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लालू की आरजेडी को लेकर राजपूतों की भूमिहार नीति को समझिए

lalu rajput bhumihar
रणजीत महाप्रभु- 

#RJD से भूमिहारों को नफ़रत है लेकिन राजपूतों को उससे प्रेम। तभी तो रघुवंश सिंह, जगदानंद सिंह, कांति सिंह जैसे राजपूत के दिग्गज RJD में हैं और वे अपने समाज की बातों को समय-समय पर पार्टी के मंच पर रख मनवाँ भी लेते हैं। अब लोग कहेंगे कि #लालू प्रसाद ने बिहार में भूमिहारों का नरसंहार करवाया। इनलोगो को ये भी पता होगा कि  बिहार में सवर्ण का सबसे बड़ा नरसंहार औरंगाबाद के दलेलचक बघौरा में हुआ था जिसमे सब के सब राजपूत भाई मारे गये थे और आरोप लालू प्रसाद (तब का राइजिंग स्टार) और उनकेे समर्थकों पर लगा था। वहां ऐसी स्थिति पैदा हुई थी कि राजपूत परिवार की दर्जनों बहुयें और बेटियों का अपहरण कर लिया गया था जिसका आज तक पता नहीं। कुछ लौट कर आयीं भी तो परिवार और समाज से नज़र नहीं मिला पायीं। 

लेकिन किसी के अंदर ये दम नहीं दिखा की भूमिहार को मारकर बहू और बेटी को उठा ले जायें। घात - प्रतिघात की लंबी लड़ाई जरूर हुई। दोनों तरफ से लोग मारे गए लेकिन सरकारी आँकड़ा ये बताता है कि हमने #डबल का #लीड ले उन्हें मारा और अंतिम नरसंहार भी लालू प्रसाद के समर्थकों का कर (मियाँपुर) #परशु को गंगा में फेंक दिया ताकि समय पर शुद्धिकरण के साथ निकाल पुनः इस्तेमाल कर सकें (ॐ करें इसकी जरुरत ना पड़े और सर्व समाज में भाईचारा बना रहे)। बड़ा से बड़ा घाव #समय भर देता है। हमने शपथ लिया और राजनैतिक, सामाजिक रूप से लालू प्रसाद को कहीं का नहीं छोड़ा। 

लालू प्रसाद ने इस बात को समझा और पटना के #ब्रह्मर्षि सम्मलेन में खुले मंच से गुणगान करते हुए ये भी बोला था कि प्रदेश का विकास आपके (भूमिहारों) सहयोग बिना संभव नहीं। फिर बिहार का DGP एक भूमिहार को बनाया , #राज्यसभा में एक दिग्गज भूमिहार किंग मंहेंद्र को भेजा और जातिगत आरक्षण में आर्थिक आधार पर सवर्णों को हिस्सेदार बनाने की भी बात कही (भूमिहार आंदोलन देखकर). इतना कुछ करने के बाद भी भूमिहार लालू प्रसाद के साथ नहीं गया। जिसका परिणाम लालू का पुनः भूमिहारों से दूरी का बनना और राजपूतों के नज़दीक जाने पर मज़बूर होना है। 

अभी खत्म हुए बिहार विधानसभा चुनाव में #RJD ने एक भी भूमिहार को टिकट नहीं दिया। ये कुछ उस तरह की हीं बात है कि बीजेपी के लाख कोशिश के बाद जब मुस्लिम नज़दीक नहीं आये जबकि बीजेपी साफ़ दिल से स्वागत करने के मूड में थी। बीजेपी थक गई। मुसलमान उससे दुरी बनाके रखे और अंततः एक भी टिकट यूपी चुनाव में उन्हें नहीं दिया। विश्वास तो करना होगा। तो क्या इसमे #बीजेपी का दोष है ? समझने का प्रयास करें। 

