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मोदी के सर्जिकल स्ट्राइक से बर्बाद हो गया भ्रष्टाचार का पाकिस्तान





-परशुराम-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सारे जहाँ में आज वाहवाही हो रही है.काम भी उन्होंने ऐसा ही किया जिसके लिए गजब की इच्छाशक्ति की जरूरत थी. जी हां हम बात कर रहे हैं 500/1000 रुपये के नोटों की जिसपर अकस्मात मोदी सरकार ने प्रतिबंध लगाकर भ्रष्टाचारियों पर ऐसा सर्जिकल स्ट्राइक किया कि वे अबतक सदमे से नहीं उबर सके. वहीं दूसरी तरफ आम नौकरीपेशा आदमी तमाम तकलीफों के बावजूद मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत कर रहा है.

दरअसल मोदी के अचानक लिए इस फैसले का दूरगामी असर पड़ा है. भ्रष्टाचारियों और देशद्रोहियों की एक तरफ कमर टूटी है तो दूसरी तरफ चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देश को बड़ी मार पड़ी है.मोदी के इस सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान तो बर्बाद हो गया है क्योंकि सबसे ज्यादा नकली नोट का कारोबार वही से हो रहा था. इसी नोट से वो हमारी अर्थव्यवस्था पर चोट करता था और आतंकियों और देशद्रोहियों का पोषण करता था.लेकिन मोदी के एक ही वार से ये पूरा नेक्सस ध्वस्त हो गया और साथ ही ध्वस्त हो गया, भ्रष्टाचार का पाकिस्तान. तभी तो लोग कह रहे हैं कि ये है मोदी का मास्टर स्ट्रोक. 

चुनाव में काले धन का इस्तेमाल करने वालों पर भी मोदी ने चोट की है जिसका तत्कालीन असर उत्तरप्रदेश और पंजाब के चुनाव में देखने को मिलेगा. यही वजह है मुलायम सिंह यादव से लेकर मायावती और अरविंद केजरीवाल तक फनफनाये हुए हैं.लेकिन उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे करे तो क्या करे? इसलिए बस एक ही रट लगा रहे हैं कि गरीबों को इससे तकलीफ होगी. लेकिन भाईजान तकलीफ ग़रीबों को नहीं, आपको हो गयी है. गरीब तो बैंक जाकर अपनी समस्या सुलझा सकता है मगर आप अपने कालेधन को लेकर कहाँ जाएंगे? आपके आका पाकिस्तान और चीन भी आपकी इस समस्या को नहीं सुलझा सकते. 

पूरे मामले में एक अहम मुद्दा उस कालेधन का भी है जो मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिए विदेशों से आया था और जिसे ख़बरों और फर्जी आंदोलन में झोंका जा रहा था. उसपर भी रोक लग गयी और वो पूरा पैसा पानी में बह गया. 

यानी कुल मिलाकर मोदी ने एक तीर से कई शिकार कर लिए और पहली बार कालाबाजारी करने वाले रेंगते और ईमानदारी से टैक्स भरने वाले लोग सीना तानकर चल रहे हैं. असली हिन्दुस्तान का सपना अब पूरा हो रहा है. जय हिंद.


ज़मीन से ज़मीन की बात - भू-मंत्र

Comments

Mauli bhardwaj said…
Note bandi ka koi khas faida nahi hua kyoki modi sarkar apne sahyogiyo ka black money white karne ka pura mauka diya uper se swiss or videshi banko me chupaaiya hua black money per koi pahal naa karna,hamare desh ka lakho karoro paisa lekar frod businessman bhag jaa rahe hai aur sarkar chupi saadhe hai,rafale deal me ghotala aur to aur note bandi se sirf aam aadmi ko padeshani aur kuch chote mote business man ko loss laga hai baki bade businessman aaj bhi desh ko loot rahe hai, bihar vidhansabha ke dauran itni rally ki,jitni aajtak koi sarkar ne bhi nahi ki pm ki garima ko bhi dhayan nahi diya,inka manifasto me vikash chhor hindutwa aur beaf etc hota hai,ye sarkar desh chalane layak nahi hai pata nahi kyo iss swarn virodhi desh virodhi bhumihar virodhi sarkar ka aap log bhumantra per paksha me hai?

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