वपूर्ण है तो मगध, महत्वपूर्ण है तो मातृभूमि, क्या तुम रक्त बहाने को तैयार हो??”। उसकी शेर सी गरजती आव…

अनुकूल रॉय का चौका,गेंदबाजी में शानदार फॉर्म जारी

आईसीसी अंडर19 वर्ल्ड कप क्रिकेट में भारत की शानदार जीत


भूमिपुत्र अनुकूल रॉय का अंडर19 वर्ल्ड कप क्रिकेट में शानदार फॉर्म जारी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ आज हुए मैच में चार विकेट चटखा कर उन्होंने विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी।उन्हीं की शानदार गेंदबाजी के खिलाफ जिम्बाव्वे की पूरी टीम 48.1 ओवर में 154 रन पर आउट हो गई।बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने ये लक्ष्य बिना कोई विकेट खोये आसानी से हासिल कर लिया।पिछले मैच में भी अनुकूल रॉय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पापुआ न्यू गिनीया के पांच विकेट हासिल किए थे और उसी प्रदर्शन की बदौलत मैन ऑफ द मैच बने थे।भारत अबतक वर्ल्ड कप में अपराजेय बना हुआ है।पहले मैच में उसने आस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को भी शिकस्त दी थी।

नवीन स्पोर्ट्स स्टेडियम के रूप में गाजीपुर को मनोज सिन्हा का एक और तोहफा

गाजीपुर। केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने गाजीपुर के खेल प्रेमियों को स्पोर्ट्स स्टेडियम के रूप में एक और तोहफा दिया।स्टेडियम के निर्माण की आज उन्होंने शिलान्यास किया।इस मौके पर उन्होंने कहा कि -

आज जनपद गाजीपुर में नवीन स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास कर आयोजित समारोह को संबोधित किया । यह  स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनेगा और इसमें खेल की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी । गाजीपुर की धरती पहले से ही कुश्ती,कबड्डी , वॉलीबॉल, बास्केटबॉल आदि अनेक खेलों की पुरानी धरती रही है ।इस स्टेडियम के बन जाने से यहां की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को हृदय से आभार, जिनके माध्यम से कैबिनेट की पहली बैठक में ही स्टेडियम के निर्माण कार्य को स्वीकृति दे दी गई थी ।इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त खिलाड़ी जैसे साक्षी मलिक,मनदीप जांगड़ा, मीराबाई चानू, मनजीत छिल्लर , सत्यवर्त काडियन सहित गाजीपुर की धरती के कई प्रतिभावान खिलाड़ी उपस्थित थे ।

भूमिपुत्र अजीत अंजुम ने कहा,राजपूतों से कोई दिक्कत नहीं,लेकिन पद्मावती के नाम पर स्वांग का विरोधी हूँ

अजीत अंजुम,वरिष्ठ पत्रकार -

कुछ साथियों ने कमेंट में और इनबॉक्स में पूछा है कि मुझे राजपूतों से क्या दिक्कत है कि मैं इतना लिखता हूं . मुझे किसी राजपूत या किसी भी जाति या किसी भी धर्म से कोई दिक्कत नहीं . मैं सिर्फ चंद राजपूत नेताओं की दादागीरी के खिलाफ लिख रहा हूं , जो खुद को देश के कायदे -कानून से ऊपर समझते हैं . अगर ऐसे लोग मेरी जाति के होते तो भी लिखता और शायद ज्यादा तल्ख लिखता क्योंकि तब मुझे ऐसे सवालों की चिंता नहीं होती . इस शहर में मेरे जो सबसे करीबी हैं , वो राजपूत हैं . मेरे कई दोस्त राजपूत हैं . मैं तो कई बार उन्हें भी अब करणी सैनिक कहकर चिढ़ाता हूं . 

सवाल यहां राजपूत का है ही नहीं . सवाल उस स्वांग का है , जो कुछ लोग रच रहे हैं. पद्मावती के विरोध के नाम पर अपनी दुकानें चमका रहे हैं . देश के सिस्टम को ऐसे ललकार रहे हैं , जैसे उनकी तलवार और ताकत के दम पर ही देश चल रहा हो . इन सबको क्या किसी ने हर रोज बलात्कार का शिकार होने वाली बेटियों -बहनों को बचाने के लिए कोई आंदोलन या मुहिम चलाते देखा है ? जिस हरियाणा से ये फर्जी योद्दा ललकार रहे हैं , वहीं रोज मासूम बच्चियों से बलात्कार ह…

अमर पांडेय मुजफ्फरपुर कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष बने