आज की राजनैतिक परिवेश में शायद राजपूतों ने हमारे पुरखा आचार्य चाणक्य की नीतियों को हमसे काफी जाएदा पढ़ा और समझा ठीक उसी तरह जिस तरह भारतीय लोगो ने सनातन धर्म ग्रंथों को काल्पनिक समझा और NASA (अमेरिका) ने उसे ब्रह्माण्ड को जानने और समझने का स्रोत। अमेरिका आगे और भारत अभी भी भगवान कृष्ण का द्वारका समंदर के अंदर ही देख रहा है। #गौरक्षा आंदोलन भारत में चलता है वो भी द्वापर से लेकिन गोमूत्र पर पेटेंट अमेरिका लेता है। #तुलसी हमारे आंगन की है और अमेरिका पेटेंट करवा लेता है। #बासमती चावल हमारा अमेरिका पेटेंट लेता है। 

सो आज की जरुरत है कि भूमिहार #चाणक्यनीति पढ़े और नीतियों पर पेटेंट करवाये ( वैचारिक चंद्रगुप्त पैदा करे) और किसी भी दल की सत्ता हो वहां हमारा प्रतिनिधि हो जो हमारी आवाज़ उठा सकें। हम तो दूसरों के लिए जीने वाले लोग है। लेकिन जब हमारा वजूद खतरे में होगा तो दूसरों का कल्याण कैसे संभव। टूटे हुए मन से कोई खड़ा नहीं होता। आयें अपने अंदर एकात्म का बोध पैदा करें। #आवाज़ में दम है# #आवाज़ बुलंद करें। 

( रणजीत महाप्रभु राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय सामाजिक उत्थान परिषद)


