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Showing posts from July, 2017

भूमिपुत्र ललित किशोर बने बिहार के नए महाधिवक्ता,राजद को लगी मिर्ची

पटना. नीतीश कुमार के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के गठन के बाद राज्य में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव की शुरुआत भी हो गयी है. उसी बदलाव के रूप में पहली नियुक्ति ललित किशोर की महाधिवक्ता के पद पर नियुक्ति के रूप में हुई है.
महाधिवक्ता राम बालक महतो के इस्तीफा देने के बाद प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर बिहार के नए महाधिवक्ता बनाये गए हैं. वे पिछले कई वर्षों से राज्य सरकार का पक्ष हाईकोर्ट में रखते आ रहे हैं. उन्हें एक प्रभावी वकील माना जाता है.
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सबका न्यायपूर्ण विकास ही हमारी प्राथमिकता होगी. लेकिन ललित किशोर के महाधिवक्ता के पद पर बहाली से राजद में खलबली है. राजद के पेज पर बाकायदा इस संदर्भ में टिप्पणी की गयी है. टिप्पणी करते हुए लिखा गया - 
"महगठबँधन टूटने और लालू यादव के निकलने के बाद NDA सरकार के पहले ही दिन सामाजिक न्याय की राजनीति का हश्र देखिए:- सवर्ण मंत्रियों की संख्या दुगुनी हुई। भूमिहार, ब्राह्मण और राजपूत मंत्रियों की संख्या में भारी इज़ाफ़ा लेकिन कायस्थ एक भी नहीं। पिछड़ें वर्ग कुशवाहा समाज के बिहार प्रदेश के महाधिवक्ता ( Chief …

नीतीश के मंत्रिमंडल में अबकी राजपूतों से आगे निकले भूमिहार, तीन भूमिपुत्रों को मिली जगह

पटना. बहुमत साबित करने के बाद आज नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार भी कर दिया. इस मंत्रिमंडल में तीन भूमिहार नेताओं को जगह मिली है. इसमें से दो भाजपा के और एक जदयू से है. इनके नाम क्रमशः सुरेश शर्मा(मुजफ्फरपुर), विजय कुमार सिन्हा(लखीसराय) और राजीव रंजन/ललन सिंह (मुंगेर) हैं. 
राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह को जल संसाधन और योजना मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मंत्रिमंडल के गठन में जातीय समीकरण का ख़ास ख्याल रखा गया है और इसी वजह से हर जाति को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गयी है. 
लेकिन इस बार भूमिहारों को राजपूतों से ज्यादा जगह मंत्रिमंडल में मिली है. नीतीश मंत्रिमंडल में जहाँ तीन भूमिहारों को शामिल किया गया है तो दूसरी तरफ सिर्फ दो राजपूतों को ही मंत्रिमंडल में जगह मिली है. Community Journalism With Courage

स्वर्गीय कृष्णा शाही के परिजनों से मिले डॉ.अरुण कुमार

भाजपा नेता कृष्णा शाही की संदिग्ध हत्या के बाद भाजपा के किसी बड़े नेता का बयान भले न आया हो,लेकिन रालोसपा के डॉ.अरुण कुमार उनसे मिलने जरुर पहुंचे. उन्होंने गोपालगंज के के चैनपुर में बीजेपी नेता कृष्णा शाही के परिजनों से मुलाकात करके उन्हें सांत्वना दी. देखिए तस्वीरें - स्वर्गीय कृष्णा शाही के परिजनों से मिले डॉ.अरुण कुमार Community Journalism With Courage

