Skip to main content

Posts

Showing posts from December, 2016

आईआरएस अफसर ने किया अभिसार शर्मा को एक्सपोज, NDTV मनी लांड्रिंग

#OperationAbhisar : कहते हैं न कि जिनके घर शीशे के होते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते. कम-से-कम ऑपरेशन का दावा तो नहीं ही करते हैं. एबीपी न्यूज़ के एंकर अभिसार शर्मा का कुछ ऐसा ही हाल है. अपना दामन साफ़ नहीं है और दूसरे के दामन को दागदार बताने चले हैं.लेकिन कहते हैं न कि झूठ के पैर नहीं होते और कितना भी छुपा लो सच सामने आ ही जाता है.

अभिसार शर्मा की काली करतूत का पर्दाफास आखिरकार हो ही गया. आईआरएस अफसर एसके श्रीवास्तव ने एक मीडिया वेबसाईट के संपादक से बातचीत करते हुए अभिसार शर्मा और उनकी पत्नी को को एनडीटीवी मनी लॉन्ड्रीग केस में पूरी तरह से एक्सपोज कर दिया.

आईआरएस अफसर एसके श्रीवास्तव ने बताया कि कैसे एनडीटीवी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने की वजह से अभिसार शर्मा और उनकी पत्नी को विदेश यात्रा की ट्रिप का पैकेज मिला. ये है अभिसार शर्मा की पीत पत्रकारिता का स्याह चेहरा.

लेकिन उससे भी खतरनाक बात ये है कि आईआरएस अफसर एसके श्रीवास्तव ने जब ये सच दुनिया के सामे ले कर आए तो अभिसार ने अपने मीडिया में होने का अनुचित फायदा उठाते हुए कई तरीके से एसके श्रीवास्तव पर दवाब बनाने और उन्हें प…

स्मृति ईरानी ने जब अभिसार शर्मा को चुनौती दी तो सांप सूंघ गया

#OperationAbhisar : अभिसार शर्मा जैसे एंकर फटफटिया एंकर है. अंट-शंट बकेंगे,चुनौती देंगे लेकिन जब आप पलटकर चुनौती देंगे तो फट से रफूचक्कर हो जाएंगे. ऐसे ही एक बहस में जब स्मृति ईरानी से सामना हुआ तो अभिसार कुतर्क करते नज़र आए. 
स्मृति ईरानी उस वक्त शिक्षा मंत्री थी और उनके घर पर रोहित वेमुला मामले को लेकर तोड़-फोड़ हुई थी. उस वक्त जब न्यूज़रूम की माँद में बैठकर अभिसार ने स्मृति ईरानी से अपने चिर परिचित फटफटिया स्टाइल में सवाल पूछी तो स्मृति ईरानी बिफर पड़ी और अभिसार को चुनौती तक दे डाली जिसे बड़ी बेशर्मी से अभिसार झेल गया. 
देखिए तीन मिनट का वीडियो -
ज़मीन से ज़मीन की बात www.bhumantra.com

गिरिराज सिंह समेत तमाम हिन्दुवादी नेताओं को बंगाल के हिंदू नहीं दिख रहे?

-आलोक कुमार,राष्ट्रीय अध्यक्ष,रूद्र सेना- 

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से मात्र 25 किलोमीटर दूर धूलागढ़ में लगातार 3 दिनों से हिंदुओं के घर मंदिर और दुकानों पर बम फेंका जा रहा , लूटपाट हो रही , औरतों और लड़कियों के साथ भद्दा व्यवहार किया जा रहा । क्या इसी दिन के लिए लोगों ने चुना था केंद्र में मोदी सरकार ?? 
हम बंगाल सरकार को दोषी नही मानते क्योंकि उन्होंने हमेशा अपना पक्ष साफ़ रखा की वो मुस्लिमों की रहनुमाई ही करेंगे और वो कर भी रहे हैं । 
सवाल तो उनपर उठेगा जो हिंदुओं की राजनीति करते हैं जो भरोसा दिलाते हैं की हिंदुओं तुम चिंता मत करो हम तुम्हारे साथ हैं , जो खुलकर संसद में अपने आप को सांप्रदायिक बताते हैं , सवाल तो उठेगा उन सभी हिंदूवादी फायरब्रांड नेताओं पर भी जो दिन रात बयानबाजी करते हैं ताकि उनकी कुर्सी बची रहे और लोकप्रियता बढ़ती रहे । 
आज सवाल गिरिराज सिंह जैसे नेताओं पर भी उठेगा जो खुलकर अपने आप को हिंदूवादी कहते हैं ।।
ज़मीन से ज़मीन की बात   www.bhumantra.com

