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भूमिहारों की हिम्मत देखना चाहते हैं अभिसार शर्मा,पगले को उदय शंकर नहीं दिखता?



-भूमिहार मंत्र-‏@BhumiharMantra : 

खबरिया चैनल दलाली के सबसे बड़े अड्डे हैं तो इन अड्डों पर ढ़ेरों दलाल भी हैं जो ब्लेजर-सूट-टाई लगाकर दावा तो ग्राउंड रिपोर्टिंग का करते हैं, लेकिन असल में ये दलाली करते हैं.बस पत्रकारिता का चेहरा आगे कर अपना दलाली वाला चेहरा मेकअप के पीछे छुपा जाते हैं.बहरहाल लंबी-चौड़ी भूमिका की बजाए सीधे-सीधे मुद्दे पर आ जाते हैं.मुद्दा एबीपी न्यूज़ के पक्षपाती कार्यक्रम 'ऑपरेशन भूमिहार' से संबंधित है.इस संबंध में भू-मंत्र डॉट कॉम पर खबर भी प्रकाशित की गयी थी जिसमें ऑपरेशन भूमिहार के नाम पर पीत पत्रकारिता कैसे की गयी थी उसका उल्लेख किया गया था और इसे करने वाले एंकर/रिपोर्टर अभिसार शर्मा से कुछ बुनियादी सवाल किये गए थे.

बहरहाल यही सवाल ट्विटर पर 'भूमिहार मंत्र' नाम के प्रोफाइल से सभ्य और मर्यादित तरीके से लगातार पूछे भी गए. क्योंकि सवाल पूछना हम दर्शकों का बुनियादी हक है? मसलन जब अभिसार शर्मा ने लिखा : 

@abhisar_sharma उसने क्यो कहा कि हमे ज़हर देकर मार डालो। वो क्यो अपना सिर दीवारो पर मारता है। नोटबंदी और मज़दूर । 8 बजे एबीपी न्यूज़। मेरी ग्राउंड रिपोर्ट 

इसपर हमने लिखा - ‏
@BhumiharMantra Dec 14 @abhisar_sharma अभिसार आपकी ग्राउंड रिपोर्टिंग का तमाशा हम पहले देख और अब यहाँ पढ़ चुके हैं.ग्राउंड रिपोर्टिंग? http://www.bhumantra.com/2016/12/OperationBhumihar.html … 

अभिसार का ट्वीट - 
@abhisar_sharma उसने क्यो कहा नोटबंदी के बाद मुझे ज़हर देदो। यूपी से मेरी ग्राउंड रिपोर्ट 

मैंने लिखा - 
@BhumiharMantra / Retweeted Abhisar Sharma @अभिसार आपकी ग्राउंड रिपोर्ट ज़हर से क्या कम है? दिखा दे तो ज़हर का पैसा भी बच जाएगा। गुड नाईट। 

मेरे इस ट्वीट के बाद अभिसार शर्मा लगता है कि आग-बबूला हो गए और जनाब ने ट्विटर के अंदर उकसाने वाला संदेश भेजा. संदेश कुछ इस तरह से था. संदेश की हिंदी रोमन में थी लेकिन आपकी सुविधा के लिए इसे हम हिंदी में यहाँ लिख देते हैं - 

@abhisar_sharma - भाई आपकी इतनी क्यों सुलग रही है है ऑपरेशन भूमिहार के नाम से? अगर इतनी प्रॉब्लम थी तो कोर्ट में केस क्यों नहीं किये? डर गए थे सब के सब? हिम्मत नहीं थी? क्यों? (Bhai aapki itni kyon sulag rahi hai operation bhumihar ke naam se ? Agar itni problem thee to court me case kyon nahin kiye ? Darr gaye thee sab ke sab ? Himmat nahin thee ? Kyon ?) 

हे ग्राउंड रिपोर्टर अभिसार शर्मा भूमिहार का जवाब तो सुनते जाते, डर गए क्या?