कृष्णा शाही की पत्नी ने की सीबीआई जांच की मांग, देखिए वीडियो

गोपालगंज. भाजपा नेता कृष्णा शाही की पत्नी ने शांता शाही ने अपने पति की हत्या के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने एक चैनल से बातचीत में कहा कि, 'मुझे गोपालगंज जिला प्रशासन के जांच रिपोर्ट पर कोई भरोसा नहीं है. मुझे इंसाफ दिलाइए, मेरे गंगा जैसे पवित्र पति की हत्या की जांच सीबीआई से कराइए.' 
उन्होंने कहा है कि मेरे पति कृष्णा शाही के हत्या का आरोपी आदित्य राय द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद और गलत है. आरोपी मेरे यहां बचपन से रहता था, उसके परिवार के साथ काफी गहरा लगाव था। उनके अधिकतर कामों को वही देखता था। पैसे का लेन देन भी वही देखता था। उन्होंने कहा है कि मेरे पति को उसपर काफी विश्वास था. 15 लाख रुपए घर बनवाने से लेकर उसके और उसकी बहन की शादी करवाने तक बतौर कर्ज उन्होंने दिया था. 
शांता कहती है कि उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है. सिर्फ मीडिया पर ही भरोसा है। उनके पति की मौत की जांच होनी चाहिए। क्योंकि उनके परिवार को जदयू विधायक अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय उर्फ़ पप्पू पाण्डेय उनके भाई सतीश पाण्डेय और भतीजा मुकेश पाण्डेय से खतरा है. 
गौरतलब है कि 19 …

दिल्ली में भूमिहार प्रतिभा सम्मान का सफल आयोजन, डॉ.सीपी ठाकुर और डॉ.अरुण कुमार ने किया सम्मानित

नई दिल्ली । यूपीएससी परीक्षा में सफलीभूत हुए ब्रह्मर्षि समाज के प्रतिभागियों को दिल्ली के आई टी ओ स्थित इंजीनियरिंग भवन में आयोजित भव्य समारोह के दौरान गुलदस्ते व स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया गया । इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ सी पी ठाकुर मुख्य अतिथि एवं जहानाबाद के सांसद डॉ अरुण कुमार तथा लक्ष्मी नगर ( दिल्ली ) के विधायक नितिन त्यागी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए । इस दौरान सम्मानित हुए प्रतिभागियों में आरती सिंह रैंक 118,नितेश पांडे रैंक 141, प्रियंका त्यागी,योगेश गौतम, अजीत कुमार, इशेन्द्र कश्यप, आशुतोष कुमार राय, विराज सिंह,ओंकार सिंह,प्रियकोश कुमार, अविनाश कुमार के अलावा फ़िल्मी गीतकार मीनाक्षी भारद्वाज, हॉकी खिलाड़ी अनंत कुमार, मोनू चौधरी, इक्कीस हजार ऑटो रिक्शा के संचालक निर्मल कुमार, अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी शुभलक्ष्मी आदि को सम्मानित किया गया । 
अपने संबोधन में डॉ सीपी ठाकुर ने समस्त प्रतिभागियों का उत्साह वर्द्धन करते हुए कहा कि देश और समाज हित में पूरी निष्ठा से कार्य करने का जज्बा रखे ।ब्रह्मर्षियों का यह स्वाभिमानी वर्ग …

भूमंत्र रणवीर सेना का आपसे बड़ा समर्थक है, आपने भूमंत्र के काम को जल्दी भूला दिया

भूमंत्र के काम को आपमें से कईयों ने बहुत जल्दी भूला दिया.नए सदस्य की अनभिज्ञता समझ में आती है.मगर कई पुराने सदस्य !!! वे बहुत जल्दी में हैं. भूमंत्र को रणवीर सेना, ब्रह्मेश्वर मुखिया और भूमिहार विरोधी साबित करने पर तुले हैं. भूमंत्र ने रणवीर सेना की कहाँ भर्त्सना की? बाबा ब्रह्मेश्वर का जिक्र कहाँ किया? यदि किया तो उसका स्क्रीनशॉट पेश किया जाए. भूमंत्र के जिस स्टैटस को आप तिल का ताड़ बना रहे हैं वो इस तरह से है -  "औरतों और बच्चों को मारना कायरता है,चाहे वो किसी भी जाति या विचारधारा से क्यों न हो।रणवीर सेना के रणबांकुरे से एकाध बार ये चूक हुई।"