मुजफ्फरपुर शहर के प्रमुख व्यक्तित्व और स्व. रघुनाथ पांडेय के सुपुत्र अमर पांडेय एक बार फिर से मुजफ्फरपुर कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष बन गए हैं।चुनाव के पहले भी वे ही अध्यक्ष थे और इस पद पर लगातार निर्वाचित होते आ रहे हैं।उल्लेखनीय है कि वे शहर के प्रमुख व्यवसायी भी हैं।उनकी इस जीत पर भूमंत्र की तरफ से बधाई।अमर पांडेय के अलावा 2018 के कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पर इन ब्रह्मर्षियों ने विजय पताका फहराया

(1) मुजफ्फरपुर - श्री अमरनाथ पांडेय  
(2) गोपालगंज - श्री महेश राय
(3) नवादा - श्री रंजीत कुमार "मुन्ना"
(4) बेगूसराय - श्री नरेंद्र कुमार सिंह
(5) मुंगेर- जमुई - श्रीमति  मिंटू देवी (W/O - श्री विनोद सिंह, लोदियाग्राम लखीसराय)

भूमिहार,ब्राह्मण और राजपूतों की ज़मीन पर जब लाल झंडा गाड़ा जा रहा था तब बचाने कोई भगवा नहीं आया था

सोशल मीडिया पर भूमंत्र संवाद-
वीर राय-
जब 90 के दशक में भूमिहारों, राजपूतों, ब्राह्मणों (सवर्णो) का घर ,दलान अौर टैक्टर जलाया जा रहा था, जब सवर्णो के जमीनों पर लाल झंडा गाड़ा जा रहा था.. उस समय कोई हाफ पैंट और भगवा पगडी वाला हमें बचाने नही आया था.. 
इसीलिए हमें हिन्दूत्व का ठेकेदार बनने की जरुरत नहीं.. ऐसा नहीं की मैं हिन्दू धर्म का विरोधी हूँ..
परन्तु अपने समाज का हीत जरुर चाहता हूँ.. लेकिन यह गौर करने वाली बात है की हिन्दू प्रधान देश में हिन्दूत्व का सबसे बडा ठेकेदार होने के बावजूद भी एक कट्टर हिन्दू समाज (सवर्ण समाज) की स्थिति दैनीय क्यों है..?
मेरा मकसद किसी की भावना को ठेंस पहुँचाना नहीं है.. अगर कोई भी बंधू मेरी बातों से आहत हुए हैं, तो इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूँ.. लेकिन जो सच्चाई है, वह मैं आखरी सांस तक बोलूँगा..
देश में हिंदूत्व का अप्रतिम अाधार सवर्ण है, पांडित्य में प्रवीण है, हरेक जाति से ज्यादा लडा, मरा पर बदले में क्या मिला ?
गौर करने वाली बात है, विचार करने की जरुरत है..

भूमिपुत्र अनुकूल रॉय के पंजे से अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की शानदार जीत, मैन ऑफ द मैच बने

अनुकूल रॉय की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के दूसरे मैच में भी शानदार जीत दर्ज की। 
पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए अनुकूल रॉय ने पांच विकेट झटके।इसी प्रदर्शन के बदौलत उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
पापुआ न्यू गिनी ने महज 64 रन बनाए जिसे भारतीय टीम ने आसानी से हासिल कर लिया।गौरतलब है कि अंडर-19 वर्ल्ड कप न्यूजीलैंड में चल रहा है।
कोबरा  पोस्ट पर उपलब्ध अनुकूूूल रॉय का प्रोफ़ाइल -
Real Name: Anukul Roy ………………………………… Nick Name: Channu …………………………………
Date of Birth: 30thNovember, 1998 ………………………………… Age:  19 Years …………………………………
Father:  Sudhakar Roy, an advocate in Samastipur ………………………………… Mother: Homemaker …………………………………
Educational Qualification: Passed Class XII examination. ………………………………… Religion: Hinduism ………………………………… Caste: Bhumihar Brahmin (he is basically from Samastipur, Bihar. Bhumihar uses variety of surnames, and Roy is one of them which is predominantly used in the North Bihar.) …………………………………
Birth Place: Saraikela Kharsawan, Jharkhand (Currently, he plays for Jh…

भाजपा की राजनीति में भूमिहार ब्राह्मण कहाँ हैं?

अभिनव कुमार सिंह -

पब्लिक व्यू -भाजपा बिहार में भूमिहार को हाशिए पर पहुँचाने में सुशील मोदी का अहम रोल रहा है और आज भाजपा में समाज के लोग सुशील मोदी के चमचागिरी कर के अपना राजनीति वजूद बचाने को मजबूर हो रहे है । 

आज समाज के एक भी कद्दावर नेता का नही रह जाना कही ना कही समाज के प्रति कोई बड़ा साजिश तो नही हो रही है ताकि समाज के नेता अब कोई नम्बर 1 में ना रह पाए बिहार भाजपा में ? 

