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अफवाहों पर ध्यान न दे,परशुराम जयंती की तरह महाराणा प्रताप जयंती पर भी यूपी में छुट्टी नहीं

उत्तरपदेश की योगी सरकार ने पर्व-त्यौहार और महापुरुषों के नाम पर घोषित 15 छुट्टियों को रद्द कर दिया था. कहा गया कि छुट्टी के स्थान पर उस दिन इन महापुरुषों के बारे में स्कूल-कॉलेज में पढाई हो तो ज्यादा अच्छा. प्रगतिशील समाज ने योगी सरकार के इस कदम का स्वागत किया. लेकिन इसे जातीय रंग भी देने की भरपूर कोशिश हुई. आज जब महराणा प्रताप जयंती है तो भी परशुराम जयंती की तरह छुट्टी नहीं है.लेकिन सोशल मीडिया पर ढेरों लोग ये फैला रहे हैं कि परशुराम जयंती की छुट्टी रद्द कर दी गयी और महाराणा प्रताप पर सरकारी अवकाश कायम है. लेकिन ये एक अफवाह है. परशुराम जयंती की तरह महराणा प्रताप की जयंती पर भी कोई सरकारी अवकाश नहीं है. इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दे. ब्राह्मणों और राजपूतों की एकता तोड़ने की कोशिश देश में जारी है. सावधान रहे. सबूत के तौर पर देखिये रद्द छुट्टियों की सूची -
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सेनारी नरसंहार को देख जब भगवान भी काँप गए,17 साल से बंद है मंदिर

मंदिर भगवान का घर होता है लेकिन उस मंदिर में जाकर कोई कुकृत्य करे तो भगवान भी नाराज़ हो जाते हैं और अपने द्वार बंद कर देते हैं. 
बिहार के अरवल जिले के सेनारी गांव में 17 साल पहले ऐसा ही हुआ जब मंदिर रक्तरंजित हो गया और उस घटना को देख भगवान भी एक बार काँप गए होंगे.लेकिन प्रभु से ये मासूम जिज्ञासा भी है कि अपने सामने ऐसा अनर्थ उन्होंने होने कैसे दिया? 
सेनारी में 17 साल पहले गाँव के इसी मंदिर में चुन-चुनकर 34 भू-किसानों की हत्या एक के बाद एक कर हुई थी. ह्त्या का तरीका भी बेहद निर्मम और दिल दहलाने वाला था. 
सभी 34 लोगों की हत्या गला रेत कर गाँव के मंदिर के द्वार पर की गयी थी. तब से आज तक उस मंदिर के द्वार बंद हैं. गांव के लोगों ने इस मंदिर में पूजा पाठ करना बंद कर दिया है. 
ग्रामीणों के मुताबिक भगवान के द्वार पर लोगों की हत्या कर दी गई है. लिहाजा मंदिर में पूजा करने का क्या फायदा ? अब पिछले 17 सालों में यह मंदिर वीरान पड़ा हुआ है.