भूमंत्र का यही बयान था और उसपर वह अडिग है. इसमें पहली बात कि बाबा ब्रह्मेश्वर का जिक्र तक नहीं है. फिर उनका अपमान कैसे हो गया? बाबा ब्रह्मेश्वर के शहादत दिवस पर इसी भूमंत्र ने ट्विटर और फेसबुक पर सघन अभियान छेड़ा था. याद न करने के कारण नेताओं की क्लास ली थी और समर्थन में पोस्ट की बौछार कर दी थी. भूमंत्र के प्रयास से ही आंदोलित होकर एक युवा ने दिल्ली के इंडिया गेट पर पहुंचकर अनोखे अंदाज़ में बाबा ब्रह्मेश्वर को याद किया और उनक…

दिल्ली में 23 जुलाई को भूमिहार प्रतिभा सम्मान, जरुर पहुंचे

भूमिहार ब्राह्मणों ने अपनी प्रतिभा से पूरे विश्व में अपनी चमक बिखेरी है. इन्हीं प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए पिछले साल से भूमिहार प्रतिभा सम्मान का आयोजन शुरू किया गया जिसकी काफी सराहना हुई. उसी को आगे बढ़ाते हुए इस साल दूसरे भूमिहार प्रतिभा सम्मान का आयोजन दिल्ली में किया जा रहा है जिसमें भूमिहार प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा. यह आयोजन दिल्ली के आईटीओ स्थित इंजीनियरिंग भवन में आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम का समय 4 बजे से 9 बजे के बीच है. आमंत्रण पत्र - 
Community Journalism With Courage

सबके लिए सैटेलाईट फोन सेवायें - मनोज सिन्हा

दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि सरकार ने सैटेलाइट फोन सेवाएं देने पर किसी तरह का अंकुश नहीं लगाया है और कोई भी इकाई देश में इसका परिचालन शुरू कर सकती है। किसी पर कोई रोक नहीं है, यह सभी के लिए खुला है। जिसकी इस क्षेत्र में रुची है वह आगे आ सकते हैं।यह और बात है कि सेवा प्रदाता को देश में सेटेलाइट फोन गेट-वे बनाना होगा ताकि सुरक्षा एजेंसियां जरूरत पड़ने पर कानूनी तरीके से नेटवर्क में कॉलों को इंटरसेप्ट कर सकें।

Community Journalism With Courage

भूमिहार बहुल गाँव में शौचालय का भूत !

नवादा. अंधविश्वास की खाई बड़ी गहरी होती है और उसे पाटना इतना आसान नहीं होता. बिहार के नवादा जिले का गाजीपुर गाँव इसी का एक नमूना है. तकरीबन 2000 की आबादी वाले भूमिहार बहुल गाँव में एक भी शौचालय नहीं है. ऐसा पिछले 25 सालों में पनपे अंधविश्वास की वजह से है. 
ग्रामीणों का कहना है कि 25 साल पहले गांव के श्रीधेश्वर और एक अन्य परिवार के लोग अपने घर में शौचालय बनवा रहे थे, लेकिन इस बीच उन दोनों ही परिवार के एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. तभी से यह अंधविश्वास घर कर गया कि शौचालय बनवाने का मतलब किसी परिजन को खोना. जिला मुख्यालय से 14 किमी दूर गांव का इतिहास करीब 300 साल पुराना है और शौचालय छोड़ अन्य सभी सुविधाएं कमोबेश हैं. आबादी भी मिलीजुली है, आधे भूमिहार हैं बाकी में पिछड़ी व दलित जाति के लोग हैं. यहां के कई लोग सरकारी नौकरी में हैं. कोई बिहार पुलिस में है तो कोई इंजीनियर। कई दिल्ली-मुंबई में नौकरी भी करते हैं। गांव की सड़क ठीक है। बिजली भी 14 घंटे तक आ जाती है. गांव में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल भी है, जहां 200 बच्चे पढ़ते हैं। 
करीब आठ साल पहले इस स्कूल में शौचालय भी बनवाया गया, लेकिन आज तक उ…

