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लालू यादव के नाम 'रणवीर' का खुला पत्र!



लालू जी, 
नमस्कार। 

लंबा अरसा हुआ,आपसे संवाद हुए।। तो सोंचा आपसे बात की जाए।। आप तो जैसे भूल ही गए, मेरी हस्ती।। नाम भी नहीं लेते कभी।। भूल गए कि आपने राजनीति में मेरा कितना नमक खाया है।। मेरा नाम ले-ले कर अपनी राजनीति चमकायी है।। मेरा खौफ दिखाकर झोली भर-भरकर वोट बटोरा है।। बिहार की सत्ता पर काबिज हुए हैं।। भूरा बाल (भूमिहार,राजपूत,ब्राह्मण,लाला) साफ़ करो का नारा आपने ही दिया था न।। लेकिन आपके निशाने पर सबसे ज्यादा भूरा बाल का भू ही था।। ये बात अलग है कि भू का आप बाल बांका भी न कर सके।। इसी कारण आपने अपनी खीज मुझपर यानी रणवीर (सेना) पर निकाला।। लेकिन दूसरी तरफ मुझे भुनाने का कोई मौका भी आप नहीं चूके।। कहने का मतलब है कि आपसे ज्यादा मुझे किसी ने इनकैश नहीं किया।। और आप मुझे भूल गए।। ऐसा कैसे आप कर सकते है?? वैसे आपसे न्याय की आशा मैंने कभी की भी नहीं।। आपने न्याय के नाम पर लालटेन की रौशनी में जो अन्याय और बर्बरता का खेल खेला है,उसे बिहार की जनता के साथ-साथ दुनिया जानती है।। 

लेकिन फिर भी आप कामयाब हैं।। दस साल बाद खानदान समेत सत्ता पर काबिज हैं।। आपका नौंवी पास पप्पू उपमुख्यमंत्री/मंत्री बना हुआ है।। यदुकुल तरक्की पर है।। नयी पीढ़ी को सत्ता का हस्तांतरण हो गया है।। राजनीति में परिवारवाद की गजब की मिसाल कायम की है आपने।। गरीब-गुरबों को भी क्या ठगा है, बेचारे अब भी लालटेन में ही जी रहे हैं।। अच्छा बुरबक बनाया।। फिर भी आप नक्सली मीडिया में हिट हैं।। पूरी तरह से फिट हैं और मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूँ।। क्योंकि आपसे हिसाब-किताब करना अभी बाकी है।। आपने तो बाबा की मौत के बाद बही-खाता बंद कर दिया, लेकिन मेरा खाता अभी चालू आहे।। बैलेंस शीट में बहुत लोचा है।। डेबिट कम और क्रेडिट ज्यादा है।। दोनों का संतुलन करना ही होगा।। फिकर मत कीजिये आपका कोई एक्स्ट्रा खर्चा नहीं होगा।। सीए की भी जरूरत नहीं।। इतने सालों में आपके ‘रणवीर’ ने ये भी सीख लिया है।। अपना एकाउंट खुद ही मेंटेन करना चाहिए, ये जान लिया है।। 


ख़ैर बात आगे बढे, उसके पहले ये बता दे कि आपकी तरक्की से हमे कोई गुरेज नहीं।। लेकिन दस साल बाद सत्ता में वापसी के बाद आपके यदुवंशी आउट ऑफ माइंड हो गए हैं।। बोले तो पगला गए हैं।। अलबला के बहुत उछल-कूद कर रहे हैं।। पत्रकारों को गोली मार रहे हैं।। जमकर लूट-खसोट कर रहे हैं।। सत्ता के रौब में आम लोगों पर गाड़ियां चढ़ा रहे हैं।। पथरा इंग्लिश त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा है।। आपका बलात्कारी विधायक(पूर्व सदस्य, राजद) राजबल्लभ यादव के कारिंदे नीचता पर उतारू हैं।। उसके गुंडों के निशाने पर पूरा गांव आ गया।। औरतों और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया और आप हमेशा की तरह खैनी चुनियाते रहे।। रणवीर ने ये तक सुना कि आपके कारिंदे कह रहे थे कि पथरा इंग्लिश को सेनारी क्यों नही बना दिए।। उन कारिंदों को लगता है आपने इतिहास का पाठ ठीक से नहीं पढाया।। लगता है रणवीर का ठीक से परिचय दिया नहीं।। हल-बैल चलने वाले हाथ में क्यों अस्त्र-शस्त्र पकडाना चाहते हैं? यदुकुल का सर्वनाश करने पर क्यों तुले हैं? आप सत्ता में हैं लेकिन अहंकार अच्छा नहीं होता. महाभारत पढ़ लीजिए, गीता का ज्ञान लीजिए. यदुकुल नंदन भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण कीजिये. खुद यदुवंशियों होते हुए भी बढ़ते हुए अन्याय.अनाचार और अहंकार को समाप्त करने के लिए उन्होंने अपने पूरे खानदान को खत्म करा दिया. फिर आप या कोई किस खेत की मूली है? 

शांति से सत्ता का आनंद लीजिए, खास समुदाय के खिलाफ षड्यंत्र करना बंद कीजिये. अब आपकी भी उम्र हो गयी है, ज्यादा जोर डालेंगे तो दिमाग की नसे फट जायेगी. और सोशल जस्टिस के नाम पर प्रोपगेंडा करना बंद कीजिये।। आपके सोशल जस्टिस की कलई भागलपुर में खुल गयी है जहाँ गरीब भूमिहीन महिलाओं को आपके बर्बर सिस्टम ने खूब धोया. खत लिखता रहूँगा. अभी किसानी पर जाना है. इसलिए बात यही अधूरी छोड़े जा रहा हूँ.... 

सादर , 
रणवीर 
 उर्फ 
रणवीर कसाई 
(मैं बॉलीवुड का रणवीर नहीं बल्कि जहानाबाद(बिहार) का एक किसान हूँ जिसे नक्सली मीडिया रणवीर कसाई के नाम से पुकारता है)

ज़मीन से ज़मीन की बात 
www.bhumantra.com

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