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डॉन तुम्हारा ये डर मनोज सिन्हा के प्रजातंत्र को अच्छा लगा !

मुख्तार अंसारी को मनोज सिन्हा से लगता है डर

MUKHTAR ANSARI

कुख्यात मुख्तार अंसारी एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. हालाँकि इस बार न उसने कोई कारनामा किया है और न ही राजनीति में कोई पासा फेंका है जिसकी वजह से वह सुर्ख़ियों में आये. इस बार अपने डर की वजह से वो ख़बरों में है. उसे डर है अपनी मौत का. उसे ये डर है कि उसकी कहीं हत्या न कर दी जाए. तो दूसरों को डराने वाला पहली बार खुद डरा हुआ है और डॉन का ये डर दुनिया को अच्छा लग रहा है.

तभी सोशल मीडिया पर पवन गोपाल लिखते हैं -
"कोई माने न माने आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि वे लोग जो किसी को कभी भी कही भी मार दिया करते थे आज वो डरते है." 

वही सोशल मीडिया पर विनोद राय नाम के एक यूजर लिखते हैं - 
"अरे साहब,आप तो बहुत बहादुर रहे है,सुना था कि आपके हाथ ईश्वर से भी लम्बे है ये कानून क्या चीज है?मौत के वारंट पर आपही के दस्तखत होते थे और ये क्या सुन रहा हू?अभी तो पहली झांकी है अभी तिहाड़ जाना" 

वही BM आईडी से लिखा गया - 
"मनोज सिन्हा अपने वायदे के पक्के हैं. उन्होंने कहा था कि कृष्णानंद राय के हत्यारों को चैन से जीने नहीं दूंगा.देखिये मुख्तार अंसारी कैसे बेचैन है? उसे अपनी मौत का डर है. यह डर बना रहे.वैसे मरे हुए को क्या मारना अंसारी? तुम्हारा राजनीतिक वजूद ख़त्म हो चुका है.तुम्हारा फाटक टूट चुका है. तुम्हारे दिल में मौत का खौफ है. इसे मरना नहीं तो और क्या कहते हैं? तुम्हे मारने की क्या जरुरत? तुम्हारा जिंदा रहना ही तुम्हारी मौत है डॉन! 

मिलाजुलाकर डॉन का ये डर लोगों को अच्छा लग रहा है तभी तो लोग कह रहे हैं कि डॉन तुम्हारा ये डर मुझे अच्छा लगा. तुम्हे डरना ही चाहिए. मनोज सिन्हा से ये डर ही तुम्हारी मौत है और तुम्हारी सांकेतिक मौत में ही प्रजातंत्र की जीत है.डॉन तुम्हारा ये डर मनोज सिन्हा के प्रजातंत्र को अच्छा लगा !

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