Skip to main content

80,000 ग्राम पंचायतों में ब्राडबैंड की धूम, संचार मंत्री का लोकसभा में बयान

मनोज सिन्हा का बयान,ब्राडबैंड से जुड़ी 80,000 ग्राम पंचायतें


संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि भारतनेट कार्यक्रम के तहत 80,000 ग्राम पंचायतों में ब्राडबैंड मुहैया करा दी गयी है. भारतनेट प्रोग्राम के तहत शेष एक लाख गांवों को भी अगले महीने तक यह सुविधा दे दी जाएगी. 

संचार मंत्री ने कहा कि योजना के चरण-1 में भारतनेट के तहत मार्च में एक लाख ग्राम पंचायतों को ब्राडबैंड मुहैया कराया दिया गया है. सरकार का लक्ष्य देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्राडबैंड मुहैया कराना है. 

अपने लिखित उत्तर में सिन्हा ने कहा, 'ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को इंटरनेट आधारित सेवा मुहैया कराने के लिए देश की सभी ग्राम पंचायतों में वाईफाई हॉटस्पॉट स्थपित किया जाएगा. दूसरे चरण में दिसंबर 2018 तक भारतनेट का बुनियादी ढांचा बढ़ाया जाएगा. 

उन्होंने कहा कि केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और मध्य प्रदेश में केबल बिछाने का काम करीब 100 फीसद पूरा हो चुका है. आने वाले दिनों में विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 1,127 वाईफाई हॉटस्पॉट स्थापित कर दिया जाएगा.

Community Journalism With Courage

ज़मीन से ज़मीन की बात

Comments

Popular posts from this blog

पिताजी के निधन पर गमगीन कन्हैया के चेहरे का नूर !

सहसा यकीन नहीं होता, लेकिन तस्वीर है कि यकीन करने पर मजबूर करती है. आपको जैसा कि पता ही है कि छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में आए कन्हैया के पिता का निधन हो गया था. इस दौरान उनकी तस्वीर भी न्यूज़ मीडिया में आयी थी जिसमें कि वे फूट-फूट कर रो रहे थे. समर्थक और विरोधी सबने दुःख की घड़ी में दुआ की और एक अच्छे इंसान की भी यही निशानी है कि वो ऐसे वक्त पर ऐसी ही संवेदना दिखाए.

बेगूसराय की इस भूमिपुत्री ने 18 साल की उम्र में कर दिया कमाल, पढेंगे तो इस बिटिया पर आपको भी होगा नाज!

प्रेरणादायक खबर : बेटियों पर नाज कीजिए, उन्हें यह खबर पढाईए
बेगूसराय. प्रतिभा किसी चीज की मोहताज नहीं होती. बेगूसराय के बिहटा की भूमिपुत्री प्रियंका ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. 18 साल की उम्र में प्रियंका इसरो की वैज्ञानिक बन गयी हैं. आप सोंच रहे होंगे कि वे किसी धनाढ्य और स्थापित परिवार से संबद्ध रखती हैं लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है. उनके पिता राजीव कुमार सिंह रेलवे में गार्ड की नौकरी करते हैं और मां प्रतिभा कुमारी शिक्षिका हैं. वे बिहटा के एक साधारण भूमिहार ब्राहमण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. इस मायने में उनकी सफलता उल्लेखनीय है.  पढाई-लिखाई :  1-दसवी और 12वीं : वर्ष 2006 में 'डीएवी एचएफसी' से दसवीं और वर्ष 2008 में 12वीं  2-बीटेक : नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अगरतला  3-एमटेक : एमटेक की पढ़ाई इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गुवाहाटी से पूरा कर रही हैं  सफलताएं :  1- वर्ष 2009 में एआईईई की परीक्षा में 22419वां रैंक  2- वर्ष 2016 में गेट की परीक्षा में 1604वां रैंक  3- शोध पत्र 'वायरलेस इसीजी इन इंटरनेशनल' जर्नल ऑफ रिसर्च एंड साइंस टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग म…

सेनारी नरसंहार को देख जब भगवान भी काँप गए,17 साल से बंद है मंदिर

मंदिर भगवान का घर होता है लेकिन उस मंदिर में जाकर कोई कुकृत्य करे तो भगवान भी नाराज़ हो जाते हैं और अपने द्वार बंद कर देते हैं. 
बिहार के अरवल जिले के सेनारी गांव में 17 साल पहले ऐसा ही हुआ जब मंदिर रक्तरंजित हो गया और उस घटना को देख भगवान भी एक बार काँप गए होंगे.लेकिन प्रभु से ये मासूम जिज्ञासा भी है कि अपने सामने ऐसा अनर्थ उन्होंने होने कैसे दिया? 
सेनारी में 17 साल पहले गाँव के इसी मंदिर में चुन-चुनकर 34 भू-किसानों की हत्या एक के बाद एक कर हुई थी. ह्त्या का तरीका भी बेहद निर्मम और दिल दहलाने वाला था. 
सभी 34 लोगों की हत्या गला रेत कर गाँव के मंदिर के द्वार पर की गयी थी. तब से आज तक उस मंदिर के द्वार बंद हैं. गांव के लोगों ने इस मंदिर में पूजा पाठ करना बंद कर दिया है. 
ग्रामीणों के मुताबिक भगवान के द्वार पर लोगों की हत्या कर दी गई है. लिहाजा मंदिर में पूजा करने का क्या फायदा ? अब पिछले 17 सालों में यह मंदिर वीरान पड़ा हुआ है.