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राहुल गांधी की इस हंसी पर यमराज भी शरमा जाए



नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के संस्कारों का अंतर देखिये : इंसान आम हो या खास संस्कार नहीं बदले जा सकते हैं.लाख छुपाने के बावजूद चरित्र के संस्कार सामने आ ही जाते हैं.कल ऐसा ही नज़ारा जे.जयललिता की अंतिम विदाई के वक्त भी दिखाई दिया जब तमाम नेता उन्हें श्रद्धांजली देने पहुंचे.इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी भी वहां गए और वहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजली देने के अलावा शोकाकुल परिवार को सांत्वना भी दी.

प्रधानमंत्री मोदी की वो तस्वीर वायरल भी हुई जिसमें वो गले लगकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं.लेकिन उसके साथ ही एक दूसरी तस्वीर भी उससे ज्यादा वायरल हुई जिसमें राहुल गांधी आश्चर्यजनक रूप से हँसते हुए दिखाई दे रहे हैं.उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम अली आज़ाद भी हैं और वे भी तस्वीरों में हँसते दिखाई दे रहे हैं.गमगीन माहौल में ऐसी हंसी का क्या मतलब? ऐसी हंसी देखकर तो यमराज भी शरमा जाए. ये संस्कारों का ही तो फर्क है. देखिये दोनों तस्वीरें -




ज़मीन से ज़मीन की बात - भू-मंत्र

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मंदिर भगवान का घर होता है लेकिन उस मंदिर में जाकर कोई कुकृत्य करे तो भगवान भी नाराज़ हो जाते हैं और अपने द्वार बंद कर देते हैं. 
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सभी 34 लोगों की हत्या गला रेत कर गाँव के मंदिर के द्वार पर की गयी थी. तब से आज तक उस मंदिर के द्वार बंद हैं. गांव के लोगों ने इस मंदिर में पूजा पाठ करना बंद कर दिया है. 
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