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सेनारी नरसंहार मामले में 15 आरोपी दोषी साबित हुए तो सबूतों के अभाव में 23 हत्यारे बरी






सेनारी नरसंहार मामले में 15 आरोपी हत्यारे साबित हुए तो सबूतों के अभाव में 23 हत्यारे बरी 




सेनारी नरसंहार अपडेट - 34 निहत्थे किसानों की सेनारी गाँव में निर्मम हत्या के मामले में जहांनाबाद के सेशन कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया. फैसले में 15 दोषी साबित हुए तो 23 लोगों को बरी भी कर दिया गया. बरी होने वालों को संदेह का लाभ मिला. 

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय रंजीत कुमार सिह ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन कई अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने में नाकाम रहा. सेनारी नरसंहार 18 मार्च 1999 को हुआ था जब भू-समाज के 34 किसानों को निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया गया था.उनका अपराध इतना भर था कि वे सवर्ण थे. मामले में आरोपी बनाए गए ज्यादातर लोग भाकपा (माओवादी) से जुड़े थे. इस मामले में कोर्ट 15 नवंबर को दोषियों को सजा सुनाएगी. 

न्यायालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभियुक्तों में गौरी मांझी, व्यास यादव तथा दुखन मांझी को छोड़ शेष सभी अभियुक्त अदालत में उपस्थित थे. इनमें दुखन मांझी को रिहा कर दिया गया.लेकिन वमेश सिंह, मुंगेश्वर सिंह, बुधन यादव, बुटाई यादव, सतेंद्र दास, ललन मांझी, गोपाल साव, दुखित पासवान, करीमन पासवान, गोदाई पासावान, उमा पासवान, विनय पासवान, अरविंद कुमार, लालू यादव, गनौरी मोची को कोर्ट ने दोषी ठहराया है. इन सभी लोगों को ईएस एक्ट 148, 302/147, 307/149 और 3/4 के तहत दोषी पाया गया है. 

दूसरी तरफ साक्ष्य के अभाव में मोहम्मद इदरीश, रामविलास यादव, कलमेश यादव, सुरेश यादव, भगलु यादव, नरेश यादव, दुधेश्वर पासवान, देवरत्न यादव, उमा ठाकुर, एन अंसारी, एतवार यादव, कृष्णा यादव, नाथुन यादव, रामशीष यादव, जगदीश यादव, अख्तर कसाई, अजय यादव, राजेंद्र यादव, धनपत मिस्त्री, उदय मिस्त्री, रामेश्वर यादव, दशरथ यादव को कोर्ट ने बरी कर दिया. 

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में चिंता देवी के बयान पर गांव के चौदह लोगों सहित कुल सत्तर नामजद लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. सत्तर आरोपियों में से चार की मौत सुनवाई के दौरान हो चुकी है जबकि 34 का ट्रायल पूरा हो चुका है जिनकी मामले में गिरफ्तारी हो चुकी थी. ये सभी लोग जेल के अंदर हैं. 

फैसले के बाद कुर्था, करपी और बंसी थाना को अलर्ट कर दिया गया है. वहां तनाव का माहौल है और सेनारी गाँव पर नक्सलियों के हमले का खतरा बना हुआ है.



सेनारी नरसंहार मामले में 15 आरोपी हत्यारे साबित हुए तो सबूतों के अभाव में 23 हत्यारे बरी 

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