उसके बाद अभिसार अदृश्य हो गए.हमने उनको जवाब देने के लिए संदेश भेजना चाहा तो संदेश नहीं गया.शायद जवाब सुनने से घबरा गए और अपनी सुनाकर नौ दो ग्यारह हो गए.वैसे भी अभिसार की पुरानी आदत है मुंह में माइक ठूंसकर बाईट लेना, जबरन हंगामा करते हुए सवाल पूछना और फिर जवाब सुने बिना ही चलते बनना. बहरहाल हमने जो संक्षिप्त जवाब उनको देना चाहा था वो इस तरह से था - 

@BhumiharMantra सुलगना जायज है जनाब।दिल्ली में पटकथा लिखकर जहानाबाद में रिपोर्टिंग नहीं की जाती।आपकी ग्राउंड रिपोर्टिंग का जवाब ग्राउंड रिपोर्टिंग से ही दी जायेगी।अवार्ड तो मिल ही गया है,सुर्खियां नहीं बटोरने देंगे।इंतजार कीजिये,आपके गढ़ में आपको कलम,बाइट और ग्राउंड रिपोर्टिंग से ही मात देंगे।हां जी हम सब डर गए हैं।दिल्ली से एक मोहरा जो आया था।😊 सादर। 

निष्कर्ष : अभिसार एक ज़िम्मेदार चैनल के एंकर/रिपोर्टर हैं. इनसे अच्छी ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा अच्छी भाषा की भी उम्मीद की जाती है. उन्हें ऐसे बयान और भड़काऊ बातों से परहेज करना चाहिए जिससे किसी जाति की भावना को ठेस पहुँचती हो. जैसे पत्रकारों को सवाल पूछने का हक है वैसे ही दर्शकों को भी ख़बरों को लेकर अपने नजरिये को पेश करने का अधिकार है. लेकिन अभिसार शर्मा ने इसे पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करते हुए बेहद ही आपतिजनक टिप्पणी की और भूमिहार समाज को अपनी सस्ती पब्लिसिटी के लिए उकसाने का प्रयास किया. "डर गए थे, हिम्मत नहीं" ऐसे शब्द इसकी बानगी पेश करते हैं.इससे एक तरफ भू-समाज के प्रति अभिसार शर्मा के दुराग्रह का पता चलता है तो दूसरी तरफ ऑपरेशन भूमिहार किस बदनीयती से किया गया था उसका भी पूरी तरह से कच्चा चिठ्ठा खुलता है. अभिसार शर्मा और ग्राउंड रिपोर्टिंग के नाम पर एबीपी का प्रोपगेंडा 'ऑपरेशन भूमिहार' को खुद उन्होंने ही एक्सपोज कर दिया.

रही बात भूमिहारों की हिम्मत की तो पहले तो मोहरों पर केस करके हम उनको मान नहीं देना चाहते. दूसरा कि ये वक्तव्य देने से पहले अपने ऊपर क्यों देख लेते.वे जहाँ चाकरी करते हैं और जहाँ नहीं भी करते, वहां-वहां आप जैसों को नौकरी कौन देता है? कुछ समझ में नहीं आ रहा हो तो उदय शंकर की तस्वीर देख लेना, हिम्मत दिख जायेगी पगले. फिर आपके चैनल का मास्टर माइंड तो बदल ही गया है.पता ही होगा कि आजकल अकबरनामा चल रहा है. फिर भी समझ में नहीं आता, हिम्मत देखना चाहते हैं तो बताइए दिल्ली में देखेंगे या जहानाबाद में .इत्तिला जरूर कीजियेगा. भूमिहार खातिरदारी अच्छी करते हैं. बस आने से पहले खबर भिजवा जरूर दीजियेगा.  

(भारतीय प्रजातंत्र में गहरी आस्था रखने वाला एक भारतीय नागरिक, जिसकी जाति को बदनाम करने की साज़िश की जाती है और नाम रखा जाता हैं #OperationBhumihar)

ज़मीन से ज़मीन की बात 
 www.bhumantra.com

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