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स्वाभिमान से जीना है तो एक धमाका जरुरी है भूमिपुत्रों !

बात निकली है तो दूर तलक जाएगी - भूमिहार ब्राहमणों की पार्टी !

bhumihar

शैलेंद्र

सुगबुगाहट एवं चर्चा परिचर्चा का दौर शुरू हुई है तो ये बाते दूर तक जायेगी| 

भूमिहारों की अपनी पार्टी के मुद्दे पर अबतक हुई बहस पर भूमिपुत्र 'शैलेंद्र' :

1. मंच का महत्व : ये भू मंत्रा का ही कमाल है कि इसपर आये पोस्ट भूमिहार अपनी पार्टी क्यों नही बनाते हैं, के बाद ही पोस्ट पढ़ने को मिला कि मोदी के सबसे करीबी संयुक्त सचिव भूमिहार को बनाया गया और योगी के सचिव भी भूमिहार बने| ये जानकर गर्व का एहसास हुआ .अर्थात् इस मंच की आवाज वहाँ तक जरूर पहुँचती है| 

2. धमाका जरूरी है : अपने समाज में भी सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनो प्रकार की चर्चाएँ जोरो पर है, पार्टी बनना न बनना बाद की बात है पर इतना तो जरूर है, कि बाते निकली है तो ये दूर तक जायेगी। ना मेरा कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है और न मै पार्टी बनाने जा रहा हूँ| पर मेरा मानना अब भी यही है कि अपने आवाज को बहरो तक पहुँचाने के लिये धमाका जरूरी है| और भूमिहार ने अगर पार्टी बनाने का ऐलान भी अगर कर दिया तो इतना बड़ा धमाका होगा कि आजतक जो हमे मजबूर समझते थे वो हमारे सामने मजबूर नजर आयेंगे| 

3. दिल्ली का भूमिहार समाज एक्टिव है : गौरव जी के सुझाव आने के पहले से दिल्ली ईकाई के अपने युवा समाजिक कार्यो मे लगे है, अपने व्यस्तम समय मे से समय निकाल तक लोगो को रक्तदान, चिकित्सा मे सहयोग, जाँब दिलाने के लिये प्रयासरत रहना, किसी प्रकार का विवाद होने पर सभी लोग एक जुटता से साथ अपने समाज के व्यक्ति के साथ खड़े रहना जैसे कार्यो को बखूबी निभा रहे है| यहाँ तक कि 'भूमिहार आपरेशन' तथा 'इंगलिश पथरा' जैसे घटना पर जो दिल्ली ईकाई ने धरना प्रदर्शन कर इस मामला को Hi-light कर अपने समाज के बहरे सांसदो एवं विधायको तथा दलाल मीडिया तक जिस प्रकार से आवाज पहुँचाई उसे कौन भूला सकता है| पटना मे भी किसी को ब्लड या चिकित्सा से संबंधी सहयोग चाहिए तो वो आशा भरी नजरो से दिल्ली ईकाई की ओर ही देखते है| अत: दिल्ली ईकाई के युवा न तो राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखते है और ना ही कोई अनुचित लाभ लेने को, सोचते हैं| हाँ अगर कोई राजनीतिक दल बनता है तो हमलोगो का सहयोग जरूर मिलेगा| 

4. भूमिहार समाज मूर्ख नहीं : अमित जी ने कहा कि पार्टी लोगो की, निजी पार्टी बनकर रह जायेगी| कुछ उदाहरण भी दिया गया जैसे राजद, बसपा, लोजपा, सपा आदि| शायद वो ये बताना भूल गये कि जब बिहार मे राजद के समय में दरोगा और शिक्षक की बहाली हुई तो अधिकांशतः यादव ही बहाल हुए. वही हाल यू. पी. मे भी सपा राज्य मे हुआ| आज SC वर्ग को इसलिये हिम्मत और हौसला बुलंद है कि उनपर कोई अत्याचार होता है तो उनकी आवाज उठाने के लिये रामविलास, मायावती और मांझी, जैसे निजी पार्टी के नेता है| बाढ़ मे एक बलात्कारी युवक पुटुश यादव को उसके अपराध का, सजा दिया जाता है तो उसके, लिये भी आवाज उठाने वाला निजी पार्टी के ही नेता लालू एवं पप्पू यादव थे| आपको इंगलिश पथरा मे घर मे घुसकर मारा जाता है तो कौन आवाज उठाने आया| अगर दिल्ली ईकाई का धरना प्रदर्शन नही होता तो ऐसी कितनी ही घटनाएँ अभी तक हो गया होता| निजी पार्टी ही सही आवाज उठाने के लिये एक संगठन तो होगा| और भूमिहार समाज इतना भी मूर्ख समाज नही कि पार्टी को निजी हाथो मे जाने देगा| जबतक वो हमारे हित मे काम करेगा जब तक ही हीरो रहेगा, जैसे ही समाज से कन्नी काटा वैसे ही समाज उससे पहले कन्नी काट लेगा| 

5. भाजपा को बताना है कि हम मजबूर नहीं मजबूत हैं :  चित्रांश जी का बात बिल्कुल सही है कि भूमिहार का पार्टी बनते ही सबसे पहले भाजपा ही हमे तोड़ना चाहेगा| वही दूसरी पार्टियाँ चाहेगी कि हमारा पार्टी बने ताकि भाजपा कमजोर हो| वही भाजपा हमारी पार्टी को तोड़ने के, लिये अपने आपको भूमिहार का हितैषी साबित करने, का कोशिश करेगा| इससे भी अपने समाज का ही भला होगा| और यही हमारा उद्देश्य है भाजपा बताना कि हम मजबूर नही हम मजबूत है| अगर आप हमे नजर अंदाज कर सकते हो तो हम भी भाजपा को नजरअंदाज कर सकते है| 

6. युवा नेता : मैने पहले भी कहा था कि हमारा उद्देश्य जीतना या सरकार बनाना नही बल्कि भाजपा को जगाना और अपना हित की रक्षा करना है| अगर इस प्रयास मे हमारे कुछ युवा नेता बन जाते हैं तो शायद किसी के पेट मे दर्द नही होना चाहिए क्योकि वो समाज की बदौलत बनेंगे तो समाज को याद भी रखेंगे| 

जय परशुराम. जय भूमिहार

Community Journalism With Courage

ज़मीन से ज़मीन की बात 

भूमंत्र

Comments

Mauli bhardwaj said…
Apne kaha ki hamara uddesha hoga bjp ko jagana kyo humare liye congress ko jagaana jyada behtar hoga soch ker dekhiye
Mauli bhardwaj said…
Itihas gawah hai k bjp suru se bhumihar virodhi rahi hai aur jab jab iski sarkar bani swarno k khilaf niyam banaya aur sirf hindutwa k naam pe bargalaker swarno se vote liya phir bhi na jane kyo hum bjp ko jagane aur manane me lage hue hai,dharm aur jati k naam pe rajneeti ker desh ko torne aur kamjor karne ka kaam kiya hai iss baat ko samajhna hoga

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