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अंतर्जातीय विवाह की त्रासदी सुहैब इलियासी-अंजू मर्डर केस, सच्चाई जानेंगे तो चौंक जायेंगे

पत्नी अंजू की हत्या के मामले में सुहैब इलियासी दोषी,मिली उम्रकैद की सजा 

खुलेपन के नाम पर अंतर्जातीय विवाह आम बात है. भूमिहार समाज भी इससे अछूता नहीं. लड़के और लड़कियां आधुनिकीकरण के नाम पर धर्म और जाति की दीवार को गिराकर अंतर्जातीय विवाह कर रहे हैं. लेकिन नासमझी और हड़बड़ी में की गयी ऐसी शादियों का हश्र कई बार बहुत भयानक होता है. उसी की बानगी पेश करता है अंजू मर्डर केस जिसमें 17साल के बाद कोर्ट का फैसला आया है और अंजू के पति सुहैब इलियासी को उम्र कैद की सजा का हुक्म कोर्ट ने दिया है. गौरतलब है कि अंजू इलियासी कभी अंजू सिंह हुआ करती थी और एक प्रतिष्ठित भूमिहार ब्राहमण परिवार से ताल्लुक रखती थी.
suhaib ilyasi

सुहैब इलियासी और अंजू की कहानी -

अंजू की मां रुकमा सिंह के मुताबिक़ सुहैब और अंजू की पहली मुलाकात 1989 में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुई थी. धीरे-धीरे दोनों अच्छे दोस्त बन गए और बात शादी तक जा पहुंची. अंजू के पिता डॉ. केपी सिंह को जब इस रिश्ते का पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया. लेकिन इसके बावजूद अंजू और सुहैब ने 1993 में लंदन जाकर स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी कर ली. इसके बाद अंजू ने अपना नया नाम अफसाना रख लिया. दोनों अक्टूबर, 1994 तक लंदन में ही रहे. जब दोनों देश लौटे तो अंजू ने सुहैब के साथ रहने से इंकार कर दिया और छह महीने बाद लंदन अपने भाई के पास रहने चली गई.

अंजू के भाई ने कहा कि वह सुहैब से तलाक चाहती थी, लेकिन पति ने ऐसा नहीं करने दिया.अप्रैल, 1994 में सुहैब लंदन गया और एक महीने बाद दोनों साथ भारत लौटा. 1995 में अंजू ने बेटी आलिया को जन्म दिया, मगर सुहैब के करतूतों को देखकर उसने बेटी के साथ कनाडा अपनी बहन रश्मि के साथ रहने का फैसला किया. इससे पहले कि वह कनाडा जा पाती रहस्यमय हालात में उसकी मौत हो गई.

सुहैब इलियासी का परिचय - 

इंडियाज मोस्ट वांटेड से सुर्ख़ियों में आये सुहैब इलियासी का जन्म 15 नवंबर 1966 को दिल्ली में हुआ था. उसके पिता जमील इलियासी ऑल इंडिया इमाम संगठन के प्रमुख और केंद्रीय दिल्ली के कस्तुरबा गांधी मस्जिद के इमाम थे. सुहैब ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जर्नलिज्म की पढ़ाई की. पढ़ाई के बाद सुहैब ने लंदन में टीवी एशिया में काम किया. बाद में भारत लौटकर मार्च 1998 में क्राइम बेस्ड रिएलिटी शो 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' शुरू किया. यह क्राइम शो उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ था.सुहैब टीवी पर गुनाह और गुनाहगारों की कहानियां दिखाते थे. यह कार्यक्रम भगोड़े अपराधियों पर आधारित था, जो काफी रिसर्च के बाद तैयार किए जाते थे. इसमें इतने पुख्ता सबूत जुटाए जाते थे कि ये पुलिस के लिए भी मददगार साबित होते थे.

Community Journalism With Courage

Comments

Mauli bhardwaj said…
Samajik dritikon se dekhe to pata chalega hamara desh ek purush pradhan desh hai,yaha istri ko purush k adhin rahna parta hai vivah k baad,husband aur uske faimly ki khushi me usko khud ki khushi tallashni parti hai,agar hum bharat ke atit pe najar daalenge to pata chalega ki sati pratha aur baal vivah jaise niyam k wajah se sadiyo istri ka shoshan hota aiya hai,rajtantra me mard chahe kitni bhi aurat rakh sakte thhe magar aurat ek mard se jyada nahi rakh sakti thi,aur pahle k raja maharaja ki kitni rani hua karti thi,jaise jaise waqt bita waise waise log aur shikshit hue,wapt ke sath purana samajik niyam badla magar aaj bhi prajatantra k daur me hamara bharat aur desho k mukable abhi v picchra hai,abhi bhi aurat mard k barabar shikshit nahi hai,abhi mard k mukable aurat ka vidhba vivah bahut kam hota hai aise me brahman samaj ki ladkiya jo dusre samaj k ladkiyo se jyada shikchit hai unhe soch samajh ke apne samaj k niyam ko dhayan me rakh ker sahi kadam uthana hoga nahi to din pe din aise hi hamare kanoon k kamjoriyo k wajah se rape,girls prustitution,gharelu hinsa etc din pe din badh rahe hai,hum western desho ki nakal ker jarur rahe hai per usper 100 percent chal nahi paa rahe hai isliye ladkiyo ko koi bhi kadam uthane se pahle apne parents ko jarur bataye kyoki aage aane wale sahi ya galat waqt pe wae uske bhagidar bane,agar love marraige bhi kare to koshish kare ki apni marji me kam se kam mata pita ki marji ko bhi shamil kare aur jahan tak ho sake parents ki marji se chale kyoki shadi sirf love sex aur relation banane tak simit nahi hai issme bahut badi responsibility bhi hai jisse nibhana aashan nahi hai kyoki talak k baad yaha mard dusri shadi ker lete hai aur aurat ki jindagi barbad ho jati hai ye kyoki western country nahi hai ki devorse k baad ya husband k marne k baad aashani se dubara shadi ker jindagi basha sake aur naa jane kyo hamara samaj bhi aurat ko iski ijjajaj nahi deta

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