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Showing posts from January, 2011

पर्यावरण कॉम्प्लेक्स में भू बंधुओं ने मनाया मकर संक्रांति

नई दिल्ली,18 जनवरी,भूमिहार ब्राह्मणों के द्वारा मकर संक्रातिं उत्सव का आयोजन पर्यावरण कॉम्प्लेक्स में किया गया, जिसका उदघाटन माननीय सांसद श्री जयप्रकाश नारायण सिंह ने किया। अपने उदघाटन भाषण में श्री सिंह ने कहा कि भूमिहारों को संगठित हो कर समाज को आगे बढ़ाने में सक्रिय होना होगा। भूमिहार ब्राह्मण राष्ट्र को आगे बढ़ाने में अपना पूरा सहयोग दे सकते है क्योंकि प्रकृति ने भूमिहारों को बुद्धि, विद्या और धन में सम्पन्न बनाया हैं विश्व भूमिहार समाज के अध्यक्ष डॉ प्रियरंजन त्रिवेदी ने कहां कि गॉव के निचले स्तर तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रयास करना होगा। सबके लिए शिक्षा सुलभ होने पर ही समाज में शांति, भाईचारा एवं विकास संभव हो सकेगा। अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री रामनगीना सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न प्रदेशो में भूमिहारों को संगठित कर विकास के लिए कार्य किया जा सकता हैं। अखिल भारतीय भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार शेखर ने कहा कि रचनात्मक सोच के युवाऔं को आगे आना होगा, भूमिहार ब्राह्मण ही परिस्थितियों को बदलने म…

भूमिहार मकरसंक्रांति मिलन समारोह : आमंत्रण

परशुराम कैसे भगवान् है ???

भगवान परशुराम को लेकर कुछ लोग कितने पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं इसका पता फेसबुक पर किये गए इस कमेन्ट से चलता है । इसे किसी क्रांति चमार नाम के प्रोफाईल से किया गया है । इसमें कहा गया है कि "मै यह जानती हूँ कि यह शायद ज्ञात इतिहास का पहला आतंकवादी था पंडा परशुराम,जातिवादी बीज भी उसे ने बोये थे |": आप भी इसे देखें और अपने विचार दें।

परशुराम कैसे भगवान् है ??? by Kranti Chamar on Monday, 10 January 2011 at 22:27

परशुराम कैसे भगवान् है ???

मै यह जानती हूँ कि यह शायद ज्ञात इतिहास का पहला आतंकवादी था पंडा परशुराम,जातिवादी बीज भी उसे ने बोये थे |जहाँतक मैंने बाल्मीकि रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथो को पढ़ा है, तो मुझे एक ही बात समझ बैठी कि बिना परिश्रम किये अपना वर्चस्व बनाये रखने लिए इन पाखंडी तत्वों ने सारे आदर्शो को घसीट लिया |कोई मुझे बताये कि यदि राज- सारथी(शूद्र) संजय नहीं होते तो गीता को कौन सुनाता?? |गीता का वक्ता ब्रह्माण नहीं,उसका श्रोता ब्रह्माण नहीं उसमे ब्रह्माण का कोई जिक्र नहीं ,फिर उसे केवल ब्रह्माण ही पढ़ कर सुनाएगा यह कहाँ से प्रचलन शुरू होगया ??? रामायण …