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भूमिहार ब्राहमणों को नहीं भाया, इस महिला एंकर का हेडलाइन बनना !

अमृता राय जब खुद खबर बन गयी

amrita rai, anchor

ख़बरों की हेडलाइन दो तरह की होती है. एक अच्छी लगती है और दूसरी अच्छी नहीं लगती. उदाहरणस्वरुप अभी हाल में वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा पर बनी हेडलाइंस पूरे भूमिहार ब्राहमण समाज को अच्छी लगी. हालांकि वे मुख्यमंत्री नहीं बने, लेकिन ख़बरों की हेडलाइन ने उनके प्रभामंडल को विस्तार दिया और भूमिहार ब्राह्मण समाज गौरवान्वित हुआ. 

लेकिन कभी-कभी ऐसी हेडलाइन भी बनती है जो समाज की परिकल्पना से बाहर की होती है और अच्छी नहीं लगती. ऐसी ही एक हेडलाइन तीन साल पहले अमृता राय की बनी थी. अमृता उत्तरप्रदेश की हैं और जैसा कि उनके टाइटल से ही विदित है कि वे भूमिहार ब्राहमण हैं. वे एक जानी-मानी एंकर हैं और ज़ी न्यूज़, स्टार न्यूज़, एनडीटीवी इंडिया समेत कई चैनलों में काम कर चुकी हैं.वर्तमान में वे राज्यसभा टीवी की एंकर हैं और कांग्रेस के ज़माने से ही यही काम कर रही हैं. 

बहरहाल ख़बरें पढ़ती अमृता तब खुद खबर बन गयी जब उनकी और कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के रिश्ते सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गए. फिर दोनों ने शादी की और एक हो गए. गौरतलब है कि अमृता का जब प्रेम प्रसंग चल रहा था तब वे शादीशुदा थी. उनकी शादी आईआईएमसी के प्रो.आनंद प्रधान से कई वर्षों पहले हुई थी.ये भी प्रेम विवाह था और दोनों के भूमिहार ब्राहमण होने के कारण परिवारों को भी कोई आपत्ति नहीं थी. सबकुछ ठीक ही चल रहा था कि अचानक न जाने कहाँ से दिग्विजय सिंह की एंट्री हुई और फिर खबरनवीस ही खबर बन गया. लेकिन ये खबर भूमिहार ब्राहमण समाज को नहीं भाया. हालांकि ये बेहद व्यक्तिगत मामला है. लेकिन सोशल मीडिया पर आने से उसका सार्वजनिक हो जाना अखड़ा.बहरहाल ये दो समझदार लोगों का फैसला है और हम, आप या समाज क्या कर सकता है?सिर्फयहीकहसकते हैं कि काश ऐसा न हुआ होता.
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