ranjeet mahaprabhu
रणजीत महाप्रभु

Community Journalism With Courage

ज़मीन से ज़मीन की बात 

भूमंत्र

Comments

Madarchod bhumihar Teri Maa ki..... Kahaan likha Hua hai ki rajputo ke behen beti ko utha liya gya...... Randi ka.... Senari me 100 bhumihar ki betiyo ko chamar aur dusadh choda wo pta nhi.....
anuj mahtha said…
Abash jakar Aurangabad K dhelchak jaa jahan pe 57 Rajput beheno ko ahiro ne rakhail Bana liya Hai..jak lar madharchod un ahiro se... Bhumihar KO gali mat de jak lalu KO maar randputo
Mauli bhardwaj said…
jaisa desh vaisha bhesh paristithi k anusar khud ko badalna chahiye agar hum paristithi ko nahi badal sakte kyo ki bihar me congress kamjor in 1989 lok sabha election and bjp and local party rjd ka ka majboot hone lagi rajputo ne iss badalte daur ko samajah liya aur kitne politician rjd me chale gaye aur humne rjd aur lalo se nafrat karni suru kar di hamare politician sayad bihar ke badalte politics ko samajh nahi paye agar kuch ne rjd join kiya to usse bhumiharo ka support nahi mila,jis wajah se bihar ki sabse badi party rjd ne ticket dena hi chor diya jis wajah se hum politics me kamjoor hote gaye hamari mp mla kam hote chale gaye aur phir jdu allince bjp me bhi hamari bhagidari bahut kam rahi aur wo bhi ham ko ignore karne lage aur bjp ne 2014 election me bhumiharo ko kewal 2 ticket diye,aur rajputo ko 5 ticket aap issi se andaja laga sakte hai bjp k bhi list se hum gayab hote jaa rahe yahi wajah hai ki hamko bjp k main 23 cabinet ministry me koi jagah nahi mili,up aur jharkhand me bhi hamari bhagidari bjp government me hamari population k ratio me kam rahi bjp ne hamare girte political carrier ko dekhte hue hamko ticket nahi diya issi sab problem ko dekhte hue hamare former mp krishna shahi ne kaha ki i feel wonder to show now but i dont understand why bhumihar support bjp because bjp and any other party only try to taking bhumihar vote but dont wants to giving them ticket only congress wants to giving him ticket with honour to observe the constribution in politics and gives respect that they required.
Mauli bhardwaj said…
haal me suna hai Baat kanahiya kumar ki bas wo rjd se ticket ki sahmati mili nahi, kya to sab bhumihar uske khilaf hone lage jaise wo rjd me jaane wala pahla forward hoga bihar se, wo bas apne profit k liye reservation ka support karne ka dikhawa karta hai media ke samne jaise rjd k rajput neta log kiya karte hai kyo ki inka politics safe rahe.haal me shiv raj singh chauhan ne bayan diya ki agar ambedkar na hote to mai cm aur modi pm na hote...to kya rajput apne caste ko support karna chhor denge...kabhi nahi kyon ki wo jaante hai ki ye bas politics hai aur kuch nahi, mai aapko kanahiya ka support karne ko nahi kah raha hu lakin ye bhi sach hai ki mai apko apne caste ka support karne k liye kah raha hu because of politics me bane rahne k liye har caste casteism karta hai apna political infulance majboot karne k liye aur ye bihar politics me akser dekha gaya hai ki jo caste casteism karta hai with mind observation,at right equation of the election,wo caste politics me hamesha politically strong rahta hai.jaise aap before 1990 bhumihar caste ko dekh ligiye.jab rajput and yadav apna profit soch sakte hai to hum unse adhik litrate hai phir hum kisi party ya jati se nafrat karke apne virodhi ko khush karne ka kaam kar rahe hai,rjd and bhumihar ki nafrat ka faida hamesha rajpoot uthate aaye hai aur isse loss bhumiharo ko hua hai kyo ki rjd yadavo ki party hai aur bhumihar ka seat per rjd ne rajpoot ko ticket diya...
Mauli bhardwaj said…
Lakin rajputo ki bhi isme koi galti nahi hai kisi bhi 2 ki ladai ka faida kisi na kisi ko to hona hi hai bas ham ko ye samajhna hoga ki yadav hamare dushman nahi hai bas jo hai sab politics hai.aur jab hum pahle se politically strong nahi rahange koi bhi party aab ham ko ticket nahi degi.isiliye caste ko vote karo party ko nahi...waise support uss party ka karo jo tumhare caste ko ticket deti hai,kisi party k bas naam per uska support na kare..sacchi jankar vote kare ki uss party me aapke community ki kya bhumika hai,
Mauli bhardwaj said…
Waise bjp election se pahle hindutwa ka gana gana chalu kar dete hai,desh me dharm ke naam per bayanbaji karte hai to kabhi rss ke help se,hindutwa ka parchar karwate hai lakin desh,congress ne kabhi dharam ke naam per vote nahi manga to congress ko muslim ki party batate hai...
Mauli bhardwaj said…
Yaha pe bhumantra ne iss sandesh k jariye yah kahne ki kosish ki hai ki hame apne pratinidhi ko support karna hoga chahe wo kisi bhi dal ka kyo na ho chahe baat rjd se khaniya kumar ki bhi kyo na ho wo bhi hamara pratinidhi hai rjd bihar ki sabse badi party hai ye haal ke bihar vidhan sabha election me pata chal gaya hoga,agar rjd me bhumiharo ki bhagidari badhegi to bhumiharo k liye hi thik hoga kyo ki bjp ke ajande me bhi aab bhumihar nahi hai aur hame sahi waqt ka intajaar karna hoga jab congress bihar me majboot ho
Mauli bhardwaj said…
Rajputo ko bhi yah baat samajhni hogi ki bhale hi ek aadh seat rjd unhe de deta hai aur bhumihar ko saaf kuch nahi deta hai per congress jitna seat rajput ko deta tha utna seat rajputo ko koi party nahi deti hai yah baat sirf bhumiharo aur rajputo per hi lagu nahi hoti hai balki sabhi swarn jatiyo pe lagu hoti hai isse samajhne ki jarurat hai aur sabhi swarn jati ko ek hone ki jarurat hai

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