समय से पहले सावधान रह कर जरूर हम लोगों को चिंतन करना चाहिए समाज के प्रति की अब हमलोगों भाजपा के राजनीति में कहाँ है  ।
@fb

अनु के बलात्कार और हत्या के खिलाफ छात्राओं का विरोध प्रदर्शन

पटना : छपरा जिला की मसरख निवासी अनु कुमारी के बलात्कार एवं हत्या के खिलाफ आज शहर के मगध महिला कॉलेज की छात्राओं ने प्रदर्शन किया. छात्राएँ घंटों तक सड़क के किनारे कतारबद्ध होकर खड़ी रहीं. छात्र युवा संघर्ष समिति की नेत्री सिमरन परवीन, अनामिका कुमारी एवं अर्पणा मिश्रा के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन में शहर के अन्य कॉलेजों की छात्राएँ भी शामिल हुईं. 

मगध महिला कॉलेज की छात्रा सिमरन परवीन ने ऐसी घटनाओं को देश के लिये दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा कि इस इक्कीसवीं सदी में भी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से साथ खिलवाड़ रुका नहीं है. महिलाओं के मामले में सरकारें सिर्फ़ ढोंग और दिखावा करती रही हैं. पटना यूनिवर्सिटी की रिसर्च स्कॉलर अनामिका कुमारी ने कहा कि जब तक अनु कुमारी के बलात्कारी हत्यारों को फाँसी की सज़ा नहीं हो जाती, तब तक छात्राओं का विरोध जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में हरियाणा राज्य में ऐसी चार घटनाएँ हुई हैं. सरकारें मूक बैठी हैं. 
सी वाई एस एस की उपाध्यक्षा अर्पणा मिश्रा ने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिये संसदीय चुनाव लड़ने से लेकर प्रखंड कार्य…

बिना दहेज लिए अपने बेटे की शादी करेंगे ये दंपत्ति,संगठन द्वारा होंगे सम्मानित

दहेज एक सामाजिक कोढ़ है।लेकिन अब इसके खिलाफ समाज में जागरूकता आने लगी है।इसी का नमूना पेश किया है दिलीप कुमार मिश्रा और नूतन मिश्रा ने।उन्होंने अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के तत्वधान में आयोजित मकरसंक्रांति मिलन समारोह में अपने बेटे की शादी में दहेज न लेने की कसम खायी।इसपर वहां उपस्थित सभी सज्जनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनके व्यक्तव्य का स्वागत किया।संगठन के महासचिव यूके शर्मा ने किसी समारोह में दंपति को सामूहिक सम्मान देने की घोषणा की ताकि समाज तक बेहतर संदेश जाए और दूसरे लोग भी दहेज प्रथा के खिलाफ खुलकर सामने आए।

मोकामा के दंगल बॉय ने कुश्ती में सबको चित्त कर पाया पहला स्थान

कुश्ती भूमिपुत्रों का पसंदीदा खेल रहा है। एक जमाना था जब हर गांव में चार-पांच धाकड़ पहलवान हुआ करते थे जो खेती-किसानी या नौकरी के साथ-साथ शौकिया पहलवानी भी करते थे।लेकिन वक़्त के साथ चीजें बदल गयी।लेकिन कुछ भूमिपुत्र इस परंपरा को अब भी बदस्तूर कायम रखे हुए हैं। मोकामा के अविकास सिंह उन्हीं में से एक हैं।हाल में बिहार कुश्ती संघ द्वारा आयोजित कुश्ती में उन्होंने 65 किलोवर्ग में पहला स्थान हासिल कर नाम रौशन किया।उनकी इसी कामयाबी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुरली मनोहर भूमंत्र पर लिखते हैं -

अगर हौसला बुलंद हो तो,
कामयाबी कदम चूमेगी।
ग्राम शिवनार, थाना मोकामा, जिला पटना के किसान श्री - संजय कुमार सिंह जी के पुत्र,अविकास कुमार उर्फ ( गोलू जी) ने बिहार अन्तराज्यीय कुश्ती चैम्पियनशिप( कैमुर) में,प्रथम स्थान प्राप्त कर, सभी ग्रामीणों को तथा समाज व जिले का नाम रौशन कर हम सबको, गौरवान्वित किया है। आज सुबह उनसे मिलकर जीत की बधाई दी व जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाएँ दी । उनसे बात करने पर पता चला कि शिवनार के एक और साथी ने,  भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, इन दोनों का अगला लक्ष्य, नेशनल कुश्त…