ऑपरेशन भूमिहार वाले अभिसार का चूहे-बिल्ली का खेल तो देखिए #OperationAbhisar

चूहे अक्सर अपने बिल में ही रहते हैं. बिल में रहते हुए ही चूँ-चां करते रहते हैं. मौका देखकर एकांत में निकलते हैं, खाना का टुकड़ा लेते हैं और फिर बिल में कूदकर वापस आ जाते हैं. एबीपी न्यूज़ के एंकर अभिसार का कुछ ऐसा ही हाल है. भूमिहार मंत्र से ट्विटर पर मुठभेड़ के बाद अभिसार अपने बिल में कुछ इस कदर घुसे कि निकलने का नाम तक नहीं ले रहे. तीन दिनों से कोई ट्वीट भी नहीं किया. पहले भूमिहार मंत्र से सवाल किया और जवाब सुने बिना ब्लाक करके फरार हो गए. फिर दूसरे दिनभर भू-समाज के दर्जनों आईडी को ब्लॉक करने में जनाब व्यस्त रहे. सुना है कि वीकेंड खराब होने का राग अलाप रहे हैं. लेकिन लोगों की आईडी ब्लाक करने के अलावा अभिसार आजकल गजब चूहे-बिल्ली का खेल खेल रहे हैं. 
अभिसार ट्विटर के अंदर आकर मैसेज करते हैं और मैसेज करने के बाद ब्लॉक करके फिर बिल में घुस जाते हैं. अजीब कायरता है. ख़ैर आदत पुरानी है. चोरी-छिपे आना और फिर चले जाना, फिर बहादुरी की डींग हांकना. अभिसार ने कल वरुण सिंह के साथ भी ऐसा ही किया, उन्होंने कुछ सवाल किया तो बिल के अंदर से ही अभिसार ने चूँ-चां किया और फिर नौ-दो ग्यारह. सोशल मीडिया पर…

गुजरात में पूरी भव्यता से मिलन समारोह संपन्न, देखिए दो तस्वीरे

गुजरात के वापी जिले में ब्रह्मर्षि ग्राउंड पर आज पूरी भव्यता के साथ भू-समाज का मिलन समारोह संपन्न हुआ. इसमें अच्छी-खासी तादाद में भू-बंधुओं ने शिरकत की और कार्यक्रम को सफल बनाया. गौरतलब है कि कार्यक्रम का आयोजन भूमिहार ब्राहमण वेलफेयर एसोसियेशन ने किया था. कार्यक्रम की दो तस्वीरें -



ज़मीन से ज़मीन की बात
 www.bhumantra.com

#OperationBhumihar का जवाब था #NewsDalalABP

जनरल वीके सिंह ने कभी भारतीय मीडिया के लिए प्रेस्टीटयूट शब्द का इस्तेमाल किया था तो हंगामा मच गया. ट्विटर पर टॉप ट्रेंड में हैशटैग #PRESTITUTE ट्रेंड करने लग गया और ज्यादातर लोग जनरल वी के सिंह के पक्ष में ही हैशटैग पर आ खड़े हुए.'प्रेस्टीटयूट' शब्द अंग्रेज़ी के दो शब्दों प्रेस और प्रॉस्टीट्यूट (वेश्या) को मिलाकर बना है और बिकाऊ मीडिया के संदर्भ में इसका प्रयोग किया जाता है.वैसे भारतीय मीडिया की जो वर्तमान हालत है उसमें जनरल वी के सिंह का मीडिया को प्रेस्टीटयूट कहना कुछ गलत नहीं है. 
एबीपी जैसे न्यूज़ चंनल और अभिसार शर्मा जैसे एंकर/रिपोर्टर इसकी बानगी लगातार पेश कर रहे हैं. आपको जैसा कि ज्ञात ही है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में एबीपी न्यूज़ ने खास राजनीतिक दल के इशारे पर सामाजिक विद्वेष फैलाने की नीयत से भूमिहार जाति को टारगेट करते हुए एक कार्यक्रम 'ऑपरेशन भूमिहार' नाम से चलाया. कार्यक्रम का सार ये था कि जहानाबाद के घोषी विधानसभा क्षेत्र में कमजोर और ग़रीबों को दबंग वोट नहीं देने देते. उन्हें वोट देने के लिए भी दूसरे गाँव स्थित पोलिंग बूथ पर जाना पड़ता है और इन…

पार्टी दफ्तर में लिखी गयी थी 'ऑपरेशन भूमिहार' की पटकथा

2014 के लोकसभा चुनाव में गुजरात से एक लहर चली और उस लहर में यूपी-बिहार सब बह गए. इस लहर के जो साथ चला,उसका बेड़ा पार हो गया और जो खिलाफ गया, उसका सफाया हो गया. समर्थकों ने इसे मोदी लहर का नाम दिया. इस लहर ने यूपी - बिहार में कुछ इस कदर विरोधियों पर कहर बरपाया कि यूपी के 80 सीटों में से 73 सीटों पर तो दूसरी तरफ बिहार के 40 सीटों में से 31 सीटों पर भाजपा गठबंधन ने कब्ज़ा कर विरोधियों को सकते में डाल दिया. ऐसे में बिहार में लालू यादव और नीतिश कुमार दोनों को अपनी राजनीति की नैय्या डूबती नज़र आने लगी.

