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श्रीकृष्ण जयंती के बहाने कांग्रेस का भाजपा पर हल्लाबोल






नेताओं को यूँ तो बिहार रत्न डॉ.श्रीकृष्ण सिंह की याद नहीं आती और याद आती भी है तो उसमें अपनी राजनीति घुसाने से वे बाज नहीं आते. आज पटना में हुए 129वीं श्रीकृष्ण जयंती समारोह में ऐसा ही कुछ हुआ जब कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. 

पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने बिहार समेत देश को सांप्रदायिक ताकतों से खतरे के प्रति आगाह किया और कांग्रेस के नेतृत्व में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर इस खतरे का मुकाबला करने पर जोर दिया। 

वहीं लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष ऐसा लग रहा था कि जो देश को बांट रहे हैं, वो यहां आकर कब्जा न कर लें, लेकिन बिहार के लोगों ने उन्हें रोक दिया। बिहार के लोग अपने को कम नहीं समझें। लोगों ने साबित किया है कि सिर्फ इतिहास ही महान नहीं है, बल्कि भविष्य में आगे बढ़ने की सूझबूझ भी है। श्रीबाबू ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की नींव रखी। 

कांग्रेस के बिहार प्रभारी सीपी जोशी ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को लेकर चलने वाले व्यक्ति की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है, तभी बिहार का विकास संभव होगा। श्रीकृष्ण सिंह जैसे महापुरुष संगठन व विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध थे। पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने कहा कि श्रीबाबू महान राजनेता थे। आज सेना को भी आरएसएस से प्रभावित बताया जा रहा है। सेना व देश को बचाना होगा नहीं तो देश टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा। 

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शकील अहमद ने कहा कि इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। सावधान रहने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने की। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह, स्वामी हरिनारायणानंद, बह्मर्षी परिषद के महासचिव मंटन सिंह सहित बड़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान प्रस्ताव पारित कर डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की गई।

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