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पिताजी के निधन पर गमगीन कन्हैया के चेहरे का नूर !







सहसा यकीन नहीं होता, लेकिन तस्वीर है कि यकीन करने पर मजबूर करती है. आपको जैसा कि पता ही है कि छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में आए कन्हैया के पिता का निधन हो गया था. इस दौरान उनकी तस्वीर भी न्यूज़ मीडिया में आयी थी जिसमें कि वे फूट-फूट कर रो रहे थे. समर्थक और विरोधी सबने दुःख की घड़ी में दुआ की और एक अच्छे इंसान की भी यही निशानी है कि वो ऐसे वक्त पर ऐसी ही संवेदना दिखाए.

लेकिन आज सोशल मीडिया पर फिर से एक तस्वीर आयी है जिसमें पप्पू यादव के साथ वे मिल रहे हैं जो उन्हें सांत्वना देने गए थे.उसी दौरान की ये तस्वीर है जिसे खुद पप्पू यादव ने अपने एफबी पर शेयर किया है. हम ये तस्वीर यहाँ पोस्ट कर रहे हैं. सवाल सिर्फ इतना भर है कि पिता से गम से ज्यादा क्या राजनीति की गर्मजोशी??? देखिये तस्वीर -





ज़मीन से ज़मीन की बात - भू-मंत्र

Comments

Iska baap to yahi hai. Mar gaya vo to padosi tha.
Mauli bhardwaj said…
Kahaniya kumar ek saahshi ya yu kahe to dusaahsi pravirti ka ladka hai,uski khasiyat hai ki ek baar jo thaan le galat ho ya sahi samajik dritikon ki perwah kiye bina uss per chalta jarur hai chahe anjam jo bhi ho,galat ho ya sahi magar apne decision ko daao pe lagakar risk jarur hi leta hai,aur aise maansikta wale logo me kisi k liye bhi khas apnapan,hamdardi,vaabna etc bahut kam paya jata hai wo apne jindagi me bade se bade dukh ko dekh kar bhi dukhi nahi hote aur ander se nahi tut te nahi,to aisa nahi hai ki pita ji ki maut ka dukh kanahiya ko naa hua ho lakin aisa dukh kisi aur k jindagi me hota to sayad wo apne app ko itni jaldi shambhal nahi pata,isliye issme koi aascharya nahi hai aur ek baat hum kisi ka hasta hua chehra dekh ker ye andaja nahi lagaa sakte hai ki wo under se khush hai ya dukhi kyoki aur kahaniya jaise logo ka chehra dekh kar uske mann ko jaan pana to aur muskil hai ye hame samajhna hoga

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