गौरतलब है कि भाजपा ने जैसे ही नरेंद्र मोदी को पार्टी की तरफ से पीएम पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया, वैसे ही नीतिश कुमार ने जदयू और भाजपा गठबंधन तोड़ लिया. लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन और भाजपा के हाथों मिली करारी शिकस्त से नीतीश इस कदर हिल गए कि धुर विरोधी लालू यादव के साथ जाकर हाथ मिला लिया. लालू यादव तो इसी मौके की ताक में थे ही क्योंकि उन्हें पता था कि अकेले दम पर अबकी बार अपना अस्तित्व बचाना भी मुश्किल काम होगा, जीत तो दूर की कौड़ी है.फिर जुगाड़बाजी की इस राजनीति की तिक…

सामाजिक समरसता के लिए ज़हर है एबीपी जैसे चैनल

-पुनीत कुमार राय- 
एबीपी न्यूज द्वारा दिनांक-14.10.15 को रात आठ बजे एक कार्यक्रम दिखाया गया 'ऑपरेशन भूमिहार' । यह कार्यक्रम एक जाति विशेष को बदनाम कर समाज में जहर घोलने की साजिश थी। न्यूज वालों ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं सामाजिक आंदोलनों में इस जाति के योगदान को अनदेखा कर जिस तरह कुछ भटके हुए लोगों के उदाहरण देकर एवं महज चंद लोगों के फीडबैक के आधार पर जिस घृणापूर्ण हरकत को अंजाम दिया वो सामाजिक समरसता के लिए कदापि उचित नहीं है। इस तरह के दूर्भाग्यपूर्ण कार्यक्रम दिखाने से पहले एबीपी को इस समाज का एक गैर पक्षपातपूर्ण आकलन जरूर कर लेना चाहिए था। इसी समाज में स्वामी सहजानंद सरस्वती जैसे मनिषियों ने जन्म लिया था जिनके योगदान का आकलन शायद इस चैनल के लोगों के बस की बात नहीं है। 
परन्तु इतना तो ये चैनल वाले कर ही सकते हैं कि एेसे कार्यक्रम न दिखा कर उन मनिषियों की आत्मा एवं इस जाति के स्वाभिमान को ठेस न पहुंचाई जाए। अगर आपको कार्यक्रम ही दिखाना था तो इस जाति के सामाजिक योगदान एवं इसकी बौद्धिकता पर दिखाते परन्तु चैनल ने यह न दिखा कर जिस अंदाज में कार्यक्रम दिखाया वह समाज के स…

मोदी जी आपके इस फैसले से भाजपा की उलटी गिनती शुरू हो गयी

एक खत देश के प्रधानमंत्री के नाम 
आदरणीय प्रधानमंत्री जी और माननीय अमितशाह जी,

आपके नोट बदलने के फैसले को हम जनता नें सर आँखों पर बैठाया और सपोर्ट भी खूब किया और लगा कि यूपी चुनाव अकेले इस एक मुद्दे से ही भाजपा जीत जायेगी। लेकिन आपके एक निर्णय ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. 
पॉलिटिकल पार्टियों को अपने खाते में जितनी मर्जी रूपये जमा करने और कोई टैक्स नहीं लगने के फैसले ने हमें बहुत आहत किया है। जनता पहले से ज्यादा जागरूक और सचेत हो गई है और वो इस निर्णय का मतलब बखूबी समझ रही है. आज मै स्वयं दिल्ली के कई इलाके में अपने काम के सिलसिले में गया तो पाया कि हर जगह यही चर्चा की भाजपा की उलटी गिनती शुरू हो गई है।
दरअसल आपके इस एक फैसले ने मोदी सरकार की साख पर बट्टा लगाने का काम किया है। सब जगह यही चर्चा है कि जनता सारे टैक्स दे और नेता उसपर सिर्फ अय्याशी करें। बताएँगे कि सारी सख्ती सिर्फ जनता के लिए हीं क्यों है? 
सर ज़ी न्यूज़ पर अभी डिबेट चल रही थी , उसमें नरसिंम्हा जी पार्टी के तरफ से थे. लेकिन जनता के सवालों ने उनकी बोलती बंद कर दी थी । तो सर अब भी समय है,अगर यूपी और आगे का चुनाव…

अभिसार चैलेंज कर रहा है, बात-बात पर जय भूमिहार का जयकारा लगाने वाले कहाँ गए?

