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पथरा इंग्लिश आग का दरिया है,राजनीति करोगे तो जल जाओगे




पथरा इंग्लिश (बिहार) गाँव में जब इसी साल सत्ता की सरपरस्ती में गुंडों ने कोहराम मचाया तो उसकी आवाज़ दिल्ली तक गूंजी.लेकिन ये आवाज़ सत्ता के गलियारों से नहीं उठी थी बल्कि वास्तविक भू-समाज की आवाज़ थी.प्रगतिशील प्रतिबद्ध लोगों की कोशिश का ही परिणाम था कि मेनस्ट्रीम मीडिया के नज़रअंदाज़ करने के बावजूद इंग्लिश पथरा ट्विटर के टॉप ट्रेंड में शामिल हुआ.ज़ी न्यूज़ ने प्राइम टाइम में खबर को प्रमुखता से चलाया और आवाज़ दूर तक गूंजी.दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन हुआ.ये बात अलग है कि यहाँ भी कई संगठन अपना बैनर चमकाते दिखे.ख़ैर इसी संदर्भ में दिल्ली में कई संगठनों की मीटिंग हुई और इंग्लिश पथरा को लेकर आम राय बनी कि-  

इंग्लिश पथरा के पीड़ित परिवार को वोट देने से रोकना और वोट देने के पश्चात उनसे मार पीट करना संवैधानिक अधिकार का हनन है और इसका विरोध बड़े पैमाना पर किया जाना चाहिए.बिहार सरकार खासकर राजद के कार्यकर्ता भू-समाज को निशाना बना रही है और इसका प्रतिकार जरूरी है.इसके कार्यान्वयन के लिए आम सहमति बनी कि सबसे पहले पीड़ित परिवार से मिलने एक प्रतिनिधि मंडल को इंग्लिश पथरा भेजा जाये, ताकि वास्तविक हालात का जायजा लेकर पीड़ित परिवार की चिकित्सीय, आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके.RTI दाखिल कर FIR की कॉपी हासिल करना और इस संबंध में प्रकाशित ख़बरों की फायलिंग कर और वीडियो संग्रहित कर इलेक्शन कमीशन,महिला आयोग,ह्यूमन राईट कमीशन, होम मिनिस्ट्री,राज्य पुलिस निदेशक,प्रधानमंत्री कार्यालय और मीडिया तक पहुँचाया जाना चाहिए और अपनी तरफ से सोशल मीडिया पर भी कैम्पेन चलाया जाना चाहिए.इसके अलावा कानूनी सहायता के लिए एक लीगल सेल का भी गठन किया जाए.

हालाँकि इन सारी बातों पर शत-प्रतिशत तो अमल नहीं हुआ लेकिन दूरदाराज के समाज के एक गाँव के बारे में राजधानी में गैर राजनीतिक लोगों द्वारा इतनी चिंता किया जाना कहीं न कहीं सुकून तो देता ही है.दूसरी तरफ ये इस बात की भी गवाही देता है कि इंग्लिश पथरा को लेकर भू-समाज कितना क्रुद्ध है और इसपर होने वाली किसी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा.लेकिन बावजूद इसके कल पटना में जो नज़ारा पेश हुआ वो बेहद अफसोसजनक है.अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ जिस तरह से मांझी की पार्टी 'हम' के बैनर तले इंग्लिश पथरा को राजनीति की गोद में बैठा आए,वो राजनीतिक महत्वकांक्षा की परकाष्ठा है.आप शौक से राजनीति कीजिए.मांझी की गोदी में बैठिये और बैठाइये.भू-समाज को कोई आपत्ति नहीं.लेकिन पक्ष-विपक्ष ,जातीय-विजातीय,सामजिक-असामाजिक बस इतना याद रखियेगा कि, :इंग्लिश पथरा आग का दरिया है,राजनीति करोगे तो जल जाओगे."

ज़मीन से ज़मीन की बात - भू-मंत्र

Comments

bantoo singh said…
jb jb bhumiharo pe anyay hoga tb tb brhmeshwar paida lega.av v smbhal jao kyuki hmlogo ki fitrat main nhi h gussa karna..

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