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तेजस्वी यादव भंसाली की चिंता करने से पहले करोड़ो बिहारियों को तो बुला लो


'संजय लीला भंसाली के साथ बीजेपी शासित राजस्थान में जो हुआ, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हिंदुस्तानियों को आपस में लड़ाना इनके डीएनए में है.-तेजस्वी यादव, उप मुख्यमंत्री, बिहार'

फिल्म 'पद्ममिनी' मामले में तेजस्वी के ट्वीट पर वरिष्ठ पत्रकार 'हरेश कुमार' की टिप्पणी -
हरेश कुमार'-

तेजस्वी यादव भाई हमारे जैसे करोड़ों बिहारियों का करियर तुम्हारे पिताजी लालू यादव ने बर्बाद कर दिया। इनके सत्ता में आने के बाद बिहार की शिक्षा-व्यवस्था और कानून का जो हाल हुआ उसके बारे में किसी से पूछने की जरूरत नहीं है। आपके पिताजी के जंगलराज के कारण बिहार से सभी उद्योगपति भाग गए। इतना ही नहीं, आपके पिताजी के समय जो एकमात्र उद्योग-धंधा फला और फूला वह रहा- अपहरण का, जो उद्योग के तौर पर स्थापित हो गया था। इसमें आपकी पार्टी, आपके पिताजी व कई माननीय विधायकों और सांसदों की भूमिका रही। आप हमारे बीते दिन ही लौटा दो अगर हो सके तो। 

भंसाली की चिंता करने से पहले उन करोड़ों बिहारियों को अपनी मातृभूमि में बुलाओ जो रोजगार व कानून-व्यवस्था के कारण दूसरे प्रांतों में मजदूरी करने को विवश हैं। शायद आपको पता न हो तो आपके पिताजी का ही एक वाकया सुना देता हूं। आपके पिताजी एक बार वैशाली के क्षेत्र में राघोपुर दियारा गांव का दौरा कर रहे थे, तो ग्रामीणों ने उनसे सड़क बनवाने के बारे में कहा फिर आपके पिताजी ने ग्रामीणों से जो कहा वो आप भी जान लो। गरीबों के मसीहा लालू यादव ने कहा कि सड़क बन जाएगा तो पुलिस सड़ाक दिन तुम्हारे यहां चली आएगी और इ जो गांजा का खेती कर रहे हो न सब खत्म हो जाएगा। फिर सभा में चुप्पी छा गई, तो ये था आपके पिताजी की सफलता का राज। 

अपराधियों को खुलेआम संरक्षण देना कोई इनसे सीखे। आप अपने पिताजी के कारण बिहार की राजनीति में हो और वो भी डिप्टी सीएम। आपकी पढ़ाई-लिखाई व दुनियादारी के बारे में पूरी दुनिया को पता है। कभी बिहार की शिक्षा-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति कई राज्यों से बेहतर हुआ करती थी। लोग अभावों में भी खुशी-खुशी रहा करते थे और समाज में मिल-बैठकर झगड़ों का निपटारा करते थे। आज वो सिर्फ मनरेगा मजदूर बनकर रह गए हैं। नीतिश कुमार को बिहार में लोगों ने जंगलराज के खात्मे के लिए ही दो बार बीजेपी के समर्थन से गद्दी सौंपी थी। लेकिन अपनी महत्वाकांक्षा के वशीभूत वो पीएम बनने के चक्कर में 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिए औऱ बाद में फिर वहीं पहुंच गए जिसके विरोध में राजनीति शुरू की थी।

ज़मीन से ज़मीन की बात 

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