भूमिहार का पतन क्यों और कैसे ? - बाबू अंबुज शर्मा भारत की सबसे volatile प्रजाति गर कोई है तो वो हैं भूमिहार। पूँजीवाद समाजवाद मरकसियावाद ससुरा जो नया दिखा बिना जाँच पडताल के उसमें अपना चोंच घुसायेंगे ,खून पसीना बहायेंगे चाहे वो वाद इनकी ही बैण्ड बजाने वाला क्यों न हो और जब उस वाद रूपी पौधे को सींच कर ये बडा कर देंगे और फल लेने का समय आयेगा तो इन्हें मिलता है बाबा जी का ढुल्लू । 
शुरू से यही होता आया है किन्तु हम कहाँ चेतने वाले है ससुरा जीन जो सामाजिक है। अरे भैया हमारे पुरखे सामाजिक राष्ट्रवादी थे किन्तु पहले साधना स्वाध्याय के द्वारा उन्होने खुद को वैसा बनाया था किन्तु तुम जैसे ही आगे बढने को पहला पायदान पार करते हो लालच , काम क्रोध मद मोह आदि के चंगुल में फंस जाते हो फिर जहाँ से शुरू किये थे उस से भी १०० पायदान नीचे और वंश कुल गोत्र पुरखों का नाम मिट्टी में मिलाया वो अलग। जब तक खुद सधे नहीं हो खाली हो तब तक समाज को क्या घण्टा दोगे ? 
जह्वा मांस मदिरा त्याग किये बगैर रहेगी नहीं, वाणी संयमित है नही, विलायती गर्लफेण्ड के सपने देखोगे, विदेशों में बसने के ख्वाब और भारत में खोजोगे…

उनके लिए जो नहीं जानते 'ऑपरेशन भूमिहार' की कहानी

बिहार विधानसभा (2015) के ठीक पहले एबीपी न्यूज़ ने जहानाबाद के घोषी विधानसभा क्षेत्र को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की. रिपोर्ट का सार ये था कि वहां के मतदाताओं को दबंग प्रत्याशी वोट नहीं देने देते. इस संबंध में वैसे मतदाताओं से भी बात की गयी थी जो अपने पूरे जीवन में एक बार भी वोट नहीं डाल पाए.

रिपोर्ट में कोई खराबी नहीं थी लेकिन रिपोर्ट को सनसनीखेज बनाने के लिए पीत पत्रकारिता का उदाहरण पेश करते हुए बिना आधार के ही कार्यक्रम का नाम 'ऑपरेशन भूमिहार' रख दिया गया जबकि पूरी रिपोर्ट में कहीं भी किसी बाईट में दूर-दूर तक भूमिहार शब्द का उल्लेख तक नहीं है. 
बहरहाल हम यहाँ एबीपी न्यूज़ की उस रिपोर्ट को नीचे चस्पा कर रहे हैं,ताकि इस रिपोर्ट को देखकर भूमिहारों के खिलाफ रची गयी साज़िश का अंदाज़ा आप भी लगा सके. उसके अलावा ढ़ेरों लोग अबतक इस खबर से बेखबर हैं और बार - बार सवाल पूछ रहे हैं. इसलिए ये खबर उनके लिए जो अबतक 'ऑपरेशन भूमिहार' से बाखबर हैं.


ABP NEWS की साईट पर प्रकाशित रिपोर्ट. पूरी रिपोर्ट में भूमिहार शब्द का उल्लेख तक नहीं है. पूरी रिपोर्ट : घोषी के 10 गांव ऐसे हैं जहां आज …

‘अभिसार शर्मा’ की ‘पीत पत्रकारिता’ के नाम ‘रणवीर’ का खुला खत।

डियर अभिसार, (अभिसार शर्मा, एंकर, एबीपी न्यूज़) 
#OperationAbhisar: सुना है आजकल अंग्रेजी के राइटर हो गए हो।। बड़ी खतरनाक अंग्रेजी किताबे लिखते हो जिसपर अंग्रेजी के पत्रकार और असली उपन्यासकार हो-हो करके हँसते हैं।। याद है जब तुमने अपना पहला उपन्यास लिखा था तब पब्लिशर माथा पकड़ कर बैठ गया था।। तुम्हारी टूटी-फूटी हिंदी वाली अंग्रेजी को सलीकेदार अंग्रेजी में कन्वर्ट करने में बेचारे पब्लिशर को नानी याद आ गयी।। लेकिन तुम जुगाड़ू ठहरे, अंग्रेजी लेखक बनकर ही माने।। अब तो तुमने कई किताबें लिख दी।। पाकिस्तान-तालिबान और न जाने क्या-क्या? उम्मीद है ऑपरेशन भूमिहार पर भी लिख ही रहे होंगे।। हम हैं भी लिखने लायक ।। लिखो नक्सलियों में खूब बिकेगा।। ना बिके तो मुझे खत लिखना।। मैं खरीदकर मूंगफली खाने के काम लाऊंगा।। रणवीर इस मामले में दिलदार है।। 
ख़ैर तुमसे एक शिकायत है।। पिछली बार जब तुम जहानाबाद(बिहार) आये तो बताया भी नहीं।। चुपके से आये और चुपके से चले गए।। रिपोर्टर होकर ये चोरी-छिपे का काम क्यों करते हो? बताते तो हम खुद तुम्हे भूमिहारों के टोले में ले जाते।। खूब खातिरदारी करते और हमारी खातिरदारी के …

हे नोटबंदी विरोधी जहानाबाद के इस ATM को देखो!