भूमिहार प्रतिभा सम्मान और बिहार प्रतिभा सम्मान में समय का टकराव

दिल्ली में आगामी 23जुलाई को एक साथ दो इवेंट हो रहे हैं. एक इवेंट का नाम भूमिहार प्रतिभा सम्मान है तो दूसरे का नाम बिहार प्रतिभा सम्मान है. दोनों ही रविवार 23 जुलाई को हो रहा है. इसलिए कई लोग पशोपेश में है कि किसमें जाएँ और किसमें न जाएँ? क्योंकि तारीख एक ही है. हालाँकि समय में अंतर है. बिहार प्रतिभा सम्मान 2 से 5 बजे के बीच है तो दूसरी तरफ भूमिहार प्रतिभा सम्मान 4 बजे से है. इस लिहाज से दोनों कार्यक्रमों को अटेंड किया जा सकता है. लेकिन फिर भी समय का टकराव तो है ही. दोनों आमंत्रण पत्र - Community Journalism With Courage

हत्या के पीछे अवैध संबंधों का साया : कृष्णा शाही मर्डर केस

गोपालगंज. कृष्णा शाही मर्डर केस में पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक़ हत्या के पीछे अवैध संबंध कारण है.एसपी रविरंजन कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि अवैध संबंध के कारण ही कृष्णा शाही की हत्या की गयी है. एसपी ने बताया बीजेपी नेता का अपने ही करीबी आदित्य राय की बहन के साथ अवैध संबंध था. अवैध संबंध की जानकारी आदित्य को 15 दिन पहले हुई थी जिसके बाद ही कृष्णा की हत्या की साजिश आदित्य ने रची. कृष्णा की जान लेने के लिये सब्जी में कीटनाशक दवा मिलाया गया और उसे खाने के बाद बीजेपी नेता ने दम तोड़ दिया. पुलिस ने आदित्य को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आदित्य ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने इस घटना को अंजाम दिया है. ज्ञात हो कि बुधवार को हथुआ के चैनपुर निवासी बीजेपी नेता कृष्णा शाही का शव फुलवरिया के मांझा गांव में कुएं में मिला था. Community Journalism With Courage

भाजपा नेता कृष्णा शाही की रहस्मय हत्या, गुस्से में समर्थक

पटना. जहरीली राजनीति के जहर ने एक और युवा नेता को लील लिया. गोपालगंज जिले के फुलवरिया थाना के मांझा गांव के एक कुएं से कल भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता कृष्णा शाही का शव बरामद किया गया. प्राथमिक जांच में उनकी हत्या कर कुंए में फेंक देने की आशंका जताई जा रही है. 
पुलिस के अनुसार, गोपालगंज जिले के हथुआ थाना के चैनपुर गांव निवासी और भाजपा व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी कृष्णा शाही मंगलवार की रात मांझा गांव निवासी लालबाबू राय के श्राद्धकर्म में भाग लेने वहां गए हुए थे. इसके बाद वे घर नहीं लौटे. चैनपुर पंचायत की मुखिया शांता शाही के पति शाही के लापता होने की सूचना पुलिस को बुधवार सुबह दी गई. 
पुलिस ने जब खोजबीन प्रारंभ की तब उनका शव मांझा गांव के ही एक कुएं से बरामद किया गया है. शव बरामदगी के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है. गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ की. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शाही मांझा गांव में ही एक व्यक्ति के घर में रात को ठहर गए थे. 
पुलिस ने आशंका जताई है कि शाही की हत्या जहरीला पदार्थ खिलाकर की गई है और हत्या के बाद कुएं में शव फेंका …

