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नये साल में समाज को नेता नहीं व्यवसायी चाहिए

रमण कुमार -

हमें अनकहे नेता की जरूरत है जैसे किंग महेंद्र एवं संप्रदा बाबु हैं अरिस्टो एवं एलकेम दवा कंपनी के । लाखों रोजगार दिया इन्होंने । सबका भला हुआ है ,थोङा अधिक थोङा कम । मैंने भी किबाङ,खिङकी , चौखट, प्लाई ,लकङी की "अरमान डोर एवं प्लाई इंडस्ट्री " लगाई है तेघङा , बेगुसराय जिले में । रोजगार से मेरा भी और मेरे साथ ही अन्य लोगों का भी जीवन बदला है । हिम्मत करके ,मेहनत करके , जिस चीज का व्यवसाय करना हो , पहले वैसे ही व्यवसाय में नौकरी करें या जुङे फिर आपको अपनी व्यवसाय का हरेक पहलु पता होगा जैसा मेरे बङे भाई ने 20 साल गुजरात और महाराष्ट्र के विभिन्न प्लाई इंडस्ट्री में नीचे से उपर मैनेजर पोस्ट तक की नौकरी किया।उनकी इसी अनुभव और कौशल से सब संभव हो पाया । । नये साल में नेता नहीं हमें 100 सफल व्यवसाई मिल जाए तो बेहतर। कुछ भी बनाएं जिसका हरेक जगह इस्तेमाल एवं बिक्री होती हो । शैक्षणिक विकास खासकर तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण पर जोङ दिजिए । मार्केटिंग के गुर सीखे । मारवाड़ी समाज से यह गुण सीखने की जरूरत है। (लेखक के सोशल मीडिया वॉल से साभार)

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मंदिर भगवान का घर होता है लेकिन उस मंदिर में जाकर कोई कुकृत्य करे तो भगवान भी नाराज़ हो जाते हैं और अपने द्वार बंद कर देते हैं. 
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