नोटबंदी पर दिल्ली में जरूर हायतौबा मची हुई है. लेकिन बाहर उतनी कोई मार-मारी नहीं है. होगी भी कैसे सारी कालाबाजारी तो महानगरों में होती है और फिर राहुल-केजरीवाल जैसे महंथ भी तो यही बैठे हैं जो दहाड़ मारने के सिवाए और कुछ करते नहीं और कोई कुछ करता है तो टांग खींचने और मुहिम को असफल करने में जी जान लगा देते हैं. 
बहरहाल हम यहाँ जहानाबाद (बिहार) से आयी दो तस्वीरें आपसे साझा कर रहे हैं जहाँ एटीएम में पैसे तो हैं लेकिन कोई कतार नहीं. यानी नोटबंदी को लेकर विपक्ष के खोखले दावों की पोल खुल गयी. जहानाबाद से आदित्य शर्मा का ट्वीट- Aditya Sharma ‏@aditya_0115 Dec 15 @sardanarohit @sudhirchaudhary sir ye pic jehanabad ke atm ka hai jahan sirf ek hi aadmi the, raaste me mila so soche aapko batate chale pic.twitter.com/hh57Zje7sm
@sardanarohit@sudhirchaudhary sir ye pic jehanabad ke atm ka hai jahan sirf ek hi aadmi the, raaste me mila so soche aapko batate chale pic.twitter.com/hh57Zje7sm — Aditya Sharma (@aditya_0115) December 15, 2016
ज़मीन से ज़मीन की बात  www.bhumantra.com

गुजरात में भव्य स्तर पर 'स्नेह मिलन समारोह' का आयोजन

भूमिहार ब्राहमण देश के कोने-कोने में फैले हैं. वे जहाँ भी गए, अपनी एक खास पहचान बनाई. उस समाज से जितना लिया, उससे अधिक वापस किया. गुजरात के भूमिहार भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अच्छे-खासे भूमिहार गुजरात में बसे हुए हैं और आपस में मिल-जुलकर शांतिप्रिय जीवन जी रहे हैं. खास बात है कि सबमें आपस में जबरदस्त एकता है और इसी एकता,भाईचारे और प्रेम का प्रदर्शन आगामी 18 दिसंबर को किया जा रहा है. 
18 दिसंबर को गुजरात के वापी जिले में ब्रह्मर्षि ग्राउंड पर  भव्य स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है.यह आयोजन वहां की पंजीकृत संस्था 'भूमिहार ब्राह्मण वेलफेयर एसोसियेशन' करवा रही है.उम्मीद की जा रही है कि इस समारोह में अच्छी - खासी तादाद में 'भूमिहार' शामिल होकर आपसी एकता का परिचय देंगे. समारोह के दौरान देश-समाज के ज्वलंत मुद्दों पर भी गहन मंथन होगा. वाकई में ऐसे आयोजन के लिए संबंधित संस्थान और उसके पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं. आमंत्रण पत्र नीचे संलग्न है -
ज़मीन से ज़मीन की बात   www.bhumantra.com

#ऑपरेशन_अभिसार_शर्मा से सुलग गए भाई, ब्लॉक करके नौ दो ग्यारह !

समाचार चैनलों में बैठे कई एंकर/रिपोर्टर अपने आप को खुदा नहीं तो खुदा से कम भी नहीं समझते. ग्राउंड रिपोर्टिंग के नाम पर पहले से तय 'एजेंडा' को थोपना इनका शगल है. अपनी बाते तो कहते हैं लेकिन दर्शकों को सुनने में इनकी नानी मरती है. दिन - रात अधकचरा ज्ञान देने वाले को जब आप ज्ञान देंगे तो वे भाग खड़े होंगे. उन्हें जवाब नहीं सूझता. ऐसे ही पत्रकारों में से एक हैं एबीपी न्यूज़ के एंकर अभिसार शर्मा. आपको पता ही है कि कल ट्विटर पर जब मर्यादित ढंग से हमने उनको उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग को लेकर 'कोट' किया तो उन्होंने ट्विटर के अंदरखाने आकर उकसाने का प्रयास किया ताकि संयम खोकर हम उन्हें मनानुसार जवाब दे. उन्होंने लिखा - 
@abhisar_sharma - भाई आपकी इतनी क्यों सुलग रही है है ऑपरेशन भूमिहार के नाम से? अगर इतनी प्रॉब्लम थी तो कोर्ट में केस क्यों नहीं किये? डर गए थे सब के सब? हिम्मत नहीं थी? क्यों? (Bhai aapki itni kyon sulag rahi hai operation bhumihar ke naam se ? Agar itni problem thee to court me case kyon nahin kiye ? Darr gaye thee sab ke sab ? Himmat nahin thee ? Kyon ?)

इसप…

भूमिहारों की हिम्मत देखना चाहते हैं अभिसार शर्मा,पगले को उदय शंकर नहीं दिखता?

