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बेगूसराय की इस भूमिपुत्री ने 18 साल की उम्र में कर दिया कमाल, पढेंगे तो इस बिटिया पर आपको भी होगा नाज!

प्रेरणादायक खबर : बेटियों पर नाज कीजिए, उन्हें यह खबर पढाईए


बेगूसराय. प्रतिभा किसी चीज की मोहताज नहीं होती. बेगूसराय के बिहटा की भूमिपुत्री प्रियंका ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. 18 साल की उम्र में प्रियंका इसरो की वैज्ञानिक बन गयी हैं. आप सोंच रहे होंगे कि वे किसी धनाढ्य और स्थापित परिवार से संबद्ध रखती हैं लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है. उनके पिता राजीव कुमार सिंह रेलवे में गार्ड की नौकरी करते हैं और मां प्रतिभा कुमारी शिक्षिका हैं. वे बिहटा के एक साधारण भूमिहार ब्राहमण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. इस मायने में उनकी सफलता उल्लेखनीय है. 

पढाई-लिखाई : 

1-दसवी और 12वीं : वर्ष 2006 में 'डीएवी एचएफसी' से दसवीं और वर्ष 2008 में 12वीं 
2-बीटेक : नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अगरतला 
3-एमटेक : एमटेक की पढ़ाई इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गुवाहाटी से पूरा कर रही हैं 

सफलताएं : 

1- वर्ष 2009 में एआईईई की परीक्षा में 22419वां रैंक 
2- वर्ष 2016 में गेट की परीक्षा में 1604वां रैंक 
3- शोध पत्र 'वायरलेस इसीजी इन इंटरनेशनल' जर्नल ऑफ रिसर्च एंड साइंस टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग में प्रकाशित 
4-आईओसीएल बरौनी, एनटीपीसी बाढ़ से प्रशिक्षण 

परिवार और पूरे बेगूसराय को भूमिपुत्री पर नाज : 

प्रियंका की इस सफलता पर उनके परिवारजनों के अलावा पूरा गाँव भी झूम उठा. बिटिया के पापा ने राजीव कुमार सिंह ने कहा कि उसने अपनी मेहनत से हमारे पूरे परिवार और गांव को सम्मान दिया है. गांव की बेटियां इससे भी और ज्यादा ऊंचाइयों को छुए उनके सपनों को पंख लगे, इसके लिए हम सब प्रयास करें. 

प्रियंका की सफलता पर सोशल मीडिया पर आयी एक प्रतिक्रिया : 

राजेश रौशन : बीहट की बेटी कल्पना चावला और सुनिता विलियम्स से कम नहीं होती है यह साबित कर दिया है प्रियंका ने! जो लोग बेटी के जन्म लेने पर आठ-आठ आंसू बहाते है और मातम मनाते है उनके मुँह पर करारा तमाचा मारा है इस बेटी ने,सपनों को लगे पंख , बीहट की बेटी ने भरी इसरो की उड़ान सैल्यूट प्रियंका हम सब को तुम पर नाज है!.बीहट की बेटी ने इसरो का वैज्ञानिक बनकर पुरे बेगुसराई जिले को गौरवान्वित किया है!बेटियों के पर को कतरो मत उन्हें परवाज भरने दो वो आसमान की बुलंदियो को अपने आगोश भे भर लेंगी ।आज मन कह रहा है एक बार फिर से बेटी बचाओ -बेटी पढाओ।प्रियंका ने जो सफलता का अध्याय लिखा है वो दूसरी लड़कियों के लिए आदर्श और प्रेरणा का स्रोत हैं ।मुझे गर्व है मेरी बहन की तुम मेरी बहन हो और तुम्हारी सफलता से आनेवाली पीढ़ी और लड़कियों के रास्तों मे जो बाधा आती है वो दूर होगी। (ये भूमंत्र की मूल सामग्री है. अनाधिकार प्रयोग वर्जित है. अन्यथा कॉपीराईट कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है)

Community Journalism With Courage

ज़मीन से ज़मीन की बात 

भूमंत्र.कॉम

Comments

Anonymous said…
Great great news about #biggboss12
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Manish said…
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