खबरनवीसों भूमिहार पर दबंग का ठप्पा लगाते शर्म नहीं आती, इस खबर को पढ़िए जरा

पत्रकारिता के कुछ उसूल होते हैं. उसमें से एक प्रमुख उसूल होता है कि ख़बरों को जातिगत रंग से बचाना. लेकिन वर्तमान समय में पत्रकारिता के ये सारे सिद्धांत जैसे भूला दिए गए हैं और रोज पीत पत्रकारिता का नमूना दिखाई दे ही जाता है. 10जून,2017 को पीत पत्रकारिता का ऐसा ही नमूना आजतक और उसके सहयोगी साईट लल्लनटॉप पर भी दिखाई पड़ा. उस दिन दोनों वेबसाईट पर दो शीर्षकों से खबर पोस्ट की गयी. खबर का शीर्षक था -  आजतक : बिहारः कबड्डी की नेशनल प्लेयर को दबंगों ने दी बलात्कार की धमकी  http://aajtak.intoday.in/crime/story/bihar-kabaddi-wrestling-women-player-threat-rape-1-934656.html  लल्लनटॉप : जिस लड़की को रेप की धमकी दे रहे हैं, खेल में हराकर दिखाइए  http://www.thelallantop.com/news/backward-caste-girl-threatened-of-rape-by-upper-caste-men-in-bihar/ 
खबर का सार था कि एक कबड्डी प्लेयर को धमकी मिली थी जिसकी शिकायत पुलिस में उस खिलाड़ी ने दर्ज भी करवायी. लेकिन पत्रकारों ने इसमें नेताओं की तरह जाति ढूंढी और खिलाड़ी को यादव और दबंगों को भूमिहार जाति के रंग में रंग दिया. जबकि खबर में जाति का एंगल होना ही नहीं चाह…

58 साल के हुए मनोज सिन्हा, जन्मदिन पर बधाइयों का लगा तांता, योगी आदित्यनाथ ने भी दी बधाई

राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का कल जन्मदिन था. इस मौके पर उन्हें योगी आदित्यनाथ समेत देश के कई वरिष्ठ नेताओं और अन्य राज्य के मुख्यमंत्रियों ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी. 
विकासपुरुष मनोज सिन्हा का जन्म 1 जुलाई, 1959 को उत्तरप्रदेश के मोहनपुरा, गाजीपुर में हुआ. वे गाजीपुर(उत्तर प्रदेश) से संसद (लोक सभा) के सदस्य हैं और मोदी सरकार में मंत्री भी हैं. उन्होंने वर्ष 1982 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (BHU), वाराणसी से सिविल इंजीनियरिंग में एम.टेक किया है. वे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष थे. पहली बार 1996 में वे 11वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित हुए तथा वर्ष 1999 में पुन: 13वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित हुए. वर्ष 2014 में वे 16 वीं लोक सभा (तीसरा सत्र) के लिए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं. 
उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर तब सुर्ख़ियों में छाया जब उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के संभावित उम्मीदवार के रूप में उनका नाम सबसे ज्यादा मीडिया में उछला. हालाँकि मोदी सरकार के सबसे अच्छे मंत्रियों में भ…

विवादों में फंसे मनोज सिन्हा, देना पड़ा स्पष्टीकरण

केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा अमूमन विवादों से दूर ही रहते हैं. वे अपनी संयत भाषा के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उनका नाम जबसे प्रमुख दावेदार के रूप में उछला तब से उन्हें विवादों में उलझाने की लगातार कोशिश की जा रही है. उसी कड़ी में ताजा विवाद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में दिए गए उनके व्याख्यान को लेकर है.
दरअसल मामला 28 जून का है जब काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था जिसमें दो डाक टिकट जारी हुए. इसमे रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने भी शिरकत की थी और उन्होंने सामान्य बातचीत में प्रख्यात साहित्यकार धर्मवीर भारती की रचना का जिक्र करते हुए इलाहाबाद को 'हरामजादा' शहर बताया था. उनकी इस टिप्पणी के बाद मामला गरमा गया है और साहित्यकार धर्मवीर भारती की पत्नी पुष्पाभारती ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. 
पुष्पाभारती ने कहा, 'भारती जी न तो इस तरह की भाषा बोलते थे, न लिखते थे और न ही उनकी रचना का कोई पात्र ऐसी भाषा बोलता है.' उन्होंने कहा कि जिनकी रगों में इलाहाबाद बहता हो, वह भला ऐसा कैसे कह सकते हैं.इस संबंध में केंद्…