-भूमिहार मंत्र-‏@BhumiharMantra : 

खबरिया चैनल दलाली के सबसे बड़े अड्डे हैं तो इन अड्डों पर ढ़ेरों दलाल भी हैं जो ब्लेजर-सूट-टाई लगाकर दावा तो ग्राउंड रिपोर्टिंग का करते हैं, लेकिन असल में ये दलाली करते हैं.बस पत्रकारिता का चेहरा आगे कर अपना दलाली वाला चेहरा मेकअप के पीछे छुपा जाते हैं.बहरहाल लंबी-चौड़ी भूमिका की बजाए सीधे-सीधे मुद्दे पर आ जाते हैं.मुद्दा एबीपी न्यूज़ के पक्षपाती कार्यक्रम 'ऑपरेशन भूमिहार' से संबंधित है.इस संबंध में भू-मंत्र डॉट कॉम पर खबर भी प्रकाशित की गयी थी जिसमें ऑपरेशन भूमिहार के नाम पर पीत पत्रकारिता कैसे की गयी थी उसका उल्लेख किया गया था और इसे करने वाले एंकर/रिपोर्टर अभिसार शर्मा से कुछ बुनियादी सवाल किये गए थे.
बहरहाल यही सवाल ट्विटर पर 'भूमिहार मंत्र' नाम के प्रोफाइल से सभ्य और मर्यादित तरीके से लगातार पूछे भी गए. क्योंकि सवाल पूछना हम दर्शकों का बुनियादी हक है? मसलन जब अभिसार शर्मा ने लिखा : 
@abhisar_sharma उसने क्यो कहा कि हमे ज़हर देकर मार डालो। वो क्यो अपना सिर दीवारो पर मारता है। नोटबंदी और मज़दूर । 8 बजे एबीपी न्यूज़। मेरी ग्राउ…

राजनीति को दरकिनार कर एकजुट हो रहा है भूसमाज

भूमिहार ब्राहमणों का अतीत गौरवपूर्ण रहा है.परशुराम को अपना इष्टदेव मानने वाली इस जाति को अपनी कर्मठता,भूमिप्रेम और बुद्धिमता के लिए जाना जाता है.आचार्य चाणक्य से लेकर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' और बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ.श्रीकृष्ण सिंह से लेकर स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर तक इस जाति के प्रभुत्व और गौरवपूर्ण इतिहास की कहानी को बताता है.लेकिन समय के साथ भू-समाज की स्थिति पहले जैसी नहीं रही.राजनीति में तो ये एक तरह से हाशिए पर चली ही गयी और राजनैतिक नेतृत्व के नाम पर भी उसके पास एक भी ऐसा चेहरा नहीं जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हो और पूरा समाज उसके नेतृत्व को स्वीकार करता हो.दरअसल इसकी सबसे बड़ी वजह आपसी फूट का होना है.इसी मुद्दे पर भू-समाज के एक 'रणवीर' ने 'भूमंत्र' को एक सकरात्मक मेल किया है जिसमें उनका मानना है कि भूसमाज देर से ही सही, मगर अब एकजुट होकर सकरात्मक दिशा में बढ़ रहा है.पढ़िए उनकी पूरी बात (भू-सेवक):--- 
भूमिहार समाज देर से ही सही,पर एकसूत्र में बंध रहा है : कहा जाता है कि जंगल मे दो शेर एक साथ नही रह सकते| कारण साफ है राजा तो एक ही रहेगा…

गिरिराज सिंह ने केजरीवाल से पूछा,राहुल गांधी को किराए पर दिया है क्या?

गिरिराज सिंह ने एक तीर से किये दो शिकार:

केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ट्विटर पर काफी सक्रिय रहते हैं.अक्सर भाजपा विरोधियों,विपक्ष और मुसलमानों पर हल्ला बोल करते रहते हैं.अभी हाल ही में उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी को निशाना बनाया था.इसी कड़ी में उन्होंने अब निशाने पर अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी को लेते हुए ट्वीट किया है.खास बात ये है कि उन्होंने एक ही ट्वीट से दो शिकार किये हैं.यानी एक ही ट्वीट के जरिए उन्होंने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर व्यंग्य किया है. 
दरअसल अरविंद केजरीवाल ने आशीष खेतान का एक ट्वीट रीट्वीट करते हुए लिखा कि राहुल गांधी के पास यदि पीएम मोदी के खिलाफ सबूत है तो वे संसद के बाहर क्यों नहीं एक्सपोज करते? 
-If Rahul Gandhi actually has papers on Modi ji's personal involvement in corruption, then why doesn't he expose it outside Parl?
इसी को केजरीवाल ने ट्वीट किया और फिर केजरीवाल को गिरिराज सिंह ने ट्वीट करते हुए केजरीवाल को लिखा कि,मैंने सुना है कि आपने 370 पेज वाली प्रूफ वाली बुक राहुल गांधी को किराए पर दी है.
-I have heard that you have rented out…

कुशवाहा के चश्मे से भाजपा को डॉ.अरुण कुमार कैसे दिखेगा?

राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) में आज भले दो फाड़ हो गया है।। लेकिन कभी बड़ी उम्मीदों से पार्टी का गठन किया गया था और इन उम्मीदों को तब और हवा मिली जब लोकसभा चुनाव में तीन सफलताएं हासिल हुई।। गौरतलब है कि ये इस पार्टी का पहला चुनाव ही था और तीन लोकसभा सीटों पर कब्ज़ा कर इसने नीतीश कुमार की जदयू को भी पीछे छोड़ दिया जिसे सिर्फ एक सीट ही हासिल हुआ।। लगा कि जदयू और राजद के विकल्प के तौर पर ये पार्टी बिहार में खड़ी हो सकती है।। लेकिन राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का टकराव अक्सर बड़ी-बड़ी पार्टियों को ले डूबता है और नयी पार्टियों की तो बात ही क्या? वे बनने से पहले ही बिखर जाते हैं।। रालोसपा के साथ भी ऐसा ही हुआ।। उम्मीदों की पार्टी परवान चढ़ने के पहले ही दो फाड़ हो गयी।। 
पार्टी के संस्थापकों डॉ. अरुण कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के टकराव से पार्टी में ऐसी उथल-पुथल मची जो विभाजन के बाद भी अबतक शांत नहीं हुई. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मनमानी का आरोप लगा रहे हैं. लेकिन सब जानते हैं कि उपेन्द्र कुशवाहा कितने महत्वकांक्षी हैं. आपको याद होगा कि बिहार विधानसभा चुनाव के समय पर अपनी पार्टी की तरफ से कुशवाहा ने…

बंदर के हाथ में बिहार,फिर एक बार!

-रणवीर सिंह उर्फ रणवीर कसाई -

परशुराम की बिहार डायरी :बिहार में लालू यादव का शासनकाल अपने चरमोत्कर्ष पर था.सत्ता की सरपरस्ती में अपराध और अपहरण का व्यवसाय सबसे ज्यादा मुनाफे का व्यवसाय बन चुका था.अपराधियों के हौसले बुलंद थे और पूरा प्रांत त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा था.आमजन को छोडिये, स्थानीय पत्रकार तक ख़बरें करने से डरते थे क्योंकि खिलाफ में खबर करने का मतलब सिर्फ मौत और मौत थी.इसलिए ज्यादातर पत्रकार चारण में लगे थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री अपने चिरपरिचित अंदाज़ में उन्हें दुरदुराते रहते थे.लेकिन इसी माहौल में एक ऐसी निर्भीक,बेबाक और विचारोत्तेजक पत्रिका आयी जिसने अच्छों - अच्छों की खटिया खड़ी कर दी.इस पत्रिका का नाम 'विचार मीमांसा' था और इसके एक लेख ने बिहार की तत्कालीन राजनीति पर ऐसा व्यंग्य किया कि सत्तासीन पूरा कुनबा लेख लिखने वाले पत्रकार की जान लेने पर उतारू हो गया.विचार मीमांसा पत्रिका के पत्रकार का नाम 'अखिलेश अखिल' था.इन्होने सीधे-सीधे लालू यादव को आईना दिखाते हुए लेख लिखा और उसका शीर्षक दिया - "बंदर के हाथ में बिहार".उस वक्त ही लालू यादव की चारा घोटाला …

पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं ओवैसी - गिरिराज सिंह

केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने नोटबंदी पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाषण पर एतराज हुए कहा कि ओवैसी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.उन्होंने कहा नोटबंदी पर विपक्ष और असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. ओवैसी खुद धर्म के आधार पर नफरत, घृणा और भेदभाव के प्रतीक हैं और अब पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. देशविरोधी भाषा के लिए ओवैसी को जवाब देना होगा. 
गौरतलब है कि हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन 'मिलाद-उन-नबी' के मौके पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए नोटबंदी पर मोदी सरकार को जमकर कोसा और आलोचना करते हुए यहाँ तक कह डाला कि प्रधानमंत्री को यह भूलना नहीं चाहिए कि जो आज अपने पैसे निकालने के लिए कतारों में लगे हैं, वही लोग चुनावों में वोट देने के लिए भी कतार में लगेंगे.
सरकार पर मुस्लिमों से धार्मिक आधार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए ओवैसी ने कहा कि, "हैदराबाद के पुराने शहर में मुस्लिम बहुल इलाकों में बैंक और एटीएम काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर पीएम में हिम्मत है तो वह इन इलाकों का दौरा करें और देखें क…

ब्रह्मर्षि समाज एकजुट हो जाए तो उत्तरप्रदेश में चुनावी समीकरण बदल जाएगा - चौधरी संजीव त्यागी