किसानों की कर्जमाफी को लेकर पटना में किसान महाआंदोलन

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आजकल राज्य के मुख्यमंत्री कम और हवा हवाई समाजसेवी ज्यादा बन गए हैं जिनके लिए राज्य की महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और किसानों के हित से ज्यादा महत्वपूर्ण शराबबंदी और दहेजबन्दी हो गया है।इसी वजह से जगह-जगह से आक्रोश का स्वर फूट रहा है।इसी कड़ी में अब बिहार के किसानों ने भी मोर्चा खोला है।आज अखिल भारतीय किसान मजदूर एकता मंच के तत्वावधान में पटना के आयकर गोलबंर पर किसानों के शत प्रतिशत कर्ज माफी की माँग को लेकर आंदोलन की शुरुआत हुई।इसके अलावा किसान हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और किसानों को किसान पेंशन दिये जाने की माँग  भी की गई। मांंग पूरी न होने की सूरत में महाआंदोलन जारी रहेगा।
(स्रोत- लवकुमार)

अनु मिश्रा दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में मीडिया में नील बटे सन्नाटा

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा का हाल बदहाल, नीतीश जी शराबबंदी और दहेजबंदी में मगन।
नेेताओं की तरह मीडिया भी जाति देखकर खबरें करता है।इसका प्रमाण अनु मिश्रा दुष्कर्म और हत्याकांड है।पूरा मामला अपर्णा मिश्रा की जुबानी जो घटना का ब्यौरा देते हुए वे 15 जनवरी को लिखती हैं -

देह नही, हम नारी है....
दो दिन पहले अनु नाम की एक लड़की के साथ  खेरनपुर(मशरक) में दुष्कर्म की घटना सामने आई है। 
अनु अपने नियमत समय पर कोचिंग जाने को घर से निकली थी। घण्टों बीतने के बाद भी जब वो घर नही आई, तब उसके परिवार समेत परोसी उसे ढूंढने बाहर गए। उसकी साइकिल नदी किनारे और उसकी लाश खेत मे बोर में बंद मिली। 
#बिहार में महिला अत्याचार, बलत्कार, हत्या की घटना बहुत अधिक बढ़ गईं है। आज उसके साथ तो कल किसी और के साथ। आये दिन बलात्कार की घटनाओं को देखते हुए ऐसा लगता है जैसे अब पेपर में भी इसके नाम से एक अलग कॉलम बना ही देना चाहिए।  
आखिर कब तक, हम युही #मौन बैठे रहेंगे ? कब आप समझोगे हम सिर्फ देह नही, हम नारी है।
वही युवा नेता बााल्मीकि कुमार सिंह लिखते हैैं -
"इस बाप का गुनाह सिर्फ इतना है कि ये ब्रह्मर्षि सवर्ण समाज के घर से ब…

अनंत सिंह बाढ़ से भू-पताका लहराएं तो मोकामा में झंझट खत्म हो जाएगा

सौरव सिंह -
◆मोकामा में कब तक ललन वर्सेज अनंत/एक स्वस्थ्य विचार
【आप सब से विनती से जयकारा ना लगाएं।।पूरा पढ़ें और अपना बहुमूल्य विचार जरूर रखें।।भूमिहार समाज जयकारा के लिए उत्पन नहीं लिया है।।】
आज कल मोकामा विधानसभा की चर्चा को मुख्यता देने के लिए हमारे BhuMantra की तारीफ ना करूँ तो ये नागवार लगेगा।।आज की तरीख में भूमिहार समाज के सबसे बेहतरीन ग्रुप में इसकी गिणती हो रही है।।शायद विधानसभा के विषय पर अभी से चर्चा करना ज्यादा न्योचित नहीं है।।लेकिन अगर आज अपने समाज की सबसे ज्यादा जरूरत है तो भूमिहार प्रतिनिधियों की कद्दावर और मजबूत प्रतिनिधियों की अधिक से अधिक संख्या बिहार विधानसभा के पटल में बढ़े।।वास्तविक रूप में अपने समाज के वरिष्ठ और सम्मानीय बुद्धिजीवियों को इसके ऊपर गहन रूप से चर्चा करनी चाहिए।।सभी अपने हैं फिर क्यों ना अपनों से अपनों के लिए पार्टी के लीक से हटकर एक बाह्य टीम बनाने पर जोड़ दिया जाए।।राजनीतिक दल कोई भी हो हमसब के समझौते के अनुसार सभी प्रतिनिधियों को समाज के एकीकरण को लेकर काम करने के लिए प्रेरित करना होगा।।
                                     रही बात हमसब के परशुराम की नग…