उत्तरप्रदेश में चुनावी बयार है.हालाँकि नोटबंदी की वजह से मामला अपेक्षाकृत थोड़ा ठंढा है.लेकिन नया साल आते - आते तक माहौल गरमा ही जाएगा. सभी पार्टियां एड़ी-चोटी का जोर लगायेगी ही. चुनावी बिसात में जातियों का गणित तैयार होगा और उसी हिसाब से टिकटों का बंटवारा भी होगा ही. लेकिन बंटवारे में ब्रह्मर्षि समाज की क्या स्थिति होगी? इसपर अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव त्यागी (कुतुबपुर वाले)कहते हैं कि बिखराव की वजह से आज ब्रह्मर्षि समाज राजनीति में हाशिए पर चली गयी है.यदि सभी एकजुट होकर किसी भी पार्टी के स्वजातीय को वोट देने का संकल्प कर ले तो उत्तरप्रदेश में राजनीतिक समीकरण और ब्रह्मर्षि समाज की राजनीतिक हैसियत में अंतर आ जाएगा. 
चौधरी संजीव त्यागी अपनी इसी बात को सोशल मीडिया पर विस्तार देते हुए लिखते हैं कि, "ब्रह्मर्षि (ब्राह्मण,भूमिहार त्यागी गालव मोहियाल चितपावन अन्य ) प्रत्याशी के विरोध में खड़े प्रत्याशी को पराजय का मुँह दिखा सकते हैं.अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि समाज (त्यागी ब्राह्मण भूमिहार ब्राह्मण गालव मोहियाल, ब्राह्मण वर्ण की 902 उपजातियों) ने राजनीति स…

रणवीर की चिठ्ठी पर लालू फैन गर्माते क्यों हैं,नरसंहार मैंने नहीं शुरू किया था

संदर्भ -लालू यादव के नाम 'रणवीर' का खुला पत्र! आज भू-मंत्र डॉट कॉम पर लालू यादव के नाम रणवीर की खुली चिठ्ठी प्रकाशित हुई. भू-मंत्र के पाठक जानते ही हैं कि रणवीर समय-समय पर देश- समाज के लोगों को चिठ्ठी लिखते रहता है.पूर्व में पीएम मोदी,चचा गिरिराज और हाफ़िज़ सईद को खत के जरिए उसने अपना पैगाम पहुँचाया था.उसी कड़ी में लालू यादव को भी रणवीर ने चिठ्ठी लिखी और क्यों न लिखे दोनों का संबंध भी बहुत पुराना है.बहरहाल इस चिठ्ठी पर विरोधियों को मिर्ची लगना स्वाभाविक ही थी. सो लगा. उसके बाद कई अभद्र टिप्पणियाँ आयी और उलटे-सीधे कुतर्क वाले कमेंट भी किये गए जिसका जवाब देना भी रणवीर ने सही नहीं समझा.लेकिन इसी कड़ी में 'चंदन कुमार' नाम के एक लालू फैन का कमेंट पढकर रहा न गया तो उसे रणवीर की तरफ से जवाब दिया गया. आप भी पढ़िए और विरोधियों की समझ का अंदाज़ा लगाइए. ये भी जानिए कि अंदरखाने में ये भूमिहारों के लिए अपने अनुयायियों में किस तरह का बिन सिर-पैर का जहर भरते हैं. इस आपत्तिजनक कमेंट को सिर्फ इसलिए पोस्ट किया जा रहा है ताकि आप बीमार और अज्ञानी लोगों की मनस्थिति का अंदाज़ा लगा सके. फिर ये …

लालू यादव के भी गुरुदेव हैं अरविंद केजरीवाल

लालू यादव के अपने राजनीतिक फंडे है और उसमें उन्हें महारत हासिल है. कब किसका साथ छोड़ना है और कब गले मिलना है उन्हें बखूबी आता है. उनके राजनैतिक सफरनामे पर दृष्टि डालियेगा तो ऐसे कई उदाहरण पाइएगा. दूर जाने की क्या जरूरत है, वर्तमान गठबंधन सरकार इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. लालू यादव और नीतिश कुमार में विवादों के बाद लठ्ठबंधन हुआ और जब मोदी लहर से आक्रांत हुए तो लालू यादव ने नीतिश का हाथ थामने में देर नहीं लगायी. विश्वस्त सूत्रों की माने तो लालू की तरफ से ही पहले हाथ बढ़ाया गया और गले लगाने में तो वे माहिर है ही. लेकिन इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल उनसे भी बड़े गुरुघंटाल है. वे भी काम खत्म, आदमी खत्म की धारणा पर चलते हैं. अपने छोटे से राजनैतिक करियर में ही उन्होंने कितनों को गले लगाया और फिर झटक दिया.---

लालू यादव को भी उन्होंने इसका ट्रेलर तब दिखाया जब गठबंधन की सरकार में बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ नीतिश कुमार ले रहे थे. उस वक्त देश भर के तमाम भाजपा/मोदी विरोधी नेताओं को शिरकत का न्योता दिया गया था. उसी न्योते पर अरविंद केजरीवाल भी समारो…